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मुंबई। मशहूर गजल गायक जगजीत सिंह के सोमवार सबेरे 8 बजे निधन हो गइल, ऊ 70 बरिस के रहलन। कुछ दिन पहिले ब्रेन हेमरेज के बाद उनका के मुंबई के लीलावती अस्पताल में भरती करावल गइल रहे, जहँवा उनकर सर्जरी भी कइल गइल रहे।
भोजपुरी समेत कई गो भारतीय भाषा में आपन गायकी के चलते मील के पत्थर साबित हो चुकल जगजीत सिंह के जन्म 8 फरवरी 1941 के राजस्थान के श्री गंगानगर में भइल रहे। पद्मभूषण से सम्मानित जगजीत सिंह के जलवा 1970- 80 के दशक के दौरान लउकल, जब ऊ अपना पत्नी चित्रा सिंह (जे खुद भी विख्यात गजल सिंगर हई) का संगे मिल के गजल गायकी के एगो नया मुकाम पर पहुँचवलन।
वइसे त उनकर सैकडन गो गीत जन-जन के जुबान पर बाटे, लेकिन तबो ओह में सए ई गजल खास बाडी सन - होठों से छू लो तुम मेरा गीत अमर कर दो, दुनिया जिसे कहते हैं जादू का खिलौना है, तुमको देखा तो ये ख्याल आया, अपनी मर्जी से कहां अपने सफर के हम हैं, पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है, होशवालों को खबर क्या जिन्दगी क्या चीज है आदि। जगजीत सिंह ना सिर्फ गायक रहलन, बल्कि ऊ कंपोजर , ऐक्टिविस्ट अउर उद्योगपति भी रहलन।
कई गो बॉलिवुड के फिल्मन का संगे-संगे भोजपुरी के सुपरहिट फिल्म "पूरब" खातिर भी जगजीत सिंह एगो गीत गवलन, जवन कि खासा चर्चित भइल (गीत के सुने खातिर एहिजा क्लिक करीं)। पूरब के लोगन के आगे बढे के आह्वान करत एह गीत के मुखडा एह तरह से बा - "जब पूरब जागी, त होई सबेरा..."। एह फिल्म के निर्माता एम. मुर्तजा जाफरी जगजीत सिंह के निधन से खासा व्यथित बाडन, अउर आज के दिन के अपना जिनगी के सबसे दुखद दिन बतवलन - "हम सदमा में बानी, आ हमरा आजो याद बा जब जगजीत जी हमनी के फिल्म के गीत के रेकार्डिंग का समय भावुक हो गइल रहनी। उहाँ का कहले रहनी कि हमरा ना पता रहे कि भोजपुरी में एतना बढिया गीत भी होला। अगर भोजपुरी गीतन के स्तर एतना बढिया बा, त हम अउर भी गाना भोजपुरी में गावल चाहेब। भगवान जगजीत सिंह जी के आत्मा के शांति प्रदान करस।"
जगजीत सिंह के निधन पर हमनी का लगे लगातार शोक-संदेश आ रहल बाटे, जवना में भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी, रवि किशन, गायक भरत शर्मा, गीतकार बिपिन बहार अउर अन्य लोग उनका निधन पर दुख व्यक्त कइले बा, अउर परम पिता परमेश्वर से उनका आत्मा के शांति खातिर प्रार्थना कइले बा। भोजपुरिया डॉट कॉम अउर जय भोजपुरी परिवार का ओर से हमनी का भगवान से प्रार्थना कइ रहल बानी जा कि उहाँ के आत्मा के शांति देस, अउर उनका परिवार के एह सदमा के बर्दास्त करे के शक्ति देस।
साभार - भोजपुरिया डॉट कॉम
Comment by Admin on October 10, 2011 at 2:44pm तीन साल पहिले जब जगजीत सिंह पहिला बेर भोजपुरी गाना गवले रहलन, तब ऊ ओह गीत के गाये खातिर कवनो पारिश्रमिक ना लिहले रहलन। हमनी के सहयोगी वेबसाइट भोजपुरिया डॉट कॉम पर ओह समय छपल खबर के एहिजा देखल जा सकेला:
जगजीत सिंह गवले पहिला बेर भोजपुरी गाना
दुनिया भर में फैलल जगजीत सिंह के फैन लोग खातिर एगो नया खबर बा। विश्व-प्रसिद्ध गजल गायक जगजीत सिंह पहिला बेर फिल्म पुरब खातिर एगो भोजपुरी गाना गइलें ह। एह फिल्म में भोजपुरी सुपरस्टार मनोज तिवारी मृदुल मुख्य भूमिका में नजर अइहें।
बात अइसन भइल कि, मुम्बई में जगजीत सिंह के स्टुडियो में फिल्म पुरब के गीतन के मिक्सिंग चलत रहुये, ताले जगजीत जी घुमत- घामत ओहिजा आ गइलन। जवन गाना के मिक्सिंग चलत रहे, उ मनोज तिवारी मृदुल का आवाज में रिकार्डेड रहे। गाना के धुन आ बोल सुन के जगजीत जी कहलन – “मुझे तो पता ही नहीं था कि भोजपुरी में इस स्तर के गीत भी रिकार्ड होते हैं। मैं इस गीत को गाना चाहता हुँ।” इ सुन के स्टुडियो में बैठल लोगन के खुशी के ठिकाना ना रहल।
दु दिन बाद जगजीत जी आके लाल सिन्हा (संगीतकार) के बोलवलन आ कहलन – “आज मैं तुम्हारा गीत गा रहा हुँ।” लाल सिन्हा खुशी का मारे फोन करुअन गीतकार बिपिन बहार के – “बिपिन बाबु, जल्दी गीत लेके आईं। जगजीत जी स्टुडियो में इंतजार करत बाडन।”
इ सुनला का संगे, मानो पांव में पाँख लाग गइल बिपिन के... गीत के रिकार्डिंग जगजीत जी के सुरमयी आवाज में शुरु भईल - ज़ब पूरब जागी, त होई सबेरा...। एह फिल्म के निर्माता बाडे मुर्तजा जाफरी, जबकि एकर निर्देशन अभयादित्य सिंह क रहल बाडे। फिल्म के गीत बिपिन बहार लिखले बाडे, आ ओकरा के अपना संगीत से सजवले बाडे लाल सिन्हा।
एह सब में एगो खास बात इ भी रहल ह कि, अपना जिन्दगी के पहिला भोजपुरी गाना खातिर जगजीत जी कवनो तरह के पारिश्रमिक ना लेहनी ह। (साभार : भोजपुरिया डॉट कॉम)
Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on October 10, 2011 at 3:11pm गजल गायकी के जब जब बात होई तब तब पहिला नाव जगजीत सिंह के लियाई ! हम त अतने जानत बानी की गजल सुने के सुरुवात जगजीते सिंह के गावल गजल से भईल रहे आ आजुओ जब जब हम गजल सुनेनी त जगजीत सिंह के गावल गजल हम जरुर सुनेनी । सांच पुछी त गजल के आम जनमानस के सोझा ले के आवे वाला अगर केहु रहे त उ जगजीत सिंह ही रहलन ! आजु इँहा के हमनी के बीचे नईखी बाकी इँहा के गावल गजल आवे वाली पीढी खाति मार्गदर्सन के रुप मे काम करी !
गजल के संगे गजल के राहि प इहा के गजल हमार अंगुरी धई के चलवलस आ चलावे ले , इहा के गावल गजल संघतिया लेखा कान्ह प हाथ धई के बतियावेली स , एगो प्रेमिका निअन इहा के गजल अंकवारी मे बन्हाईल रहे ले , त एगो अभिवावक लेखा इहा के गजल राही भी देखावेले ।
कोटि कोटि नमन आ लोर भरल आंखि से एह महापुरुस , एह कोहिनुर के परलोक खाति बिदाई !
सम्मान कई गुना हो गईल " पुरब " फिलिम के गावल इहा के गाना के बारे मे सुनि के आ आजु फेरु एगो अउरी चीझु भेटाईल जवना से भोजपुरिया लो घमंड कई सकेला अपना भासा प !
रउवा चली गईनी बाकी राउर आवाज हमनी के दिल मे जनम जनम ले रही !
Comment by Brij bhushan choubey on October 10, 2011 at 3:25pm
Comment by Brij Kishor Tiwari on October 10, 2011 at 3:39pm हमरा लगे, एह बेला पर कहे के कुछहू नईखे .............
सुने में असमर्थ
बोले में असमर्थ
लिखे में असमर्थ
:'( :'( :'(
Comment by Brij Kishor Tiwari on October 10, 2011 at 4:11pm "हुआ रुखसत "साज़ ओ आवाज" से सजाने वाला
रे ग़ज़ल ...............आज तो तू बेवा हो गयी "
सरोज बहिन के लिखल एह लाइन में सब समाहित बा !
Comment by sanjay kumar singh on October 10, 2011 at 4:40pm उजडल सुहाग ग़ज़ल के,बिछ्डल ओकर सच्चा मीत.
आज अपना आत्मा के ना पाके अवाक् भईल संगीत.
ना जाने कौना देश में चल गईलेंन सबके छोड़ के जगजीत.
केहू चाहि के भी ना भूल पाई तोहार अमर गीत.
गजल संसार के अपूर्णीय क्षति, बचपन जेकर ग़ज़ल सुन सुन के जवान भईल.. वो महान सख्सियत के देहांत के खबर सुन के मन के केतना पीड़ा होत बा एकर शब्द में ब्यक्त कईल मुश्किल बा.. एगो अईसन ब्यक्तित्व जेकरा के दुनिया हमेशा नमन करी.भगवान उनका आत्मा के सुख शान्ति दे..
Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on October 11, 2011 at 1:26pm
Comment by amrendra nath tripathi on October 12, 2011 at 8:16pm © 2013 Created by Admin.
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