Come, let's do something for Bhojpuri...
Comment by Shyam Narain Verma on September 22, 2012 at 3:47pm
Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on September 22, 2012 at 3:52pm आशुतोष भाई प्रनाम आ जय भोजपुरी
जबरजस्त आगाज कईनी महाराज , बेजोड लिखनी , भाव से भरल आ मन के बेचैन करे वाला गीत जवन बेचैनी पंजवार जाये खाति बिआ ।
ललकार रचना , जबरजस्त !
चले चले चले के पंजवार !
जय भोजपुरी
Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on September 22, 2012 at 5:55pm प्रणाम भाई जी ,
Comment by jitendra kumar thakur " dev " on September 22, 2012 at 6:00pm आशुतोष भाई प्रनाम
जय भोजपुरी
खींच के आकाश धरती पर झुकावे के बा, आपन माई के हक़ अब दिवावे के बा I
गूंजे चारो दिशा अईसन आवाज उठावे के बा, पत्थर के तोड़ के अब पानी बनावे के बा II
जय भोजपुरी
Comment by Brij Kishor Tiwari on September 22, 2012 at 6:50pm जय हो ........
सुजनी, एह लेखा त.............?
जुटान भईला पर कईसन होई .........
Comment by sanjay kumar singh on September 22, 2012 at 7:11pm जय हो .........
राउर ललकार संवसे भोजपुरिया समाज खातिर प्राणवायु के काम करी ।
जय भोजपुरी
Comment by Vratraj Dubey 'Vikal' on September 24, 2012 at 5:04pm भोजपुरिया आन, बान आ सान से भरल बबुआ आसुतोस रंजन ही के कविता पढ़ के मन गदगद हो गइल। दीढ़ संकल्प आ साधना के सामने भगवानो के झुके के पर जाला तऽ संसद आ संविधान के का औकात बा कि ऊ भोजपुरिया अभियान के रोक ली।
पत्थर के पानी आ रोड़ा के धूर बनावे के ताकत भोजपुरिये माटी से आवेला। अपरी भोजपुरी स्वाभिमान सम्मेलन के अवसर पर पंजीआरे में सब आँइट-गोइट बतिआवे वाला लोगन के पँजीआ के हरदी तेल बोलवा देवे के बा।
भोजपुरी संकल्प इहे बा डेग न अब पाछे जाई।
संविधान में पूजल जइहें जाके भोजपुरी माई।।
जय भोजपुरी, जय भोजपुरिया।
Comment by संजीव सिंह on September 26, 2012 at 12:03pm आशुतोष भईया प्रनाम,
बवाल..., एकदम बवाल बावे ई ललकार। गजब कईले बानी रउआ त...। एही त जोश भरत रहला के काम बावे। मंजील जरूर भेंटाई एक दिन अउर “ऊ” त सुनबे करीहे...। सुनीहे ना त जईंहे कहाँ?
जय भोजपुरी
Comment by Bishwajit yadav on September 26, 2012 at 10:28pm Comment
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