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प्रधानमंत्री पेश कइली भोजपुरिया संस्कृति के मिसाल

जयपुर। अपना भाषा के भुला रहल, अउर अपना संस्कृति के सावर्जनिक प्रदर्शन से आम तौर पर बचे वाली नवहा पीढी खातिर त्रिनिदाद एंड टोबैगो के प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिस्सेसर आज ओह समय एगो नया 'रोल मॉडल' का तौर पर उभर के सामने अइली, जब "प्रवासी भारतीय सम्मान" लिहला के बाद उ आगे बढ के राष्ट्रपति प्रतिभा पटिल के गोड छू लेहली। उनका झुकते साथ राष्ट्रपति आगे बढ के उनका के थाम लेहली अउर गला लगा के आशीर्वाद देहली।
 
ओह समय सभागार में मौजुद हजारन गो अप्रवासी भारतीय अउर भारतीय मूल के लोगन के आपन माटी अउर संस्कार याद आ गइल, अउर तालियन के गडगडाहट के बीच कई लोगन के लोर पोछत देखल गइल। "हमरा एक पल खातिर अइसन लागल, जइसे कि एगो बेटी अपना माई से मिल रहल होखे। एक झटका में ही ऊ हमनी के आपन माटी अउर संस्कारन से जोड देहली," कनाडा से आइल एगो एनआरआई कहलन।
 
प्रधानमंत्री, जे एहिजा पारंपरिक भारतीय परिधान में रहली, एहिजा आपन भाषण के शुरुआत "नमस्ते" से कइली, अउर बीच में "राम-राम" कहला के बाद ओकर समापन "जय हिन्द" से कइली। अपना वक्तव्य में ऊ कहली कि अपना भारतीय संस्कारन का वजह से ही ऊ आज एह पद पर पहुंचल बाडी। उनका व्यवहार से अभिभूत राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल कहली कि "आज केहु बहुत ही करीबी हमनी से मिले आइल बाटे, अउर एहिजा आये खातिर हम उनकर धन्यवाद दे तानी। ऊ अपना देश के पहिला महिला प्रधानमंत्री हई, अउर एह बात पर हर भारतीय के गर्व होखे के चाहीं।"
 
एहिजा ई बतावल जरुरी बा कि त्रिनिदाद एंड टोबैगो के प्रधानमंत्री के पूर्वज लोग बक्सर (बिहार) से रहे, अउर अंग्रेज लोग ओह लोगन के गुलाम बना के एहिजा से ले गइल रहे। एह समारोह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राज्यपाल शिवराजसिंह पाटील, केंद्रीय राज्य मंत्री महादेवसिंह खंडेला अउर राष्ट्रपति के पति देवीसिंह शेखावत समेत भारी संख्या में अप्रवासी भारतीय लोग उपस्थित रहे।

साभार: भोजपुरिया डॉट कॉम

 

 

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Tags: and, pm, tobago, trinidad

Comment by संजीव सिंह on January 10, 2012 at 7:21pm

एडमीन जी प्रणाम,

100-150 बरीस बाद अपना माटी के करीब से देख के अउर ओकरा महक से आन्नदीत के तरह भईल जाला  ई भारतीय मुल के त्रिनिदाद एंड टोबैगो के प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिस्सेसर जी से बढीया केहु नईखे बता सकत। केहु सोचले भी ना होई कि विस्सेसर जी ऐजुगा भारतीय राष्टपति के सामने अपना भोजपुरिया  सभ्यता के दर्शन भी करईहे।

अपना हाव-भाव से लेके भाषण तक ले जवन-जवन ऊँहा के कहले आ कईले बानी साँचो प्रेऱणादायी बा ओकरा खातीर जे अपना माटी अउर भाषा से बिछडल जात बा।

हमार नमन बा अईसन शख्सीयत के।

जय भोजपुरी, जय हिन्द

Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on January 10, 2012 at 9:06pm

एडमिन जी प्रनाम आ जय भोजपुरी

ई तस्वीर एगो ताजा तरीन उदाहरण बिआ , भोजपुरिया माटी के तासीर बतावे खाति , भोजपुरिया खुन मे बसल आदर भाव नेह छोह दुलार प्यार देखावे खाति , भोजपुरिया संस्कृति परम्परा के उत्कृष्ट आ बेहतरीन उदाहरण बा !

त्रिनिदाद टोबैगो एगो अईसन देश ह जहवा पछिम के संस्कृति संस्कार खुब फईलल बा तबो ई तस्वीर ...

गजब

भोजपुरी माटी मे जनम लेहला के गर्व बा हमरा !

जय भोजपुरी जिआ भोजपुरी

Comment by शशि कुमार सिंह (SHASHI) on January 10, 2012 at 9:44pm

एडमिन जी प्रनाम आ जय भोजपुरी,
ई ऐगो आईसन छंन बाs जे केहु के आपना संस्कृति पर गर्व से सिना फ़ुला दी .....
बाकी ऐह छंन मे येह बात कहत हमरा मन मे टीस होत बाs कि आपन सभ्यता संस्कृति के हेतना दुर रहला के बाद भी लोग आपना सभ्यता संस्कृति के केतना करीब बाs लोग.... आ हमनी के आपना सभ्यता संस्कृति के करीब रह के भी केतना दुर हो रहल बनी जा ,........येही जगह आगर हम्नी के समाज से केहु जाइ त हाथ मिलाई आ तनी पढ़्ल-लिखल दिखबे खतिर ईगलिश झाड़ीहे कबो धोखा से भी आपन भाषा न निकल सकेला............,

हामनी के सभ्यता संस्कृति के नींव केतना मजबुत बाटे ओकर येगो उधारण बावे के त्रिनिदाद एंड टोबैगो के प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिस्सेसर जी आज ले ऐह से जुरल बड़े आ गर्व मानत बानी ........

ऐह नींव पर त हम्नी के महल बनवे के चाहि बाकी हम्नी के नींव के भी खोदे मे भीड़ल बानी जा .............

आशा बाs त्रिनिदाद एंड टोबैगो के प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिस्सेसर जी आपन संस्कृति से
लगाव लोगन के मथा पर से दीखाबा आ भ्रम के परत हटाई..............

जय भोजपुरी

Comment by sanjay panday on January 11, 2012 at 11:22am

edmin ji parnam a jai bhojpuri |

bahut neek lagal e photo dekh ke |

kuch na kahab bas garv ba hamara bhojpuria hola par

aa bhojpuri sanskar par | 

jai bhojpuri 

sanjay pandey 

Comment by Brij bhushan choubey on January 11, 2012 at 11:58am

एडमिन जी प्रणाम आ जय भोजपुरी ,

                     बहुत बढ़िया लागल एगो भोजपुरी माटी के जुडल आदमी के सभ्यता सांस्कृति के निभावे के तरीका | सही मे उहाँ  केबहुत बड 
मिसाल देले बानी हमनी के सिख लेबे के चाही | 
Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on January 11, 2012 at 5:33pm

edmin jee pranam ,

 

ehe ha humni ke sanskriti

dekhla ke baad kehu kahi

hardik aabhar eh drishy ke ehija pathawla khatir

jai bhojpuri !

 

Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on January 11, 2012 at 11:12pm

भाषण आपन अंग्रेजिये मे देहली ह , भाईयो अउर बहनो प्रनाम से शुरु कईला के बाद , अब डेढ स साल से बेसी भईल त्रिनिदाद आ टोबैगो एगो अईसन देश जहवा कतने संस्कृति के जुटान भईल , असल मे कमला प्रसाद बिसेसर के , परदादा राम लखन मिश्रा जी 1889 मे बक्सर से " वोल्गा " नाव के जहाज से त्रिनिदाद गईल रहले । कमल प्रसाद बिसेसर के चाचा लगिहे जगदीश मिसिर जी उनुका से इँहा के आजु मिलनी ह !

बिहार के कला और संस्कृति मंत्री " सुखदा पांडे जी लाई से स्वागत करत बाडी ।

जय भोजपुरी

Comment by FAIYAZ AHMAD [RINKU] on January 13, 2012 at 10:56pm

जय भोजपुरी,

भोजपुरिया मट्टी के खुशबु हर भोजपुरिया के एक न एक दिन ज़रूर खीच के ले आवेला|

Comment by Ashutosh Ranjan on January 14, 2012 at 10:02pm

एडमिन   जी    प्रणाम ,

एकरे के कहल जाला की तमाम वीरोधाभाश के बावजूद, समय के मार से लड़त आपन परम्परा के अक्छुण   राखे के मिसाल....हमनी के सिख लेवे के चाँही की आदमी कंही भी चल जाओ, समय आ काल केतनो बदल जाओ आपन परम्परा, आपन संस्क्रीती, आपन वेश भूषा, आपन बोली के जीवित राखे के चाँही.....

जय भोजपुरी

Comment by Chandra Prakash Dubey on January 15, 2012 at 6:34pm

एडमिन जी,

जय भोजपुरी,

एके कहल जाला भाषा आ संस्कृति से मन से कथनी आ करनी (मनसा वाचा कर्मणा ) से लगाव. राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल जी के गोड छुवल संस्कार के प्रति शरधा आ समर्पण देखावत बा. एह सोच के कोटिश नमन बा. करेजा जुडा गईल.

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