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जमशेदपुर। बिहार/उत्तर प्रदेश के सूर्य उपासना के प्रमुख पर्व छठ ना खाली ओहिजा के निवासी लोग मनायेला, बल्कि मारवाड़ी, बंगाली अउर ओडि़या परिवारन का संगे-संगे कुछ मुस्लिम लोगन में भी एकरा प्रति अटूट आस्था बाटे। एह लोगन के कहनाम बा कि जवना मनोकामना के पूर्ति खातिर ई लोग छठ पूजा शुरू कइल, ऊ पूरा हो गइल, जेकरा वजह से एह लोगन के आस्था काफी बढ गइल। आईं, हमनी का समाज के अलग-अलग तबका में छठ मनवला के बारे में बात करीं।
मुस्लिम समाज
अब एकरा से शायद छठी माई के प्रति आस्था के पराकाष्ठा ही कहल जाई कि बिदुपुर (वैशाली जिला) के मोहनपुर गांव के मुस्लिम बस्ती में छठ के गीत गूंज रहल बाटे। समाज के बांटे वालन के चुनौती देय एहिजा कुछ मुस्लिम महिला लोग ईद-बकरीद का जइसहीं भक्ति अउर श्रद्धा के साथ विधि पूर्वक छठ पूजा कइ रहल बा लोग। एह छोटहन मुस्लिम बस्ती में नजमा खातून के रहेला, जहंवा हर साल नियम पूर्वक छठ व्रत कइल जाला। पड़ोस के हिन्दू बहिनन नियन नजमा खुद नहाय-खाय के साथ चार दिवसीय छठ व्रत के अनुष्ठान शुरू कइली।
छठ पर्व के समय एह बस्ती में कदम रखे वाला अनजान लोग छठ गीत के आवाज सुनते ही थम जाला, कुछ लोग ई मान लेवेला कि शायद एह मुस्लिम बस्ती में कवनो हिंदु के घर होई, लेकिन गांव वालन खातिर ई कवनो नया बात नइखे। ओह लोगन के पता बा कि नजमा पूरा श्रद्धा से छठ व्रत करेली। पहिले ऊ व्रत करते समय अकेला पड़ जात रहली, लेकिन अब उनुकर पूरा परिवार उनका संगे रहेला। घर के महिला लोग पूजा खातिर गेहूं धोये-पसारे से लेके प्रसाद तैयार करे, अउर छठ घाट जाये तक में उनकर मदद करेला। शुरुआत में त बस्ती वालन के भी नजमा के ई पर्व कइल खटकत रहे, लेकिन अब केहु के कवनो एतराज नइखे। बस्ती वाला लोग जानेला कि छठी मइया ही नजमा के बेटी के सुना कोख भरले बाडी। नजमा खुद बतावेली कि उनकर बेटी के निकाह के दस-बारह साल हो गइल रहे, लेकिन ओकरा घर में बच्चा के किलकारी ना गूंजल। अपना पडोस के हिन्दू बहिनन से छठी मइया के महिमा के बखान सुनला के बाद ऊ बेटी खातिर मन्नत मंगली। छठी मइया उनकरा फरियाद सुन लिहली, अउर उनका घर में खुशी लवट आइल। नजमा इहो वादा कइली कि जब ले ऊ जीवित रहिहें, व्रत कइल ना छोडिहें।
मारवाड़ी समाज
जमशेदपुर के एगो मारवाड़ी परिवार के शांति देवी जोशी बतावेली कि उनकर हर मनोकामना छठी मइया के कृपा से पूरा भइल बाटे। जब ऊ शादी के बाद रामगढ़ मायके से जमशेदपुर ससुराल अइली, तब एहिजा पूजा ना होत रहे। मायके में उनकर माई हमेशा छठ करस, ओह से ऊ एहिजा शुरु कइ देहली। छठी माई के कृपा तीन गो लइका आ एगो लइकी भइली सन। उनकर बडका लइका मनोज के दूगो लइकी रहली सन, लइका ना रहे। ओकरा खातिर ऊ सात बरिस पहिले व्रत शुरू कइलन, त उनका भी लइका हो गइल, जेकर नांव विशाल बा। लायंस क्लब के पदाधिकारी बैजनाथ जोशी के पत्नी शांति देवी एह साल स्वास्थ्य ठीक ना भइला का वजह से अपना बहू निर्मला के पूजा के भार दे रहल बाडी, जे एह साल से एह परंपरा के आगे बढइहें।
बंगाली समाज
मानगो पारस नगर (जमशेदपुर) निवासी सुभाष चंद्र भट्टाचार्य के पत्नी रीना पिछला 35 साल से छठ पूजा कइ रहल बाडे। ऊ कहली कि हम बेटा भइला के मनौती मंगले रहनी, जवन कि पूरा भइल। अब उनकर बेटा (डॉ. अभिजीत भट्टाचार्य) भी छठ पूजा करेलन, अउर पिछला 11 साल से ऊ दंडवत करत सूर्य देवता के अरघ देवे जालन। रीना भटटाचार्य के कहनाम बा कि उनका घर के छत पर कई गो बंगाली परिवार के महिला लोग छठ पूजा के खरना आदि के अनुष्ठान करेला।
ओडिया समाज
जमशेदपुर स्थित एगो ओडि़या परिवार के नवीन गौड़ हर साल अपना पत्नी कमली देवी का संगे छठ पूजा करेलन। हालांकि ऊ अउर उनकर पत्नी अपना घरे अनुष्ठान ना करेला लोग, लेकिन पड़ोस में रहे वाला छठ व्रती परिवार के पूजा के सामान अउर सूप चढ़ाये खातिर देला लोग। ओकरा बाद छठ के दिने उनुकर पूरा परिवार भगवान भास्कर के अरघ देवे स्वर्णरेखा नदी घाट पर जाला। नवीन कहलन कि पहिले रुपया-पइसा के लेके काफी तकलीफ होत रहे, लेकिन जब से छठी माई से प्रार्थना कइलन, त काम बन गइल।
साभार: भोजपुरिया डॉट कॉम
Comment by sanjay kumar singh on October 31, 2011 at 8:47am एडमिन जी प्रणाम ,
edmin ji parnam a jai bhojpuri |
bahut niman lagal sun ke ,halaki bhojpuria parmpara aisane
ba ki har log har jagah manavela |mumbai me bhi chhath ke din
pata na chalat ki e mumbai ha |chhath mai sabka par apan kripa banavale rakhas |
jai bhojpuri
sanjay pandey
Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on October 31, 2011 at 11:54am एडमिन जी प्रनाम आ जय भोजपुरी
जहवा आजु के घरी समाज जाति धरम छेत्र के नाव प टुटि रहल बा ओजुगे भोजपुरियन के महापर्व छठ पुजा पे संवसे भारत एक ठवे जुडि रहल बा ! का धरम का जाति का छेत्र , सज्जे के लोग छठ पुजा खाति , छठ माई से मनोकामना खाति जुटि रहल बा !
बहुत बरिआर समाचार बा आ ई देखा रहल बा की छठ पुजा पर्यावरण के सम्हारे के संगे संगे आध्यात्मिक पहल के संगे संगे राष्ट्रवाद के पाठ भी पढा रहल बा !
हमरा गर्व बा की छठ माई के आंचर मे हमार जनम भईल बा !
जय भोजपुरी जिआ भोजपुरी
Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on November 1, 2011 at 12:02am pranam admin jee !
bahut sunar sanesh raura pahunchawni humni tak !
eh se pratit hota ki eh parv ke khashiyat ka ba
eh mai sanskriti ke jhalak ke sange sange aastha
vishwash ke jhalak ba .............ehe ego aisan parb h
je me bhagt auru bhagwan aamne saamne rahele !
jai ho aadity narayan jai chhathi maiya
jai bhojpuri jiya bhojpuri !
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