Come, let's do something for Bhojpuri...
सिवान। भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन के दूसरका आयोजन कई मायना में एह तरह के बाकी आयोजनन से अलग रहे। एहिजा हमनी का कार्यक्रम से जुडल कुछ खास-खास बिंदुअन पर चर्चा करे के प्रयास कर तानी।
* मंच पर अनुशासन के मामला में ई कार्यक्रम भोजपुरी के कवनो दोसर कार्यक्रम से बेहतर रहे। उदघाटन के समय खाली उदघाटनकर्ता पाँच गो लइकी लोगन के साथ मंच पर गइलन, जबकि भोजपुरी के कवनो आयोजन के उदघाटन के समय दर्जनन लोग मंच पर चढ जाला। कार्यक्रम के शुरु से अंत ले, एको अवांछित व्यक्ति मंच पर ना लउकल।
* कार्यक्रम के शुरु से अंत ले स्थानीय लोग आयोजकन के बारे में जानल चाहत रहे, लेकिन केहु के कुछ पता ना चलल। जय भोजपुरी परिवार के स्थानीय प्रतिनिधि अउर एह कार्यक्रम के संयोजक संजय कुमार सिंह के त काफी लोग जानत रहे, लेकिन टीम के बाकी सदस्यन के बारे में पूछला पर जबाब मिलल - "आयोजक लोग महत्वपूर्ण नइखे, बल्कि ई आयोजन महत्वपूर्ण बा, अउर सबसे महत्वपूर्ण हवे "भोजपुरी"। अपना के पाछे राख के भोजपुरी के आगे राखे वाला एह कार्यक्रम के लोग दिल खोल के तारीफ कइल।
* एक ओर जहाँ आयोजक लोग मीडिया में आपन नांव अउर फोटो छपवाये खातिर बेचैन रहेला, ओहिजे एह कार्यक्रम में अइसन कई गो पल आइल, जब आयोजक लोग एक दोसरा के आगे करे में लागल रहे। एह घटना पर हैरानी जतावत मीडिया कुछ लोग जब एकर कारण जानल चाहल, त बतावल गइल - "भोजपुरी के नांव पर आपन नांव चमकावल हमनी के मकसद नइखे। हमनी का चाह तानी जा कि हमनी के कार्यक्रम के रिपोर्टिंग के समय कवनो व्यक्ति विशेष के ना, बल्कि भोजपुरी के प्राथमिकता दिहल जाव।" प्रभात खबर के स्थानीय प्रतिनिधि नवीन सिंह परमार के अनुसार अगर भोजपुरी के सब संस्था चलाये वाला लोग एही तरह के नि:स्वार्थ भाव से लाग जाव, त भोजपुरी के आगे बढे से केहु ना रोक सकेला।
* पिछला (जीरादेई) सम्मेलन नियन ही एह बेर भी आयोजन स्थल के बाहर "मेला" लाग गइल रहे, जवना में कई गो ठेला वाला, अउर खोमचा वाला लोग आपन दोकान लगवले रहे। देर रात तक लागल एह दोकानन में काफी भीड भी लउकल।
* वइसे त भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन के पहिलका आयोजन (जीरादेई) में भी महिला लोगन के काफी भीड रहे, लेकिन ई आयोजन एह मामला में कुल्ह रेकार्ड तूर देहलस। भरत शर्मा के टीम के गायिका अराधना सिंह के अनुसार "हम एह तरह के सैकडन गो कार्यक्रमन के हिस्सा रहल बानी, लेकिन दर्शकन के, अउर खास कइ के महिला दर्शकन के जवन भीड, अउर जवन उत्साह एहिजा देखे के मिलल, ऊ एह से पहिले कबो ना देखले रहनी।"
* कार्यक्रम के लेके महिला लोगन के उत्साह के अंदाज एही बात से लगावल जा सकेला कि शायद भोजपुरी कार्यक्रमन में पहिला बेर ऊ लोग ना सिर्फ गीत-संगीत के आनंद लिहल, बल्कि जब अराधना सिंह गावत रहली, तब कुछ महिला लोग मंच के सामने आके उनका के कुछ इनाम भी दिहल। अराधना सिंह खातिर ई एगो नया अनुभव रहे, अउर भोजपुरी के स्टेज शो से आम तौर पर दूरी राखे वाली महिला लोग "आपन" एह प्रोग्राम के हर पल जी लिहल चाहत रहे।
* कार्यक्रम में भीड के कारण एक बेर त अइसन लागल कि कार्यक्रम रोके के पडी। फेर मंच के दाहिना ओर के परदा हटा के ओने से भी देखे के व्यवस्था कइल गइल, तब जाके भीड कुछ कंट्रोल में आइल।
* जय भोजपुरी परिवार के वरिष्ठ सदस्य (आयोजक) लोग ना सिर्फ आम जनता का संगे जमीन पर बइठ के कार्यक्रम के देखल, बल्कि अंत में जब तनि भीड कम भइल, तब ओही जगह पर भरत शर्मा अउर अराधना सिंह के गीतन के नाच के आपन आनंद प्रकट कइल। भोजपुरी के कवनो अउर कार्यक्रम में आयोजकन के आम जनता के साथ बइठल ना देखल जा सकेला।
भोजपुरी के कवनो प्रोग्राम में एतना रात के औरतन के अइसन भीड कबो देखले बानी?
* भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन के मंच पर पुलिस महानिरिक्षक (तिरहुत क्षेत्र) गुप्तेश्वर पाण्डेय काफी भावुक हो गइल रहलन। भावुकता के रौ में बहत ऊ जब मीडिया के कैमरा ओहिजा देखलन, त कहलन कि "कृपा क के एकरा के बंद कइल जाव। हम एहिजा एगो आईजी ना, बल्कि भोजपुरी माई के एगो बेटा का तौर पर आइल बानी।"
* जब पुलिस के नकारात्मक छवि के हवाला देत आईजी कहलन कि लोग ई मान के चलेला कि अगर केहु पुलिस में बा, त ऊ गुण्डा हवे... इंस्पेक्टर हवे त ओह से बीस होई, अउर डीएसपी हवे, त हम कुछ ना बोलब... रउआ लोग खुदे समझ लीं, डीएसपी साहेब एहिजे सामने बइठल बानी, त मैदान ठहाका से गुंज उठल। दर्शकन के बीच पहिला कतार में बइठल डीएसपी साहेब भी एह पर खुद के मुस्कुराये से ना रोक पवलन।
* पंजवार के तुरंत बाद आईजी गुप्तेश्वर पाण्डेय के एगो अउर कार्यक्रम में जाये के रहे। ओहिजा पहुँचते साथ ऊ कहलन - "रउआ लोगन से वादा कइले रहनी ह, ओह से एहिजा आ गइनी ह, ना त हमार दिल त अबो भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन में लागल बा।"
* सम्मेलन में सिवान, जमशेदपुर, बलिया, बनारस, सिवान, छपरा, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पटना, गाजीपुर समेत देश के कोना-कोना से आइल कवि अउर साहित्यकार जुटल रहलन। ओकरा अलावा प्रतिभागियन में भी दुबई आ मॉरीशस समेत दिल्ली, मुंबई, पंजाब, पटना, जमशेदपुर, हाजीपुर, छपरा, गोपालगंज, देवरिया, बलिया, बक्सर अउर ना जाने केतना शहरन के प्रतिनिधि शामिल भइल रहलन।
* ई शायद पहिला बेर रहे, जब एह तरह के कार्यक्रम में भोजपुरी भाषा पर आधारित भोजपुरी में एगो नाटक देखावल गइल। ओकरा के देखते समय ओहिजा मौजुद कई गो साहित्यकार, फिल्मकार, अउर आम लोगन के आँखि भर आइल, अउर ओह लोगन के आपन आपन लोर पोछत देखल गइल।
* "भोजपुरी बोले में लाज काहें" विषय पर भइल परिचर्चा में जब स्कूकी छात्र सब बोलल शुरु कइलन, त साहित्यकार लोगन के प्रतिक्रिया देखे लायक रहे। एगो वरिष्ठ साहित्यकार के अनुसार "एह मंच पर ई जवन सफल प्रयोग भइल, ओह से ई बात त तय बा कि भोजपुरी के भविष्य अब सुरक्षित हाथन में बाटे।"
* एक ओर जहाँ हाल के दिनन में आयोजित भइल कई गो राष्ट्रीय अउर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में कई गो शीर्ष कलाकारन के भागीदारी के बावजुद खाली कुसी लोगन के मुंह चिढावत रहे, ओहिजे भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन में कुर्सी त कुर्सी, ओह मैदान में जमीन पर बइठे, या खडा होखे के भी जगह ना रहे। हालात अइसन रहे कि मैदान के सामने के रोड भी जाम हो गइल, अउर ओकरा ओह पार भी लोगन के भीड लाग गइल। भीड जब काफी बढ गइल त पहिले मैदान में लागल पंडाल के दूनो ओर से खोलल गइल, अउर ओकरा बाद मंच के दाहिना ओर से परदा भी हटा दीहल गइल, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग कार्यक्रम के आनंद ले सको। भीड के ई आलम कई गो वइसन लोगन के सोचे पर मजबूर कइ दिहलस, जे भोजपुरी के सम्मेलन के देखत-देखत आपन जिनगी बिता दिहल।
एह से संबंधित खबर एहिजो देखल जा सकेला:
एक लाख लोग जुटल भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन में
छा गइलन आईजी गुप्तेश्वर पाण्डेय...
मंच पर भावुक भइलन भरत शर्मा
भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन : झलकियां
आपन बात : ई सम्मेलन खास रहल
Comment by Manoj Kumar on December 6, 2011 at 3:43pm प्रनाम आ जय भोजपुरी!
बहुत ही सुंदर, बेजोड, अद्भुत आ यादगार कार्यक्रम...! सम्मेलन के आशातीत सफलता पर भोजपुरिया डाट काम आ जय भोजपुरी परिवार के बहुत-बहुत बधाई आ धन्यवाद.
जय भोजपुरी.
Comment by SUNIT KUMAR RAI on December 6, 2011 at 6:05pm मन हरिहरा गईल पढ़ी के....बहुत बहुत धन्यवाद.....
Comment by संजीव सिंह on December 7, 2011 at 8:46pm बहुत सुनर
मन खुश हो गईल
जय भोजपुरी
Comment by Chandra Prakash Dubey on December 8, 2011 at 7:06pm जय भोजपुरी,
सबकर निश्वार्थ योगदान के नतीजा निमन ही होला. ए सम्मलेन से इ बात सिद्ध हो गईल.
जब पहचान ( भोजपुरिया ) के बात होखे त ब्यक्तिगत पहचान के कवनो माने ना रही जाला. इहो बात सिद्ध हो गईल.
जय भोजपुरी
Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on December 11, 2011 at 4:48am प्रनाम आ जय भोजपुरी एडमिन जी
एक एक चीझु के रउवा नीमन से देखा आ बता देले बानी अपना एह कई गो न्युज से । एगो चीझु हम जोडल चाहब एह मे की लिट्टी चोखा जवन कार्यक्रम के एक दिन पहिले राति खा भईल ओह प भी कुछ लिखाउ :-)
भास्कर भाई के भीरी फोटो बा तनि वोह के भी लोगन के सोझा राखल जाउ :-)
जय भोजपुरी
Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on December 16, 2011 at 1:05pm
Comment by Manoj Kumar on December 16, 2011 at 6:42pm Comment
© 2013 Created by Admin.
You need to be a member of JaiBhojpuri.com to add comments!
Join JaiBhojpuri.com