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Come, let's do something for Bhojpuri...

Sudhir Kumar

आसमान बाकी बा...

एगो सोच रहे, एगो सपना रहे
राह में लेकिन ना केहू अपना रहे
बढत गइनी, आ लोग बतावत गइल
कुछ सही, कुछ गलत राह देखावत गइल
पाँच बरिस बाद भी शायद मुकाम बाकी बा
एह चिरई खातिर त, आसमान बाकी बा.

लोग खिसियाइल बा, त सच से खाली
ढेर गरमाइल बा, काहे कि हम हईं सवाली
अभी भी एह लडाई के कई मुकाम बाकी बा
एह चिरई खातिर त, आसमान बाकी बा.

डेरवाये ला लोगवा, त कइसे डरीं
समझावेला, लेकिन हम का करीं
हमरा दिल में अबो स्वाभिमान बाकी बा.
एह चिरई खातिर त, आसमान बाकी बा.

हम अइसने रहब, केहू कुछूओ कहो
हम लडते रहब, झूठ केहू कहो
अभी त ढेर लोगन के अंजाम बाकी बा
एह चिरई खातिर त, आसमान बाकी बा.

भोजपुरी माई ह हमार, त बोलबे करब
लोग कुछूओ कहे, हम सच पर अडब
चुप कइसे रहीं, दुनिया के भीड में
हमरा माई के मिलल सम्मान बाकी बा
एह चिरई खातिर त, आसमान बाकी बा.

- सुधीर कुमार

Views: 4

Rajesh Kumar Singh Comment by Rajesh Kumar Singh on October 12, 2009 at 10:04pm
Ab Humri lage kawno sabad naikhee ki hum kahi kahee ki Sdhir Jee bahoot kull kaah dehle bani , hum ittne kahab ki aab laag gailaa ke kaam baaa , yeeh Bhojpuriyaa ke haq ekdam mile ke chaahi ,ekra khatir kuchuu ho jawwe
Pankaj Praveen Comment by Pankaj Praveen on October 12, 2009 at 10:21pm
सबसे पाहिले त भोजपुरी माटी के खतिर रउरा ए जस्बात्त के सलाम करत बानी जे अभी त अकेले इ आन्दोलन के जीवित रहले रहनी ,, दुसर आज आप के लिखल कविता पढ़ के विस्वाश नइखे होत जे क्रांति के और सच के लेख लिखे वाला आदमीं एगो कवि भी हो सकेला ..

हमरा माई के मिलल सम्मान बाकी बा
एह चिरई खातिर त, आसमान बाकी बा.

भोजपुरी माटी के खतिर सम्मान के लडाई में हमनी भी आप के साथे बानी ..

राउर
पंकज प्रवीण
नवीन भोजपुरिया ( NB ) Comment by नवीन भोजपुरिया ( NB ) on October 12, 2009 at 10:24pm
हम राउर एह जज्बात के और रउवा भीतरी चल रहल भोजपुरी खातिर एह सौगात के हम अपना रचना में उकेरे के कोशिस करत बानी |

तोहार ई जज्बात हमके जगा देहलस
तोहार ई बात हमके बता देहलस
की नवीन उठा तैयारी करा भोजपुरी खातिर , आपना माई भाषा खातिर
बस इहे बात हमके तोहार कन्धा से कन्धा मिला के चले सिखा देहलस |
लोग बहुते मिली एह राह में हमनी के
केहू रोकी केहू टोकी केहू आँख दिखाई
लेकिन ई मन कबो ना अइसन चीजन से घबराई
काहे से की भोजपुरी की माटी हमनी के निडर हो के चले सिखला देहलस
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एजुगा "मैं" की बात ना होके हमनी के "हम" कहेनी जा
एजूगा दुश्मन से भी जी भर के प्यार करेनी जा
सच बात खातिर अनकर लोगन के व्यंग सहेनी जा
ब़स ई गुण हमनी के ई माटी बता देहलस
लोगन के जी भर के प्यार करे सिखा देहलस |
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लोगन के गर्मी झाडे हमनी के खूब आवेला
लेकिन समय उनका के हमनी से पाहिले बतावाले
हाँ कबो कबो उहाँ लोगन के बोलिया खूब सतावेला
लेकीन सुधीर भाई के हर कदम ई देखा देहलस
भोजपुरी के असल लाल के हवे ई "जय भोजपुरी" बता देहलस
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सुधीर भाई ई हमार अंतिम लाइन हवे तनी ध्यान देब

सुन्दर कन्या के ओठ्लाली के जरुरत का बा
हम भोजपुरी के लाल हाई एह के बतयिला में का बा
अरे राउर हर कदम ओकनी के मुह पे तमाचा रही
अब एह चीज के छुपयिला में का बा

जय जय भोजपुरी के साथ राउर आपन

नवीन
FAIYAZ AHMAD [RINKU] Comment by FAIYAZ AHMAD [RINKU] on October 12, 2009 at 10:27pm
बहुत बढ़िया सुधीर जी, आप ने दिल को छु लेने वाली बात लिखी है/
नवीन भोजपुरिया ( NB ) Comment by नवीन भोजपुरिया ( NB ) on October 12, 2009 at 11:45pm
तोहार सपना अधुरा ना होई
तोहरा एह बात के हमनी के एहसास बा
तू बढ़त जा एह सम्मान के लडाई में
हर कदम पे साथ रहब जा बस ईहें प्रयास बा
तोहरा मुकाम के लडाई में हमनी के जुटल बानी जा
भोजपुरी के बस आपन सम्मान मिल जाऊ इहे आस बा |
तुक्छा लोगन के ऊ चिंता करे ला जेकरा कुछ डर रहेला मरदे
धरती के चीर के चलब जा बस इहे हमनी के प्रयास बा |
गरम ऊ होला जेकरा में कुछ पानी होखे
खिशियाला ऊ जेकरा में कुछ जवानी होखे
कुकुर बिलारी नियन ता ढेर लोग मिली
लेकिन तोहार मंजिल दिलावे के खातिर हमनी के प्रयास बा
अपना स्वाभिमान के बचवले रहा
एह अभिमान के बनवले रहा
गरजे वाला बादर खूब मिलिहे , लेकिन
तूफ़ान से तोहार दोस्ती करा देब जा बस इहे प्रयास बा
कहे वाला कही कही के मरी
भोजपुरी के एहसान केहू न भरी
बस एह भाषा के खातिर तू लागल रहा , काहे से की
अब ता हमनी के बस तहरे से आस बा
तोहार सपना अधुरा ना होई
तोहरा एह बात के हमनी के एहसास बा
तू बढ़त जा एह सम्मान के लडाई में
हर कदम पे साथ रहब जा बस ईहें प्रयास बा
Team Admin Comment by Team Admin on October 13, 2009 at 9:54am
Dil se lagwe aa josh dilawe wala kavita baa..

Bhojpuria pariwar abhari baa aap logan ke

Admin
Manoj Kumar Ojha Comment by Manoj Kumar Ojha on December 2, 2009 at 3:22am
एकदम सही जा रहल बानी....हम देख रहल बानी राउर आग.....एकला चलो रे.....आ देखि काफिला बनल चलल गईल....बहुत आगे प्रगति करब...जय हो...जय भोजपुरी....
ritesh singh Comment by ritesh singh on December 3, 2009 at 5:58am
bhojpuri mai ha hamar, ta bolabe karab.
eehe mati ke haee ta ,chhati taan ke chalabe karam.
avi ta suruaat age dekhi ka hoi, sab log jaan jae mai ke,
bachi na koi.
bhojpuri mai ha hamar ta, bolabe karam.
kuar singh aa mangal pande ke dharti ha,
ta chhati taan ke chalabe karam.

raur ee kavita dil me naya umang jagawela.
maati khatir kuchh kareke naya josh dilawela.
शशि कुमार सिंह (SHASHI) Comment by शशि कुमार सिंह (SHASHI) on February 21, 2010 at 2:41am
sudhir jii tani der se raur rachna ke parni . bhojpuri aa bhojpuria ke vikas khatir raur samarapan i rachana me puri tara jhalakata. ab raua akele na hi hai jai bhojpuria se sara sadasy log raua sath bani.iha par ham navin bhaia ke i lain ke likhab ki
तोहार सपना अधुरा ना होई
तोहरा एह बात के हमनी के एहसास बा
तू बढ़त जा एह सम्मान के लडाई में
हर कदम पे साथ रहब जा बस ईहें प्रयास बा
navin bhaia ke rachana bhi haosala badha rahal baa.
jai bhojpuri

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