एगो सोच रहे, एगो सपना रहे
राह में लेकिन ना केहू अपना रहे
बढत गइनी, आ लोग बतावत गइल
कुछ सही, कुछ गलत राह देखावत गइल
पाँच बरिस बाद भी शायद मुकाम बाकी बा
एह चिरई खातिर त, आसमान बाकी बा.
लोग खिसियाइल बा, त सच से खाली
ढेर गरमाइल बा, काहे कि हम हईं सवाली
अभी भी एह लडाई के कई मुकाम बाकी बा
एह चिरई खातिर त, आसमान बाकी बा.
डेरवाये ला लोगवा, त कइसे डरीं
समझावेला, लेकिन हम का करीं
हमरा दिल में अबो स्वाभिमान बाकी बा.
एह चिरई खातिर त, आसमान बाकी बा.
हम अइसने रहब, केहू कुछूओ कहो
हम लडते रहब, झूठ केहू कहो
अभी त ढेर लोगन के अंजाम बाकी बा
एह चिरई खातिर त, आसमान बाकी बा.
भोजपुरी माई ह हमार, त बोलबे करब
लोग कुछूओ कहे, हम सच पर अडब
चुप कइसे रहीं, दुनिया के भीड में
हमरा माई के मिलल सम्मान बाकी बा
एह चिरई खातिर त, आसमान बाकी बा.
- सुधीर कुमार
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