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दोस्ती का मतलब क्या है , रहे सदा जीवन भर संग ।

दोस्ती
छुप छुप कर आँखें चार हुई , मन में फैली हरियाली ।
पूरा दिन मिलने में बीते , मिलकर होता खुशिहाली ।
मिले बिना चैन नहीं आवे , जो घर में रहे दिवाली ।
खाना पीना मन ना भावे , घर ना कोई रखवाली ।
माता पिता लगे खेती में , बेटी बस पढ़ने जाती ।
राह में एक यार मिल गया , कालेज ना पहुँच पाती ।
पूरा दिन बीते मस्ती में, शाम को घर पहुँच जाती ।
कभी कभी पढ़ने आ जाती , घर किताब में लग जाती ।
जोर पर रहा इश्क का रोग , पेट भारी होने लगा ।
देखा माँ बनने वाली है , अब बहुत कम मिलने लगा ।
रो बोली माँ बाप से मिलो , यार बात टालने लगा ।
यार हँसते दिल में समाया , दिल से दूर रहने लगा ।
मिलना जुलना बन्द हो गया , सुन माँ बाप रह गये दंग ।
मुन्ना आ गया गोद में , लड़की रो हो गयी तंग ।
वर्मा नाता बनकर टूटा , जिन्दगी का बिगड़ा रंग ।
दोस्ती का मतलब क्या है , रहे सदा जीवन भर संग ।
श्याम नारायण वर्मा

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Tags: कविता,

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