सब केहू के प्रणाम,
आसमान के बादल से जब जग में अंधियारा समा जाला
तब दिल के आँगन में कौंधल बिजली से,मन में उजियारा छा जाला,
जब बहे बयार उ आँधी के, जब मडई पलानी ढहा जाला,
तब हिम्मत के एके खम्भा से अमर कहानी लिखा जाला,
जब जाए के होखे लंबा रास्ता, राही जब भुला जाला,
तब प्यार से पकडल एके अंगूरी सही राह दिखा जाला,
जब गम के कोहरा ना छंटे , स्याह उजाला जब हो जाला,
तब उम्मीद के एके किरिन से जिनगी के आस जगमगा जाला,
जब हँसे ले उ हमरी जिनगी पर, हमरो हँसी जब आ जाला,
तब उनुकर हँसी के हिम्मत से जिनगी हसीन बना जाला,
जब विचारन के आँधी में दिल के दरवाजा खुल जाला,
दस्तक दे देला तब कोई, बन के आँशु लिखा जाला,
जब राहे वफ़ा पर चलत चलत कोई बेवफा साथी भेंटा जाला,
तब जख्म निकल के शब्द बने दर्दे दिल के मरहम भेंटा जाला,
जब हँसी ना आवे चेहरा पर, बनावटी हँसी बुझा जाला,
बिन कहले बिन सुनले तब दिल के नमी बुझा जाला.
जय भोजपुरी
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