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"हमरी पीढ़ी पे तो दुई तरफ़ा मार पड़ी बा "

का बताईं..............
हमरी पीढ़ी पे तो दुई तरफ़ा मार पड़ी बा
बचपने में बडवार से अदब सीखे
अबहूँ ,लरिकन अदब सिखावत  हैं
चाईनीज रेस्तरां में चॉप स्टिक कईसे पकड़ा जात है
हमका समुझावत  हैं
कवनो नवा मोबाईल  केमरा हाथ में अवते बुझ जात हैं
अउर हमके हफ्तन ओहका
इहाँ उहाँ टीपे टापे के परत है  
का बताई .......
हमरी पीढ़ी पे त दुई तरफ़ा मार पड़ी बा
 
बियाह के आए त..
सास,जिठान के जीव जुडाय के सेवा  कईली...
मनवा मा एक्के आस रही
कबहूँ हमरो  दिन फिरिहें
हमरो पतोह ऐसहीं  सेवा करिहें
पर आज के जुग  जमाना देखी के इहे बुझात बा ,
पतोहू के सेवा भी हमही के करे क परी
का बताईं..............
हमरी पीढ़ी पे त  दुई तरफ़ा मार पड़ी बा .
............................. :)
जय भोजपुरी
 

Views: 65

Comment by Brij Kishor Tiwari on September 8, 2012 at 7:21pm

जय भोजपुरी आ प्रणाम बहिन ..................
बात त सोरहो आना साच बा ,लेकिन अईसन बात भी नईखे , कुलही संस्कार संस्कार के बात बा .........
 जवन संस्कार रउवा अगिला पीढ़ी के दे रहल बानी ..........ई नौबत ना आई
.
.

ई राउर कविता तक ही ठीक बा ...............आ अईसने होखो

बाकिर राउर ई व्यंग सार्थक बा ....

हा हा हा हा हा .........




Comment by Anoop Srivastava on September 8, 2012 at 7:28pm

सादर प्रणाम,
बढ़ियाँ रचना बा .... बाकी ई समस्या हर पीढ़ी के लोग के एक समय झेले के पड़ेला .....ई झेले वाला समय हमनी के चलत बा .....जय भोजपुरी ।

Comment by Ashutosh Ranjan on September 8, 2012 at 10:11pm

प्रणाम,

जेनेरेसन गैप शायद एकरे के कहल जाला..आ इ हरमेशा से चलल आवत बा..कबो इया बाबा लोग झेलल, अब माई बाबूजी लोग झेलत बा...आ फेर हमनी के झेले के टाईम शुरू हो गईल बा......हालांकि दुनु जेनेरासन थोडा थोडा स्पेस देके जब ताल मेल बईठ लेवेले त इ झेलल भी भी बड़ा आनंदमयी हो जाला.....
बढ़िया रचना.....बढ़िया व्यंग्य....सुन्दर चित्रण....
जय भोजपुरी 
Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on September 8, 2012 at 11:35pm

बहिन प्रनाम आ जय भोजपुरी

का दो लोग फरहर आ एडभांस हो गईल बा !


असल मे सवख आ सुख के परिभाषा बदल गईल बा ! हम दोसरा के का कही हम त खुदे ओहि मे के बानी ।

हरमेसा लेखा बाकि ढेर दिन प एगो बहुत बेजोड रचना रउरा ओरि से पढे के मिलल !

जय भोजपुरी

Comment by Umesh Gautam on September 9, 2012 at 8:41pm
प्रणाम आ जय भोजपुरी । एकदम ठीक कहनी बाकिर बदलाव के त स्वीकार करही के पड़ी । धन्यवाद ।
Comment by jitendra kumar thakur " dev " on September 10, 2012 at 9:16am

saroj didi 

pranam, jai bhojpuri

bhute hi sundar rachna , samaj ke dekh ke ekdam shi ba .ahi se kahal jala ki kabi log samay ke chetera hola.

jai bhojpuri

 

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