Come, let's do something for Bhojpuri...
जय भोजपुरी आ प्रनाम
छाती तानि के खुब घुमले बुआ
अब तनि, माई बाबु,
अपना आजा अठराजा के
थाती सम्हारि के त देखु,
ढाहे गिरावे के बात त
तोरा ओठ से रोजे चुअत रहेला
एक हाली अनका ओठ प,
अपने खाति, इचिका सा
नेह छोह उतारि के त देखु
चनरमा के सबदिना उतरेले
ते अपना गीत गजल मे
एक हाली ओहि चनरमा के
गरीबन के छिपा मे
रोटी निअर उतारि के त देखु
बडा जोम्ह फाटsता तोरा देहि मे
लाम चाकर हो के चलs तारे सरेहि मे
अब तनकी सा अपना के बटोर ले
नीमनका रहनिया के नीमन से खखोर ले
बाउर दिन मे इहे काम आई
बेरा कुबेरा तोरा आगे
सरधा से सभ मुडि नवाई
बाकि,
जे डुबल रहले एह फह फह मे
तs खतम हो जाई जवानी तोर,
बात के बुझले त ठीक, ना तs
थुकहु लायक ना रही कहानी तोर...
जय भोजपुरी
नवीन जी प्रणाम आ जय भोजपुरी,
बहुत नीमन सीख देहले बानी रउआ .... अब ओकरा के सुधरे के पड़ी ...बढ़ियाँ रचना बा ..धन्यवाद आ जय भोजपुरी ।
Comment by Pankaj Praveen on September 7, 2012 at 6:04pm अइसन लोग के लतखोर कहल जाला ...अउर अइसन लोग के कुछ नइखे हो सकत एह दुनिया में ..लोग बेहाया नियन जन्मे ला अउर जब ले रहेला बेहाया बन के ही रहेला ...:)
Comment
© 2013 Created by Admin.
You need to be a member of JaiBhojpuri.com to add comments!
Join JaiBhojpuri.com