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आंख में हजारन गो सपना आ ओ सपना के सांच करे के जज्बा लेके एही साल अप्रैल
महिना में सिवान के संजय जब सउदी अरब खातिर उडान भरलन त उनका तनिको एहसास ना रहे कि मात्र तीन महिना के अंदर उनकर सारा सपना कांच के महल जइसन भहरा जाई लेकिन, दुर्भाग्य से अइसने भइल । आपन आ अपना परिवार के भाग्य के पलटे खातिर देखल गइल संजय के सपना आज उनका साथे साथे सउदी अरब के एगो अस्पताल में छटपटा रहल बा । संजय के आखिरी उम्मीद अपना लोगन से बा । जवना कम्पनी मे उ काम कैलन , काम के दौरान गम्भीर रूप से घायल भइलन ,उहे कम्पनी उनकर बेह्तर ईलाज भी नैखे करावत । अब संजय अपना देश में आवे के चाहत बाडन । उनका परिवार के लोग उनका समाज के लोग अब प्रशासन आ सरकार के साथे साथे भोजपुरिया समाज से आस लगवले बा |
- प्रभात मुहिम
सीवान : मुझे अब लगने लगा कि है कि मैं अपने मुल्क भारत व अपनी मातृभूमि सीवान कभी नहीं लौट पाऊंगा. बड़ी हसरत से मैं सऊदी अरब कमाने आया था, लेकिन एक दुर्घटना ने मेरे जीवन को झकझोर कर रख दिया है.
मैं सुना करता था कि विदेशों में रहने वाले अप्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भारतीय दूतावास पूरी सहायता करता है, लेकिन मुझे कहीं से भी मदद नहीं मिल रही है. यह आपबीती है, जिले के नौतन प्रखंड के गंभीरपुर गांव निवासी कृष्णा सिंह के पुत्र संजय कुमार सिंह की,जो सऊदी अरब के हायल शहर स्थित किंग खालिद अस्पताल के वार्ड नंबर एक के रूम नंबर एस-वन के बेड नंबर 14 पर जीवन व मौत से संघर्ष कर रहा है.
* कैसे पहुंचा हयाल
गौरतलब है कि नौतन प्रखंड के गंभीरपुर गांव निवासी कृष्णा सिंह का पुत्र संजय अपने घर की माली हालत को देखते हुए पिछले अप्रैल महीने में सऊदी अरब कमाने के लिए गया. वहां बेलादीन कंपनी में बेल्डर/ ग्रांडर के रूप में काम करने लगा.
घर के लोग भी इस बात से खुश थे कि अब उनकी आर्थिक समस्या दूर हो जायेगी. लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था. अप्रैल व मई का महीना तो संजय के लिए खुशियां लेकर आया, लेकिन जुलाई की चौथी तारीख संजय के लिए हादसे की तारीख साबित हुई.
दोपहर के वक्त काम के दौरान ही लोहे की एक भारी प्लेट उस जा गिरी, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गयी. उसे कंपनी के लोगों द्वारा हयाल किंग अस्पताल में भरती कराया गया. अस्पताल में भरती कराने के बाद कंपनी ने उसकी जरा-सी भी सुध नहीं ली.
आठ जुलाई को संजय के कुछ मित्र, जो हयाल में रहते हैं, संजय की खोज-खबर लेने कंपनी पहुंचे, जहां से उन्हें घटना की जानकारी मिली. तब वे अस्पताल में पहुंचे, जहां संजय भरती था. उन्होंने तुरंत इसकी सूचना संजय के घर वालों को मोबाइल से दी.
बेटे के साथ घटी घटना की जानकारी होने पर पूरा परिवार सकते में आ गया. संजय ने अपने साथ हुए हादसे की जानकारी सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास को दी, भारतीय दूतावास द्वारा एक बार उनसे संपर्क किया गया, लेकिन अब वह उसका कॉल भी रिसीव नहीं करते.
* वापस आना चाहता है
जीवन व मौत से संघर्ष कर रहा संजय अब अपने वतन लौटना चाहता है. लेकिन उसकी जो स्थिति बनी हुई है, ऐसे में उसे हर संभव मदद की जरूरत है. ‘प्रभात खबर’ ने संजय की पीड़ा को समझते हुए रविवार से मुहिम शुरू की है, ताकि संजय को हर लोगों का पूरा सहयोग मिले.
रविवार को जब प्रभात खबर कार्यालय ने संजय के मोबाइल नंबर 00966-568100241 पर संपर्क किया तो उसने बताया कि डॉक्टर साहनी, जो मिस्र के रहने वाले हैं, उसका इलाज कर रहे हैं, लेकिन वह इलाज से संतुष्ट नहीं है.
* सऊदी अरब के हयाल शहर के अस्तपाल में चार जुलाई से है भरती
* दुर्घटना में टूट गयी है रीढ़ की हड्डी
* भारतीय दूतावास नहीं दे रहा सहयोग
* आपकी मदद संजय को ला सकती है स्वदेश वापस |
सीवान : महाभारत में भी एक संजय था, जिसने हस्तिनापुर के महाराज धृतराष्ट्र को कौरव- पांडव के बीच हो रहे युद्ध का आंखों देखा हाल सुनाया था. वहां भी अपनों से बिछड़ने की पीड़ा थी, अपनों के बीच आने की पीड़ा थी.
जिले के नौतन प्रखंड के गंभीरपुर के संजय की भी यही पीड़ा है. हालांकि ये दोनों उदाहरणों में कई सौ सालों का फर्क है, लेकिन तब भी एक बात जो समान है, वह है अपनों से नहीं मिल पाने की पीड़ा. एक अजनबी देश, जहां बमुश्किल से अपने देश के लोग रहते हैं, वहां जीवन व मौत से जूझना किसी के लिए भी बेहद कष्टदायक होगा.
संजय की पीड़ा को शब्दों में नहीं बयां किया जा सकता. लेकिन अगर खुद को संजय की जगह ऐसी हालात में खड़ा किया जाये तो पीड़ा का कुछ एहसास हो ही जायेगा. कभी अपने सीवान के गांव गंभीरपुर में साथियों के साथ मस्ती करने वाला संजय आज कष्ट के भयंकर दौर से गुजर रहा है.
एक तो पहले ही उसकी रीढ़ की हड्डी टूट चुकी है, जिसका दर्द रह-रह कर उसे कमजोर कर रहा है. बुधवार को संजय से जब संवाददाता ने संपर्क किया तो उसने बताया कि उसकी खोज-खबर लेने कोई भी नहीं पहुंचा है.
बीच-बीच में उसकी आवाज भर आती थी. हालांकि जिला प्रशासन ने संजय की पीड़ा को समझते हुए श्रम संसाधन विभाग को उसे वापस लाने के लिए पत्र प्रेषित किया है. लेकिन चार जुलाई की घटना के एक महीना से अधिक का समय बीतने के बाद भी संजय की वापसी नहीं हो सकी है.
* वापस लाने में आपकी मदद
जीवन व मौत से संघर्ष कर रहा संजय अब अपने वतन लौटना चाहता है. लेकिन उसकी जो स्थिति बनी हुई है, ऐसे में उसे हर संभव मदद की जरूरत है. ‘प्रभात खबर’ ने संजय की पीड़ा को समझते हुए शुरू की गयी मुहिम का आज चौथा दिन है. हमारी यह मुहिम तभी सफल होगी जब जिले के हर कोने से संजय के प्रति आवाज आयेगी ताकि अपने जिले का लाल वापस अपने को बीच आ सके.
* प्रभात मुहिम का चौथा दिन
* सऊदी अरब से संजय ने लगायी गुहार
* एक माह से अधिक का समय गुजरा
- कैसे करें संजय की मदद
संजय को देश वापस लाने के लिए हम यहां कुछ नंबरों का प्रकाशन कर रहे हैं. आप एक जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय देते हुए सऊदी अरब के रैयाद शहर में भारत के राजदूत हामिद अली रॉय से संपर्क कर संजय को वापस ला सकते हैं.
कार्यालय का नाम संपर्क नंबर
भारतीय दूतावास, सऊदी अरब 0096614884144/4884691/4881982/ 0096614884697/4881982( 24 घंटे चालू नंबर)
Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on August 30, 2012 at 9:47pm संजय भाई प्रनाम आ जय भोजपुरी
हमरा देखे से फोन कईला ले ढेर नीमन रही की मेल कईल जाउ आ मेल आईडी बा
Email:
amb.riyadh@mea.gov.in
dcm.riyadh@mea.gov.in
pol.riyadh@mea.gov.in
cons.riyadh@mea.gov.in
hoc.riyadh@mea.gov.in
com.riyadh@mea.gov.in
def.riyadh@mea.gov.in
wel.riyadh@mea.gov.in
pol1.riyadh@mea.gov.in
cul.riyadh@mea.gov.in
adm.riyadh@mea.gov.in
Website URL:
संगे संगे कापी कईल जाउ
Mr. A. K. Warrier,
First Secretary (Com),
Embassy of India,
P.O. Box No. 94387,
Riyadh– 11693.
Tel: 00-966-1-4884206 (Dir)
E-mail: com.riyadh@mea.gov.in
Mr. R. S. Goel,
Second Secretary (Com),
Embassy of India,
P.O. Box No. 94387,
Riyadh– 11693
Tel: 00 966-1-4884144 Ext. 208
Fax : 00-966-1-4884189
E-mail: com.riyadh@mea.gov.in
इंडिया काउंसलेट के मेल आई डी
Email:
आ संगे संगे एह लो के कापी कईल जाउ
एस एम कृष्णा - eam@mea.gov.in
राघवेन्द्र शाश्त्री - adveam@mea.gov.in
Comment by Umesh Gautam on August 30, 2012 at 10:38pm
Comment by शशि कुमार सिंह (SHASHI) on August 31, 2012 at 12:02am प्रणाम आ जय भोजपुरी,
भईया मेल मे का लिखे के बा उहो अगर ऐहिज पोस्ट हो जाव तs नीमन रही आ हमरा हिसाब से ऊ अग्रेजी मे होई तs नीमन रहि. कहेला कि केहु कुछ लिख के भेजी केहु कुछ.सब लोग अगर ऎके नीयन भेजो त ठीक रहि..
Comment by sanjay kumar singh on August 31, 2012 at 8:15am नवीन भाई प्रणाम ,
राउर सुझाव बहुत बढिया बा । इमेल के प्रभाव आ असर हमनी के राजेंद्र बाबू के घडी के निलामी रोकवा के देख चुकल बानी जा । एह प्रकरण में भी उहे अभियान चलावल जाव । रौवा ओजुगा बानी आ ओजा के प्रशासन के बेहतर जानत बानी । एगो मेल ड्राफ्ट करीं जवना के हर जगह भेजल जाव ।
जय भोजपुरी
Comment by Avanish Tiwari on August 31, 2012 at 9:44am संजय भईया प्रणाम आ जय भोजपुर,
एक दुखद समाचार बा, आ एह घड़ी में हमनी के संजय जी के साठ देवे के होई, ताकि उ आपन देश लवट सकिहन..
नवीन भईया बहुते निमन जानकारी देले बानी, बस एक मेल ड्राफ्ट कर के चिपका दी एइजा त हमनियो के भेज सकेम जा...
जय भोजपुरी....
Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on August 31, 2012 at 11:10am प्रणाम संजय भईया जी
sanjay ji parnam a jai bhojpuri |
bahut dukh ke bat ba bhai |
raur sujhav sahi ba navin bhai draft kar de
aur hamani uhe ke aage badha di |
jai bhojpuri
Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on August 31, 2012 at 12:45pm अईसे त हमार अंग्रेजी ओतना टांठ ना ह बाकी हई लिखले बानी , जवना से मैसेज जवन हमनी के दिहल चाहत बानी जा उ दुतावास के लोगन के जरी चली जाई ।
Dear Sir,
I myself from Bihar , and today from Hindi news-paper "Prabhat Khabar " and from social website " Jaibhojpuri.com" ( Link attached ) i come to know that one of our Indian brother Sanjay Kumar Singh who is also from Bihar is badly injured and hospitalize in one of Saudi Arab (KSA ) hospital Hayal King.
Due to unknown place and as he is away from his country and relatives, he is not getting economical and moral support and feeling insecure So he is seeking help from embassy to come back India to his native place.
Sir, i am urging and requesting you to help him to come out from this tragedy.
Yours
महोदय,
मै बिहार का रहने वाला हुँ और कल सुबह जब हिन्दी अखबार प्रभात खबर पढ रहे थे और जब हम www.jaibhojpuri.com पे लाग इन हुये ( लिंक संलग्न है ) तो हमे अपने एक भारतीय भाई संजय कुमार सिंह के बारे मे पता चला जो बिहार के ही रहने वाले है और इस समय वह बुरी तरह घायल होकर सउदी अरब के एक अस्पताल हयाल किंग मे भर्ती है ।
अनजान देश अनजान जगह और अपने घर परिवार और देश से दुर रहने के कारण उन्हे आर्थिक और मानसिक सहायता उपलब्ध नही हो पा रही है इस वजह से वह भारत अपने देश आना चाहते है जो की बिना दुतावास के प्रयास के सम्भव नही है ।
श्रीमान , अतः हम आपसे विनम्र निवेदन करते है की कृपया हमारे भाई संजय जी इस दुखद आपदा से निकलने मे मदद करे ।
आपका
लिंक - http://www.jaibhojpuri.com/profiles/blogs/3634233:BlogPost:418789
Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on August 31, 2012 at 12:57pm हम मेल भेज देले बानी आ शशिओ थरुर के लिख देले बानी । शशि थरुर एह कुल्हि काम मे तनि फरहर हवे आ उनुकर गल्फ मे ( खाडी देश मे ) बरिआर लिंक बडुवे ।
रउवो सभ भेजी , हो सकेला मेल के असर संजय जी के जिनगी बचा देउ आ माई बाबु से मिलवा देउ ।
जय भोजपुरी
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