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लोग काहे भोजपुरी सिनेमा देखो ?
आखिर कब ले लोग भोजपुरी हमार भाषा ह एह प सिनेमा देखो ?
आखिर कब ले छोकराहवा एह से सिनेमा देखिहन स की लार चुवावे के मिली ?
आखिर कब ले भोजपुरिया दर्शक अपना के चोली साया के लगे घुमावत रहिहे ?
आखिर भोजपुरी देखला से का भेटाई ?
का भोजपुरी सिनेमा भोजपुरी देखावत बा ?
का भोजपुरी सिनेमा मे भोजपुरियापन बा ?
का भोजपुरी सिनेमा मे भोजपुरी साज बाज आवाज बा ?
का भोजपुरी सिनेमा भोजपुरिया क्षेत्र मे बनेला ?
का भोजपुरी सिनेमा मे कलाकार लोग बा ?
का भोजपुरी सिनेमा मे भोजपुरी बोले समझे वाला कलाकार लोग बा ?
का भोजपुरी गीत संगीत लिखे वाला लोग भोजपुरिया दर्शक के टेस्ट बुझत बा ?
का भोजपुरी से भोजपुरिया लोगन के जुडाव बा ?
का भोजपुरी बोले पढे सुने देखे के भोजपुरिया लोगन के सवख बा ? अगर नईखे त काहे ?
का भोजपुरिया लोगन के भोजपुरी बोले लिखे पढे सुने मे गर्व बा ?
का भोजपुरी पढला लिखला समझला बुझला से कुछ भेटाई ?
का भोजपुरी से कवनो रोजगार धन्धा भेटाई ?
का भोजपुरी से पढ लिख के दु पईसा भोजपुरिया कमाई ?
का भोजपुरी पढ लिख के आदमी दोसरा जगह रहि पाई ?
ई सवाल अजीब लागी बाकी सांच पुछि त जस जस पलायन होता जस जस लोग भोजपुरी भाषा क्षेत्र से दुर भागत बा तस तस लोगन के भोजपुरी सिनेमा से दुरी बढल जाता । आ रहल सहल कसर पुरा कई रहल बिआ आजु के फुहर पातर भोजपुरी सिनेमा , भठियारा भईल गीत संगीत ।
अब जब आजु के भोजपुरिया लोग भोजपुरी से दुर भागत बा लो त फेरु सिनेमा कब ले मातृभाषा के नाव प लोगन के अपना ओरि टानि ?
सांच कही त भोजपुरी से भोजपुरिया लोगन के दुरी के असर सिनेमा प परत बा , परि रहल बा , आ एहि से भोजपुरिया सिनेमा खलिहा शराबी जुआरी लफुआ लोगन के सिनेमा बनि के रहि गईल बा ।
जवना क्षेत्र के साज बाज लोगन के हिला डोला देत रहलन हा स ओजुगा के लोगन के अब हिले डोले खाति साया साडी ब्लाउज आ दु का दु का के कहे के परत बा ।
जय भोजपुरी
का ई कुल्हि चीजु के वजह से अबो लागत बा की लोग भोजपुरी सिनेमा देखि ?
नविन भाई प्रणाम,
नवीन भाई जी प्रणाम आ जय भोजपुरी,
बहुत सही बात उठवले बानी रउआ, आज भोजपुरी फिलिमन के एकरसता भा एकरूपता आ स्तर अइसन हो गइल बा कि, अगर केहु के देखावे के भी होखे त आदमी ई सोची कि,पहिले हम देख लेईं ठीक होई त देखावल जाई । जब कि सही मायना में देखल जा त भोजपुरी बेल्ट भोजपुरी थीम आ भोजपुरी कलाकारन के लेके तमाम अइसन फिलिम बनल बाड़ी सन जवना के हरओर डंका बाजल बा चाहे ऊ नदिया के पार हो शूल हो अपहरण,गंगाजल, गैंग आफ वासेपुर हो ...ओकर मुख्य तौर पे, तीन गो कारण लउकेला, पहिला ई कि, ऊ हिन्दी फिलिम काहाला दुसरा ई कि, ओकर मार्केटिंग जोरदार होला आ तीसर ई कि, ओकरे साथे नामचीन डायरेक्टर-प्रोड्यूसर-कलाकार के नाम जुड़ल रहेला । आज केतना हिन्दी फिलिम अपना एगो भोजपुरी बेस्ड आइटम साँग के दम पे चल जात बाड़ी सन। भोजपुरिया माटी, भोजपुरिया रस के खूब भजावल जात बा ईहाँ तक कि, कौनो रिएलिटी शो के बात कइल जाव ओमे, लगावेलू तू लिपिस्टिक जरूर होला ....बाकी भोजपुरी फिलिम के बात कइल जा त ऊ शादी कार्ड के फार्मेट नीहर हो गइल बा जवना में खाली नाम-पता आ तारीख बदल जाला ।जबले अलग-अलग मुद्दन पे लीक से अलग हट के भोजपुरी फिलिम बनावे के जोखिम ना लीहल जाई, भोजपुरिया नामचीन लोग ओकर समीक्षा प्रचार-प्रसार ना करी लोग तबले ए क्षेत्र से जुड़ल लोग भेड़ चाल में, शामिल रही आ हमरी-रउरी नीहर लोग अफसोस व्यक्त करत कही .... धन्यवाद आ जय भोजपुरी ।
Comment by Umesh Gautam on August 27, 2012 at 9:24pm Comment
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