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“बुकुवा लगा के”

जेकरा के, हम जोहत रहनी,
बूझत रहनी की बिलाइल बा,
ऊ बुकुवा लगा के फेसवा पे,
फेस-बुकवा पे, उपराइल बा,
ऊ बुकुवा लगा के - - - ।
जब रहे ऊ खस्ता हालि मे,
रहे खात, हमरिये थालि में,
बिना सोचले, कूद जात रहे,
भयवा, हमरे हर बवाल मे,
जहिया लेहसल उधार पइसा,
नाही तहिया से, भेंटाइल बा,
ऊ बुकुवा लगा के - - - ।
रहे लोल, लिखला-पढ़ला मे,
फर-हर, कहानी गढ़ला मे,
मारे टँगरी, साफ, ओही के,
जे रोके, आगे बढ़ला में,
पहिले लउके, दुब्बर-पातर,
अब त नगदे, मोटाइल बा,
ऊ बुकुवा लगा के - - - ।
कहँवा-कहँवा हम ना ढुँढनी,
पुलिस-थाना ले ना चुकनी,
अरे भला हो गूगल बाबा के,
ऊहे भखँले, जइसे पुछनी,
केतनो बदलि ले सीँग बैला,
चीन्हे वाला के, चिन्हाइल बा,
ऊ बुकुवा लगा के - - - ।
जेकरा के, हम जोहत रहनी,
बूझत रहनी की बिलाइल बा,
ऊ बुकुवा लगा के फेसवा पे,
फेस-बुकवा पे, उपराइल बा ..।

धन्यवाद आ जयभोजपुरी,

अनूप

Views: 105

Comment by Umesh Gautam on August 24, 2012 at 8:36pm
अनुप भैया , प्रणाम आ जय भोजपुरी । गर्दा कबार देनी । भोजपुरी के लोग ओछ नजर से ताकता , अब केहुँ हामारा के समझा देबे कि हिन्दी चाहे अँग्रेजी मेँ अइसन कविता लिखा सकेला ? ना त केहुँ अनुवादे क के देख लेबे । भोजपुरी मेँ जवन भाव कबरेला ओकर जवाब कही ना मिली । जय भोजपुरी ।
Comment by Ashutosh Ranjan on August 25, 2012 at 11:29am
अनूप जी प्रणाम,
जेकरा के जोहत रहनी अबे उ उपरायिल बा..हा हा हा....

रौरी कविता, कहानी,रचना, विचार के बारे में हमनी जईसन आदमी का कमेन्ट दिही? हरमेशा लेखां जब्बर......

जय भोजपुरी
Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on August 25, 2012 at 6:03pm

अनुप भाई प्रनाम आ जय भोजपुरी

हा हा हा हा हा हा , हम अब का कही , राउर ई कविता पढि के हमार मेहरारु ठेहुन भर गिल हो गईली ह । बहुत बरिआर आ बेजोड बात कहले बानी, जबरजस्त !

बनत रहे के चाही आवत रहे के चाही , ढीठे आवे दी ।

जय भोजपुरी

Comment by Rajesh Yadav on August 25, 2012 at 7:42pm

Jai Ho...Anup Bhai Jai Bhojpuri,

केतनो बदलि ले सीँग बैला,
चीन्हे वाला के, चिन्हाइल बा,
ऊ बुकुवा लगा के - - - ।

Ekdam lajabab.

 

Sadhuwad aa Jai Bhojpuri.

Comment by Tarkeshwar Rai on August 25, 2012 at 9:53pm

hume bhojpuri ke acha gyan naikhe yeh khatir hum kuch shabd ke matlab janal chahat bani anoop ji se

what is the meaning of : "ऊ बुकुवा लगा के", ऊहे भखँले

Ekdam lajabab. naman ba aap ke lekhni ke, bhagwan se yehi prarthna ba ki raur lekhni yese hi chalat rahe

 

Jai Bhojpuri

Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on August 25, 2012 at 10:52pm

तारकेश्वर जी प्रनाम आ जय भोजपुरी

बुकवा - ई एगो देशी पाउडर ह जवन बेसन के बनेला , दोंगा भा गवना मे कोकडउर आ बुकवा लईकी किहा से कसार के संगे आवेला , कोकडउर खाये खाति होला जवन भुनल आटा के बनेला आ बुकवा मुह देहि प लगावे खाति होला नहाये से पहिले जवना से देहि सुघर चीकन साफ सुथरा रहेले ।


भखँले -मनौती , केहु खाति आसिर्बाद केहु खाति सराप माने कवनो भगवान के नाव धई के कुछ भाखल कुछ मांगल 

अनुप भाई , उमेद बा हम सही होखब, बाकी एने ओने होखे के चानस जरुर बा :-)

जय भोजपुरी

Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on August 26, 2012 at 2:37pm

anoop bhai jee pranam ,

bahut sunar likhni bhai jee

jai ho 

jai bhojpuri 

Comment by Anoop Srivastava on August 27, 2012 at 2:46pm

तारकेश्वर भाई जी प्रणाम,

बुकुआ – ओसिनल सरसों के पीसल लेप - हल्दी, चन्दन भा बेसन के लेप ।
भाखल – बतावल, भविष्यवाणी कइल, मनौती कइल

Comment by Brij Kishor Tiwari on August 27, 2012 at 9:55pm

जय भोजपुरी आ प्रणाम जी ...............
बहुत सुन्दर कविता बनल बा हर बेर लेखा ............

हा हा हा हा ....
जय हो ...

Comment by sanjay panday on August 29, 2012 at 12:42pm

bhaiya parnam aa jai bhojpuri |

sancho jordar ba  aab ka kahi sacho gana bane ke chahi |

jai bhojpuri |

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