JaiBhojpuri.com

Come, let's do something for Bhojpuri...

पिया काहें गिरल बाड़ सबके नजरिया में ।

आन्हीं पानी आवेला कोठरिया में ।
पिया काहें गिरल बाड़ सबके नजरिया में ।
तड़के उठी करेल दारु के कलेवा ।
गाँजा भाग के समझले बाड़ मेवा ।
नशा में झूमेल भरल बजरिया में ।
पिया काहें गिरल बाड़ सबके नजरिया में ।
दिन रात पी के गिरेल दलानी में ।
खोज खबर रहेला ना घूमेल नादानी में ।
रोज बोतल लेके ढहेल डहरिया में ।
पिया काहें गिरल बाड़ सबके नजरिया में ।
केहू समझावे त मजाक उड़ावेल ।
नशा के बड़ाई से नवहन के भरमावेल ।
वर्मा नशा छोड़ आव अँकवरिया में ।
पिया काहें गिरल बाड़ सबके नजरिया में ।
श्याम नारायण वर्मा

Views: 24

Tags: !, गीत

Comment

You need to be a member of JaiBhojpuri.com to add comments!

Join JaiBhojpuri.com

© 2013   Created by Admin.

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service