Come, let's do something for Bhojpuri...
कही गेहूं कही धान के सुगंध बा .
ठंडी जब आवेला सबके कंपावेला,
कौड़ा के आगे सब रात भर बतिआवेला
गोरखनाथ बाबा के खिचडी चढ़ावेला
इलाहबाद संगम में जाके सब डुबकी लगावेला
आवेला जब बसंत मॉस. अमवां पे लागेला मौर हो
हर जगह सरसों के फूलन से. महक जाला गाँव हो
चिक्का कबड्डी और दंगल के खेल निराले बा
गाँव गाँव में सब जीतले का होड़ बड़ा लागेला
जब आईल फागुन मॉस , ढोलन पर देके थाप
उलारा के लहर बधावेला , जियरा के चाप
होली के रंग में .और भंग के संग में
दुश्मन और दोस्त सब. आ जाला मगन में
गर्मी में धरती से उठेला आग जब ,
सतुआ के रस तब भुझावेला प्यास सब
आवेला जब सावन मॉस . झलुआ पड़ेला बाग़
गोरियां सब झूम के, गांवेले कजरी के राग
आवे सबे मिल के कुछ जुगाड़ बनावल जा
एह माटी के सुगंध के जग में फैलावल जा
अजय भोजपुरी
ajay bhaiya parnam |
bahut sunnar rachana bhai ji |
puri bhojpuri ke sanskruti laukat ba |
bahut bahut dhanyavad |
jai bhojpuri |
प्रणाम
धन्यवाद भाई जी ,
Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on August 7, 2012 at 8:07pm अजय भाई प्रनाम आ जय भोजपुरी
बडा दिन के बाद , बाकी बहुते सोन्ह बहुते नीमन बहुते बेजोड !
जबरजस्त लिखनी !
नमस्कार ,जय भोजपुरी नवीन भाई
धन्यवाद , इहवां नाईजीरिया में भी हमनी के भोजपुरी भाई लोग भोजपुरी परिवार के नाम से संगठन बना ले ले बा .. और इ संगठन एक वर्ष पूरा कैलस ह पिछला रविवार के ....
Comment by Tarkeshwar Rai on August 15, 2012 at 9:07pm भाई जी , आप नाईजीरिया में भी भोजपुरी को नहीं भूले इश के लिए आप को धन्यवाद पढ़ कर अच्छा लगा
जय भोजपुरी
Comment
© 2013 Created by Admin.
You need to be a member of JaiBhojpuri.com to add comments!
Join JaiBhojpuri.com