JaiBhojpuri.com

Come, let's do something for Bhojpuri...

भोजपुरिया माटी के तीन गो लाल

भोजपुरिया माटी प तीन गो अईसन लोग के हम जानेनी जेकर बात जेकर लेख जेकर साहित्य तबो ओतने खांटी रहे जतना आजु । तबो मय जगहा उ बात लागत रहे आ आजुओ एह तीनो लोगन के बात , जवन ई लो अपना बेरा अपना घरी कही के गईल बा लो आजुओ ओतने खांटी बा ओतने सही बा ।

ई तीन गो लोग हवे

1- कबीरदास
2- प्रेमचँद
3- भिखारी ठाकुर

ई तीनो लोग अपना अपना तरिका से अपना अपना स्टाईल मे अपना अपना बात से समाज मे फईलल हर ओह चीझु के देखवले बा जवना से समाज तबो उभ चुभ रहे आ आजुओ भरल बडुवे । एह तीनो लो के बात तबो ओतने खांटी रहे जतना आजु बा ।

ई तीनो लोग समाज के तीन अलग अलग चीझु के आ खास कई के समाज मे फईलल बुराई के बहुते नीमन से ओहि समाज के देखवले बा जवना समाज मे ई कुल्हि बुराई फईलल बाडी स । एह तीनो लोग के नीमन बाउर सुने के सहे के मिलल बा बाकी जे जे एक हाली एह तीनो लोगन के लिखल कहल चीझु के पढि ले ले बा उ उ एह तीनो लोगन के दिवाना हो गईल बा ।

आजु हम मुंशी प्रेमचँद जी के याद करत बानी जिनिकर उपन्यास कथा कहानी पढि के सुनि के हम बड भईल बानी , आजुओ अपना क्षेत्र मे सबसे बेसी बिकाये वाला किताब प्रेमचँद जी के ही बाडी स आ जब ले लोग माटी के मोल बुझी रिश्ता नाता मन परी तबले लोग तावा चिमटा आ हामिद के दरद के बुझी आ तब ले लोग प्रेमचँद के इयाद करी ।

 

आ अंत मे हम इहे कहब

 

भोजपुरिया माटी के

तीन गो लाल

जिनका लेख मे लउके

बर्तमान , भविष्य आ भुतकाल

Views: 65

Tags: कबीरदास, जय, ठाकुर, प्रेमचँद, भिखारी, भोजपुरी, माटी, लाल

Comment by Umesh Gautam on July 31, 2012 at 9:47pm
नवीन भईया . प्रणाम । तीनो गुदड़ी के लाल रहे लोग आ अँत तक आपन माटी से जुड़ल रहे लोग । अब इह लोग के बड़ाई मेँ लिखल त सुरज के दीया देखावल बा । जय भोजपुरी ।
Comment by jitendra kumar thakur " dev " on August 1, 2012 at 12:38pm

naven bhaiya 

jai bhojpuri

sahi bat umesh bhai ji kahtani , ki i tino mhabibhutiyan logan ke bare me likhal t suruj ke diya dekhawe ke brabr ba , lekin aapn bichar abhibiykti ke unkra logan ke prti samarpit kail bhut bd bat hola 

jkitendra

Comment by sanjay panday on August 1, 2012 at 12:42pm

bhaiya parnam |

bilkul sahi kahani raua |

kabeer das ji bha munshi ji bha thakur ji javan kahale a likhale

aaj ekdam sach ba a hardam sanch rahi |munshi ji ke kahani kabieer ji ke 

doha bha bhikhari ji bat samaj ke aaina rahe a ba |

bhaut bahut dhanyavad eh log ke yad karave khatir |

jai bhojpuri 

Comment by Umesh Gautam on August 3, 2012 at 8:46pm
जितेन्द्र भाई । हम का लिखनी आ रउरा का समझ गइनी । हामार मतलब रहे कि ईहाँ सभे के जतना बड़ाई कईल जाय कम बा । रउरा तनी सोच लेले रहती कि केहुँ समझदार आदमी अतना महान लोगन प लिखे प रोक ना लगाई । जय भोजपुरी ।

Comment

You need to be a member of JaiBhojpuri.com to add comments!

Join JaiBhojpuri.com

© 2013   Created by Admin.

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service