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अबकि गर्मी के छुट्टी मेँ लखनऊ गईल रही , आपन बड़ भाई के पास । ओहिजा उ केन्द्रिय विद्यालय मेँ शिक्षक बाड़े । एगो अरु बात रउरा सभे के बता दि कि उ भोजपुरी के विलक्षण साहित्यकार हवे । उनुका बारे मेँ श्री गायत्री ठाकुर जी ( भोजपुरी गायक ) कहेनी कि बाबा कँप्युटर हवे । हाँलाकि हमनी के छोट प जब गाना लिखब जा तब झगड़ो खुब करब जा कि हामार गाना निमन त हामार गाना निमन । कबो कबो त ईहो होला कि भोजपुरी दुगोला गवनई मेँ एगो गायक हामार गाना गावेला त एगो उनुकर । माने लड़ाई आज भी जारी बा । उनुकर नाम बता दी शिवानँद मिश्र " शिकारी '' । खैर , अब मुद्दा प आवतानी । भैया लखनऊ एगो किताब दिहले पढे खातिर " कोहबर की शर्त '' । अब जान ली कि एही किताब प दु दु गो फिल्म बनल बा'' नदिया के पार'' अरु ''हम आपके है कौन'' । अब लेखक के बारे मेँ जान ली , ऊहाँ के नाम ह ''आचार्य केशव प्रसाद मिश्र'' । ऊहाँ के बलिया जिला के बलिहार के निवासी रही । अब किताब कतना सुनर बा कईसे बताई ? कतना हम हँसले बानी आ कतना हम रोअले बानी एह किताब के पढी के कईसे बताई ? किताब त हिन्दी मेँ बा बाकि ,बाकी सभ कुछ खाँटी भोजपुरिया बा । त रउरो चँदन आ गुँजा के ई कहानी पढ़ी आ पढी के बताई कि कईसन लागल ? रउरा अईसन लागी की ई कहानी हमरा गाँव के ह । किताब मेँ लिखल सब गाँव बलिया जिला मेँ बा । ई किताब हमरा के बहुत प्रभावित कईलस , एह से सोचनी हा कि रउरो सभे के बता दी । जय भोजपुरी ।

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Tags: उमेश, की, कोहबर, गौतम, पुस्तक, शर्त, समीक्षा

Comment by sanjay panday on July 27, 2012 at 11:43am

ji ham kafi den se kojat bani |

mumbai me naikhe milat ba 

hindi sahitya ratnalay ke kai baar chakkar

katali lekin na milal |

jai bhojpuri 

jai bhojpuri 

Comment by Umesh Gautam on July 27, 2012 at 9:50pm
सँजय भैया , प्रणाम । एह किताब के राजकमल प्रकाशन प्रकाशित कईले बा । पटना , राजकमल प्रकाशन मेँ पता करवनी हा त स्टाँक खत्म बा । रउरो पता करब । जय भोजपुरी ।

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