JaiBhojpuri.com

Come, let's do something for Bhojpuri...

कइसे धनवा रोपाई हो , भरल खेतवा में पानी !

कइसे धनवा रोपाई हो , भरल खेतवा में पानी !
रुके ना कबो आन्हीं पानी , टूटे लागल पलानी !
हवा का झोंका जब आवे , डर से हियरा हिल जावे !,
कौंध के जब दामिनी दमके , धम धम से मन डर जावे !
कईसे रोटी बेलाइ हो , घरवा में घूसल पानी !
नहरी के अब चढ़ल जवानी , नाला करता मनमानी !
कहीं जायेके राह नइखे , गली में बा परेशानी !
कहिया ले छतरी आई हो , बरखा करता मनमानी !
बाढ़ के नजारा दहलावे, कहीं फसल नजर न आवे !
पानी में बहेलन मवेशी , कीट पतंग काटन धावे !
देखी आवे रोवाई हो , बाढ़ करेला मनमानी !
सब नम आँख करी देखेला , बह रहल सगरी कमाई !
भूखे प्यासे रात न बीते , बाढ़ अजब हाल बनाई !
वर्मा घर कइसे चलाईं हो , रब के असरा में बानी !
श्याम नारायण वर्मा

Views: 17

Tags: !, गीत

Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on July 20, 2012 at 2:18pm

नीमन रचना

Comment by Bishwajit yadav on July 20, 2012 at 10:59pm
बहुत सुनर
Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on July 22, 2012 at 1:51pm

 bhai jee pranam ,

bahute sunar 

dhanyawad post khatir .

jai bhojpuri !

Comment

You need to be a member of JaiBhojpuri.com to add comments!

Join JaiBhojpuri.com

© 2013   Created by Admin.

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service