JaiBhojpuri.com

Come, let's do something for Bhojpuri...

देख गिरल बाड़न पी के डहरिया में !

पी के भइल बाइन बम , इ नइखन के से कम !
देख गिरल बाड़न पी के डहरिया में !
ई त बिकल बाड़न नशा के बजरिया में !
खेत बेची के पी गइलन , घरवो के बारी आइल बा !
नशा चढ़ाके दर दर भटके , लोग कहे पगलाइल बा !
बीवी बच्चा मारल फिरेलन , लाज नइखे नजरिया में !
ई त बिकल बाड़न नशा के बजरिया में !
काम धन्धा कवनो ना सिराला , बड़े बड़े बात करेलन !
माई बाप के कमाई गँववलन , मन से बड़का बनेलन !
पाकिट में कुछु नईखे , रोज घूमेलन शहरिया में !
ई त बिकल बाड़न नशा के बजरिया में !
टोला परोसा सब हारल , इनका के समझा के !
सब से गाली गलौज करेलन , डंका बजा के !
हित नात समझाके थाकल , के रोज धरि अँकवरिया में !
ई त बिकल बाड़न नशा के बजरिया में !
बीवी बच्चा के मारल पीटल इनकर काम बा !
पी के कहीं ढ़हल बाड़न , टोला में नाम बदनाम बा !
वर्मा अब कहिया सुधरिहन , डूबेलन बर्बादी के डहरिया में !
ई त बिकल बाड़न नशा के बजरिया में !
श्याम नारायण वर्मा

Views: 36

Tags: !, गीत

Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on July 13, 2012 at 2:44pm

वर्मा भाई जी प्रणाम 

वाह बुहत खूब लिखनी सुनर लिखनी एगो सनेश लिखनी 
बहुत नीमन 
जय भोजपुरी !
Comment by Umesh Gautam on July 14, 2012 at 2:29pm
वर्मा जी , प्रणाम । बहुत सुनर । जय भोजपुरी ।
Comment by Rajnish Kumar Singh on July 19, 2012 at 3:49pm

bahut khub.................

Comment

You need to be a member of JaiBhojpuri.com to add comments!

Join JaiBhojpuri.com

© 2013   Created by Admin.

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service