पी के भइल बाइन बम , इ नइखन के से कम !
देख गिरल बाड़न पी के डहरिया में !
ई त बिकल बाड़न नशा के बजरिया में !
खेत बेची के पी गइलन , घरवो के बारी आइल बा !
नशा चढ़ाके दर दर भटके , लोग कहे पगलाइल बा !
बीवी बच्चा मारल फिरेलन , लाज नइखे नजरिया में !
ई त बिकल बाड़न नशा के बजरिया में !
काम धन्धा कवनो ना सिराला , बड़े बड़े बात करेलन !
माई बाप के कमाई गँववलन , मन से बड़का बनेलन !
पाकिट में कुछु नईखे , रोज घूमेलन शहरिया में !
ई त बिकल बाड़न नशा के बजरिया में !
टोला परोसा सब हारल , इनका के समझा के !
सब से गाली गलौज करेलन , डंका बजा के !
हित नात समझाके थाकल , के रोज धरि अँकवरिया में !
ई त बिकल बाड़न नशा के बजरिया में !
बीवी बच्चा के मारल पीटल इनकर काम बा !
पी के कहीं ढ़हल बाड़न , टोला में नाम बदनाम बा !
वर्मा अब कहिया सुधरिहन , डूबेलन बर्बादी के डहरिया में !
ई त बिकल बाड़न नशा के बजरिया में !
श्याम नारायण वर्मा
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