JaiBhojpuri.com

Come, let's do something for Bhojpuri...

सबके सादर प्रणाम !

" मौत के खेला "

कौनो इन्सान के जनम लेहला से लेके मुअला लेके सफर जिनगी कहाला, आ ए सफर में, जिनगी के ओला-पाती लागल रहेला । ए बीच तमाम उतार चढ़ाव के साथ तीन गो अइसन सच्चाई रउआ सभे के साथे बाँटत बानी जउन एह मंच से सीधा तौर पे जुड़ल बा ।
1 - जिनगी के अन्तिम साँच - पछिला महीना के 19 तारीख के हमरे पूज्यनीय ससुर जी (कवि संत शरण लाल करुणेश ) के हृदय गति रुकला से निधन हो गइल, एगो पुरान गाँछ के गिरल कहीं भा एगो युग के अन्त ... श्रद्धान्जलि ।
2 - मौत पे भारी पड़ल हिम्म्त - पछिला 10 महीना से कैंसर जइसन भयानक बीमारी से जूझत हमार एगो महिला सहकर्मी आ अपना जेबीसी के सदस्या श्रीमती सीमा सिंह जी कुछ दिन पहिले स्वस्थ होके जब आफिस पहुँचली त खुशी से हमनी के आँखि छलक गइल ..... सीमा जी के हिम्मत के सलाम आ स्वागत ।
3 - जिनगी के आस - ए समाचार के बारे में हम एइजुक जिकिर क भइल बानी बाकी ताजा हाल के तौर पे बतावत बानी कि, जेबीसी के सदस्य कुलदीप जी के पिता जी अबहिनो होश मे नइखन आइल बाड़न । कुलदीप जी ऊहाँ के अस्पताल से घरे ले आइल बानी आ सब मिलजुल के सेवा करत बा, कब्बो-कब्बो हाथ पैर में, हरकत होत बा आ आँख खुलत बा, खाना-पीना नली से दियात बा ..... चमत्कार के उम्मीद आ प्रार्थना ।

धन्यवाद,
अनूप

Views: 51

Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on April 10, 2012 at 12:14am

अनुप भाई प्रनाम आ जय भोजपुरी

जिनगी के सार राउर एह तीन गो लिखल चीजन मे साफ साफ लउकत बा ! एक दम साफ आ नीमन से जिनगी के हर छन के रउवा एह तीन गो घटना मे देखा देहनी ।

जहा राउर ससुर जी स्वर्गवास भईला से दुखि भईल आ उँहा के आत्मा के शांति के प्रार्थना करत बानी जी ओजुगे सीमा जी एह हिम्मत आ उँहा के साहस के सलाम करत बानी जा ई खुशी के छन बा की हमनी के जय भोजपुरी के एगो सद्स्य एगो भयानक बेमारी से लडि के वापस खुशहाल जिनगी मे आ गईली । कुलदीप भाई के बाबुजी के बारे मे पहिले एक हाली रउवा बतवले रहनी आ मन थोर हो गईल की उमेद जईसन रहल ह ओइसन सुधार नईखे भईल ।

उपर वाला से बिनवत बानी की उँहा के हाली से हाली ठीक करी जवना से परिवार मे आ जय भोजपुरी परिवार मे खुशी के माहौल आवो ।

जय भोजपुरी

Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on April 10, 2012 at 4:31pm
अनूप भाई जी प्रणाम
 
बहुत दुःख भइल जानी के रउरा ससुर जी के बारे मैं जानी के प्रभु उंहा के आत्मा के शांती देसु
बाकी सीमा जी के सलाम बा .....बाकी कुलदीप भाई जी के बाबूजी के बारे नई जानी के दुःख भइल ..
जिनगी इहे ह एगो बात मान परी गइल रउरा बात  से ...........
एगो मित्र पुछले    जिन्गी ................ह
हम सोच में परी गइनी इ दू गो शब्द अंतर मन तक झकझोर दिहलस
सोचनी कुछु लिख दीं !
 
जिन्गी केहू के उम्मीद ह 
कर्म ह , फूल ह जिन्गी
शूल ह कबो, कबो रूल ह
 
जिन्गी आन ह शान ह
मान सम्मान ह जिन्गी
अन्हरिया अंजोरिया ह
साज , बाज आवाज ह
 
आदर प्रेम भाव ह जिन्गी
जिनगी रूप रंग श्रृंगार ह
केहू के अमानत ह जिन्गी
 
जिन्गी भक्ति ह शक्ति ह
आशा औरु विश्वाश ह
हार - जीत ह  जिन्गी
संगे संगे अटूट बन्धनों ह 
 
जिन्गी वरदान ह ,अमरत्व ह
जिन्गी निशानी ह अमर कहानी ह
शास्वत सत्य ह जिन्गी !
 
आपन  मदद कइके  हर  जीव  के  मदद कैला पे  सफल हो जाला जिन्गी !
राजीव !
 
जय भोजपुरी जीय भोजपुरी !
Comment by Brij Kishor Tiwari on April 10, 2012 at 7:02pm

जय भोजपुरी आ प्रणाम ...........

राउर ससुर जी के आत्मा के शांति खातिर  प्रार्थना करत बानी !

सीमा जी के  हिम्मत के सलाम ,शुभकामना ........आ बधाई

कुलदीप भाई के बाबुजी खातिर हम प्रार्थना करsतानी कि उहा का जल्दी से ठीक हो जाई ........

चमत्कार भी होला ..........!!!!

आ होखी !!

Comment by dhiraj kumar yadav on April 17, 2012 at 8:10pm
Jai Bhojpuri

Comment

You need to be a member of JaiBhojpuri.com to add comments!

Join JaiBhojpuri.com

© 2013   Created by Admin.

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service