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आइसे होई .........ता कईसे होई .....

 भईया आइसे होई .........ता कईसे होई .....
आज भी कुछ लोग के आपन माटी आ आपन भाषा से शर्म लगत बा ........
आज हम बस में जात रहनी हां ता बस में हमर एगो दोस्त के फ़ोन आइल आ हम हमेसा की तरह भोजपुरी में ही बात करत रही .... जब बात कर के फ़ोन काट लेनी ता उ हामार भोजपुरिया भाई जान कहले की कम से कम दिल्ली में आइल बाड ता हिंदी में बात करे सिख आइसे लोग कही की बिहार के हां ................हम उनकरा के समझावत -२ परेसान हो गइनी बाकी उ भाई ना समझले ........... तब हम कहनी की भाई बिहार से आ के दिल्ली में कवनो बिदेसी ना हो गैला ...........बिहारी ही रहबा .....सान से कहा हम हाई भोजपुरिया हीरो ....हा हा ........... इतना कहते ही हमार भाई हमरा से मुह मोड़ के बैठ गैलन ...........
अब आप लोग यानी हमार भोजपुरिया भइया लोग बोली ........जे आपना भाषा आ धरती के भुलाजात बा उ लोग के का कहल जाव

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Comment by sanjay panday on September 30, 2011 at 11:35am

shankar rai ji jai  bhojpuri |

bhai aisan log ke ham bevkoof manila |

je apan mai bhasha bole me lajat ba okra aur kah bhi ka sakila |

aisan log ke bhagwan budhhi des .

jai bhojpuri 

sanjay pandey 

Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on September 30, 2011 at 12:09pm

शंकर जी प्रनाम आ जय भोजपुरी

 

भाई जी अईसन लोग हर जगहा मिलेले आ अईसना लोगन के तब ले छअंगुरी बुझे के चाही जब ले ई लोग अपना माई भासा के महत्व बुझत नईखे लो आ रउवा त जानते बानी की छअंगुरी के कवनो युज ना होला !

 

हमनी के आपन प्रयास कईल जाउ बाकी धीरे धीरे अउरे एलोग भी एह बात के बुझी !

 

जय भोजपुरी जिआ भोजपुरी

Comment by Brij bhushan choubey on September 30, 2011 at 1:10pm
का करबा भाई अइसन कुलही आदमी कुछ मिल जालन लेकिन सभ अइसन नइखे बहुत आदमी भोज्प्री  हर जगह बोलेला कुछ आदमी तनी लाजलन उ ओकारा तुच्छ मानशिकता के सोच होला ओइसन आदमी के समझा देबे के चाहि  भोजपुरी मे | जय  भोजपुरी ||
Comment by Sudhir Kumar on September 30, 2011 at 1:24pm

शंकर भाई, प्रणाम आ जय भोजपुरी,

एह लोगन के शायद दुनिया के सामने अपना माई आ बाबुजी के आपन बताये में भी लाज लागत होई। अइसने लोग अपना से मिले आइल रिश्तेदारन के अपना दोस्तन के सामने आपन नौकर बता देवेला, या पहचाने से इंकार कइ देवेला, ताकि ओकर झुठा शान बरकरार रहो। एह लोगन के शायद सिविलाइज्ड सोसाइटी में भोजपुरी गंवार लोगन के भाषा लागत होई, लेकिन एक बात हम बतावल चाहेब कि अपना माई, मातृभूमि अउर मातृभाषा से अलग होखे दुनिया के कवनो सिविलाइजेसन आज ले आगे नइखे बढल...

Comment by Rohit Lal on September 30, 2011 at 2:30pm
hum raur bat se sahmat bani ki logan ke apan bhasa bolat me saram avat ba
Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on September 30, 2011 at 2:43pm
शंकर भाई जी प्रणाम ,

ऐसन भाई हर जगह मिलेले ............ओहन लोग के .....आई धीरे धीरे समझ
कतना त आपन नाव गाँव बतावे मे भी कत्रालन ....धीरे धीरी रे मना धीरे सभ कुछ होई !

ऐसनो आदमी बाड़े की सात सितारा  होटल मे भी जाके भोजपुरी मे बतियावेले !

के का कहत बा के का आरत बा से आगे नु बढे के बा !

जय भोजपुरी जिय भोजपुरी
Comment by Anoop Srivastava on September 30, 2011 at 8:35pm
शंकर भाई जी प्रणाम आ जय भोजपुरी ,
हिन्दी, अंगरेजी, उर्दू भा कौनो भाषा सीखल आ बोलल गलत नइखे बाकी अपना मातृ भाषा से शर्म ... ई बहुत गलत बा ....अइसन लोगन के दुनिया देखावल बहुत जरूरी होला ... हम त ई कहब कि, अब रउआ ए तरह के लोगन से जब मिलीं, भोजपुरिए बोलीं ...आ तब ले बोलीं, जबले ऊ लोग भोजपुरी बोलल ना शुरु क दे भा एकदम बोलले छोड़ दे .... जय भोजपुरी ।
Comment by Shankar Rai on October 1, 2011 at 6:55am
जय भोजपुरी !!! उ हमेसा मिलिहे उनकर पोस्टिंग हमरा ऑफिस के बगल में ही होइल बा ....अब हम ऑफिस में भी भोजपुरी ही बोलब ............तब उनकर लाज ख़तम हो जाई

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