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मनमोहन जी, मनमोहन जी ! तनकी सा शरमाई ना...

मनमोहन जी, मनमोहन जी !
तनकी सा शरमाई ना
अब दाव लागल बा चड्ढी तक
जनि लोगन के भरमाई ना

बड़ आस लागल रउवा से रहे
बड़का अर्थशास्त्री बानी जी
एह बेशर्मी के तेल के संगे
अब जरे लागल बा पानी जी

अबो रउवा मुस्कात बानी
अरे !! तनकी सा गरमाई ना
अब दाव लागल बा चड्ढी तक
जनि लोगन के भरमाई ना

अंधेर नगरी चउपट राजा                                 
कहावत इ बहुते पुरान रहे
लेकिन इतना कुछ भइला पर
तबहू भारत इ महान रहे

अब त लोगवा लागल थू थू करे
अरे तनकी सा घबराई ना                                                                
अब दाव लागल बा चड्ढी तक
जनि लोगन के भरमाई ना

नइखे सम्भरत  त बा उपाय
तनकी सा जतन लगाई
फेकी चोला बनल साधू के
सरदार चोर के बानी जाई

मुड़ मुड़ा गइल, चली जउन भइल
मोछिया के इज्जत बचाई ना
अब दाव लागल बा चड्ढी तक
जनि लोगन के भरमाई ना..

 

( चित्र :गूगल महाराज से साभार)

 

: प्रवीण









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Tags: Bhojpuri, Jai, Manmohan, Singh, bhojpuri, bhojpuria, jaibhojpuri

Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on March 4, 2011 at 1:06am

प्रवीण जी प्रणाम आ जय भोजपुरी

 

खुब घुमवनी दुनो जाना के फटफटिया पे बईठा के , बाकी ई बताई , फटफटियवा के तेलवा के पईसा के देले बा ? कल माडी आ रा जा ?

 

बहुत ही बेहतरीन लिखनी , अपना दुख के अपना खीस के बहुत नीमन से देखवनी साथे साथे आजु जवन चल रहल बा वोह के बहुत नीमन से सवांच देहनी !

 

लेकिन संगे संगे एगो बात औरि जवन दमदार लागल ह उ ई की रउवा अबहियो उमेद कईले बानी की उ आपन चोला फेंकि के नीमन बनि जईहन ।

 

ठीके बा , उमेद प दुनिया काय्म बिआ !

 

बहुत बरिआर अभिव्यक्ति !

 

धन्यवाद आ जय भोजपुरी

Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on March 4, 2011 at 7:21am
पंकज भाई प्रणाम ,

बहुत बरियार रचना एगो सार्थक सोच , बहुते निमन व्यंग्य ,
पथ भ्रस्ठ के रास्ता देखावे  के  निमन प्रयास

नइखे सम्भरत  त बा उपाय
तनकी सा जतन लगाई
फेकी चोला बनल साधू के
सरदार चोर के बानी जाई

बहुते सूनर !

एगो बात औरु बा इ फट फटिया भी कुछु कहत बीया !

हा हा हा हा हा हा

जय भोजपुरी जीय भोजपुरी !
Comment by भास्कर रंजन "सूर्य" on March 4, 2011 at 10:27am

परनाम आ जय भोजपुरी

एजी, रउआ त निमन से फींच देहनी ।

एगो आदमी के भितरी के आवाज रउआ ए कविता से बाहरा निकाल देहनी ।

बहुते सुनर रचना बा ... शीशा देखके सुधर जाए के बात कह देहनी ।

 

धन्यबाद ... जय भोजपुरी ।

Comment by sanjay panday on March 4, 2011 at 7:32pm

praveen bhai jai bhojpuri

bahut jordar.ekdam se garda ba

jai bhojpuri

sanjay pandey

Comment by Ashutosh Ranjan on March 4, 2011 at 8:15pm

पंकज जी प्रणाम,

मनमोहन जी से ढेरे आशा रहे की आम आदमी के मन मोह लीन्हे...लेकिन mms स्कैंडल नाहिन रोज रोज कवनो ना कवनो घोटाला सामने आवत बा...ध्रितराष्ट्र के इयाद आवत बा, लेकिन इंहवा ना त केहू भीष्म पितामह लउकत बा, ना ही विदुर और ना ही संजय....

 

बहुत बेजोड़ लिखनी, जानदार शैली आ लोग के आवाज के आवाज देहनी बहुत बहुत धन्यवाद.. आ हाउ जे गाडिया चलावत देखावत बानी त ड्राईवर साहब कंही एक्सीडेंट मत कई दिन काहे की चलावत त उन्हा के बानी लेकिन लायीसेंसवा पिछुविया बा आ आगे देखे के बजाय उन्हा के लगातार पिछुविये देखत बानी की गाडी चलाईं त चलायीं कईसे...

 

जय भोजपुरी

Comment by FAIYAZ AHMAD [RINKU] on March 4, 2011 at 9:21pm

प्रवीण भाई जय भोजपुरी,

एगो आम आदमी के मुह के बात रौवा अपना कविता के माध्यम से कह देहनी |

 अब त लोगवा लागल थू थू करे 
अरे तनकी सा घबराई ना                                                                 
अब दाव लागल बा चड्ढी तक 
जनि लोगन के भरमाई ना

बहुत सुंदर रचना |

धन्यवाद  

Comment by Manoj Kumar on March 4, 2011 at 11:29pm
हा हा हा हा हा
प्रवीण भाई
जबरजस्त...
कविता आ फोटू के मैचिंग खूब करवईनी.
बधाई!
Comment by suman pathak on March 5, 2011 at 12:05am

ha ha ha.......bahut badhiya pankaj...aur photaua tah auri char chand lagawata

jai bhojpuri

Comment by MANTOSH SINGH on March 6, 2011 at 5:18pm
प्रवीण भाई
प्रणाम
मनमोहन जी ना शरमइहें। सोनिया के मोटरसाइकिल पर बैठा लेले बडऩ, शरमइहंन तअ गिर ना जइहंन।
जबरदस्त रचना
बधाई
Comment by nikhil pandey on March 24, 2011 at 12:43pm
पंकज जी नमश्कार .. का हाल चाल बा भाई जी .. बहुत शानदार आ सटीक लिखले बानी काश मनमोहन जी कही से पढ़ लेती तब नु मजा देत ... बेहतरीन लिखले बानी ..
जय भोजपुरी
जय हिंद

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