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"खेतवा में रोएली जनानावा"(श्रीनाथ आशावादी)

खेतवा में रोएली जनानावा ऐ मएनावा कहाँ रे गईले ना
हामार आंखी के रतानावा कहाँ रे गईले ना
बारी जनमवले उ तीन गो लइकवा ।
तरसेले अन्न खातिर उ बलकावा ।
बाटे टूटल फुटल फूस के मकनावा ऐ मएनावा की दुखवे में ना ।
बीते जिनगी के दिनवा दुखवे में ना ।
हामार आंखी के रतानावा कहाँ रे गईले ना .
घरवा में पड़ल रहे मरद बेरमिया ।
दाउवा ना उधार करे डाक्टर हरामिया ।
मालिक से करजा लेके दवा दारू कईली ।
मरल सवानगवा के परनवा बचईली ।
पथ खातिर रहे नहीं अनवा ऐ मएनावा सावन अईसन ना
बरसे झर झर नएनावा सावन अईसन ना।
हामार आंखी के रतानावा कहाँ रे गईले ना
अन्न के बिना घरवा में बनेला भोजनावा
खाए खातिर बिलखत रलेसन ललनवा
ओकनी के आपन कलेजा से सटावाली
सुसुकत बालकन के रोवत समझाइलि
होते भोरे करब कतानिया ऐ मएनावा करेजवा सुनु ना
तोहके देहब हम भोजनावा करेजवा सुनु ना
हामार आंखी के रतानावा कहाँ रे गईले ना ।
खईला बिना छतिया में दुधवो ना आवे .
गोदी के बलकावा उ सुखले चबावे
फटी जाइत छतिया त खुनवे पियाईती
बिलखत लईकवा के क्षुधावा मिटईती
इहे करे धनिया के मनवा ऐ मएनावा की पूरा ना होखे ना
कभी मनवा के सपनवा पूरा ना होखे ना
हामार आंखी के रतानावा कहाँ रे गईले ना .
बागवा में कोइल जब कुहू कुहू करेला
चिरई चुरुनगावा के छह छह होखेला
बीस दिन के बलकावा के गोदिया उठवली
काटे खातिर गेहुआ के खेतवा में गईली
पेट खातिर सुख बा सपनवा देहिया में ना
नईखे एको बूंद खुनावा देहिया में ना
हामार आंखी के रतानावा कहाँ रे गईले ना .
बूंदा बूंदी होखे कभी बहेला पवनवा
धनिया के दुख देखि रोए आसमनावा
खेतवा के मोड़ पर लईका सुतवलि
फाटल गमछिया के देह पर ओढवली
काटे कागली गेहुआ के थानवा ऐ मएनावा कमावे पर ना
रहे धनिया के धेयनावा कमवे पर ना
हामार आंखी के रतानावा कहाँ रे गईले ना .
एही बीचे बलकावा जोर से चिहुकलस
सोचली की बाबु निनिये में सपनईलस
काटके गेहुआ उ गोदिया उठावे
गईली लईकवा के दुधवा पियावे
करे लगली जोर से रोदनावा ऐ मएनावा की सियारा लेलस ना
हामार बाबु के परनवा सियारा रे लेलस ना
हामार आंखी के रतानावा कहाँ रे गईले ना .
रोअल सुनी गाव के लोग सबे जुटल
कहे सब मजूरन के भाग बाते फूटल
बरकन लोगवन के देशवा में राज बा
मेहनत मजूरी वाला ईहा मोहताज बा
इहे ह आजाद हिन्दुस्तानावा ऐ मएनावा , केहू रे बाटे ना
गरीब के भगवानावा केहू रे बाटे ना
हामार आंखी के रतानावा कहाँ रे गईले ना

 

 

 

श्रीनाथ आशावादी


जय भोजपुरी
 

Views: 21

Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on January 25, 2011 at 3:31pm

बहिन प्रणाम आ जय भोजपुरी

 

श्रीनाथ आशावादी के एह कविता के खाली मार्मिक आ भावुक कही के हम एह रचना के कम ना करब काहे की ई रचना खाली रचना ना एगो किसान के एगो गरीब के एगो बेरोजगार के चित्कार बिया , एह रचना मे एक एक शब्द गरीब के आह के देखा रहल बा आ एक एक लाईन अईसन लागत बिया जईसे की आंख के सामने हो रहल बा आ आंखो देखा हाल श्रीनाथ जी लिख रहल बानी ।

 

समाज के सच्चाई ,देस मे जवन हो रहल बा वोह सच्चाई के वोह हकीकत के एह ले नीमन देखावे वाला शायद आजु के समय मे दिया ले के खोजला पे ना मिलिहे ।

 

आजु के समय मे एगो गरीब जवना जवना दुर्गति से आपन जिनगी जी रहल बा वोह हर एक चीझु के श्रीनाथ जी देखा देले बानी । लोगन के अत्याचार पे डहकत गरीब  , भुख मिटावे खातिर हहरत गरीब , भुख से बेहाल सुखटी भईल गरीब , लोगन के दु शब्द प्यार के छछनत गरीब आ एह सब चीजन से धनी बिया ई रचना !

 

बहुत बहुत धन्यवाद रउवा के एह कालजयी रचना से हमनी के परिचय करावे खातिर ।

 

जय भोजपुरी

Comment by Anoop Srivastava on January 25, 2011 at 7:41pm

श्रीनाथ आशावादी जी के ई कविता वाकई बेजोड़ बा ...... तंगी, अभाव आ मानवीय पीड़ा के जीवन्त चित्रण बा ।

धन्यवाद आ जय भोजपुरी ...।

Comment by Ashutosh Ranjan on January 25, 2011 at 9:39pm

सरोज जी प्रणाम,

 

बहुत बहुत धन्यवाद इतना बेहतरीन आ मार्मिक कविता हमनी संगे बांटे खातिर.

 

जय भोजपुरी

Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on January 26, 2011 at 8:40am
दीदी प्रणाम ,

सत्यता से भरपूर , भाव पूर्ण , रचना के हमनी संगे बाटला के बहुत बहुत धन्यवाद !

जय भोजपुरी जीय भोजपुरी !
Comment by vinod kumar on January 27, 2011 at 7:42am

बहुतअ बडिया

Comment by भास्कर रंजन "सूर्य" on January 29, 2011 at 7:08pm

परनाम आ जय भोजपुरी

एतना दुःख के बेरा में, केहू दुखीयारी आपना बात के गीत के रूप में केतरी बताई उहो आपना मूँहे वोकर एतना सुनर उदहारन हम आज पहिला बेरी देखत बानी । बहुते बढिया रचना ... करेज के छू जावे वाला ।

 

राउर बहुते - बहुत धन्यबाद आ आशावादी जी के नमन ।

 

जय भोजपुरी ।

Comment by FAIYAZ AHMAD [RINKU] on February 3, 2011 at 6:07pm

सरोज दीदी जय भोजपुरी,

श्रीनाथ आशावादी जी के ई रचना वाकई बेजोड़ बा |

पढ़ के बहुत अच्छा लागल |

इ कविता इहा पोस्ट कईला खातिर राउर बहुत बहुत धन्यवाद |

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