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लाइसेंस नइखे, लेकिन जारी बा खेल...
पटना। का रउआ दिल में कवनो टीवी चैनल से जुडे के इच्छा बा? का रउआ कवनो अभिनेता, कलाकार, निर्माता या निर्देशक बानी? अगर हाँ, त ई रिपोर्ट राउर आँख खोल सकेले। पटना आ लखनऊ के कुछ लोग टीवी चैनल चलाये के दावा करता, जेकरा लगे नाही टीवी चैनल चलाये के लाइसेंस बा, नाही पूंजी, लेकिन ऊ लोग हर पल शिकार के तलाश में बइठल बा कि केहु मिलो, त ओकरा से कुछ पइसा लिहल जाव। अगर रउआ भी अइसन कवनो गिरोह के शिकार भइल बानी, त आपन अनुभव हमनी के जरुर बताईं।
अगर रउआ के याद होई, त तीन-चार साल पहिले भी "पूर्वा टीवी" नाम से एगो चैनल आइल रहे, जवन कि कई लोगन के करोडों रुपया लेके मार्केट से गायब हो गइल। पिछला 2 साल से पूर्वा टीवी में ही काम करे वाला कुछ कर्मचारी लोग मिल के "हमनी भोजपुरिया टीवी" के नांव से एगो अउर चैनल खोले के दावा कइ रहल बाटे, अउर एकरा नाम पर भी कई लोगन के चूना लगावल जा रहल बाटे। एह चैनल के निदेशक के नाम आज ले सामने ना आइल, लेकिन संजय लालटन, अरविन्द सिंह अउर 2-4 लोग सामने नजर आयेला, जेकि कई गो फिल्मकारन अउर कलाकारन के खुब सपना देखवता।
एह ड्रामा के शुरुआत भइल 2009 में, जब ई लोग 15 अगस्त से चैनल के शुरु करे के घोषणा कइल। चैनल के नांव पर कुछ कलाकारन से शुभकामना संदेश ले लिहल गइल (अब केहु चैनल के नांव पर शुभकामना मांगी, त केहु भी दे दी), अउर ओकरे के देखा के आपन प्रमाणिकता के साबित करे के लगातार कोशिश कइल गइल। कुछ दिन बाद त बकायदा पटना में एगो ऑफिस भी लिया गइल, ओकरा बाद हर केहु के मौका देवे के वादा कइल बहुत आसान हो गइल। एक के बाद एक लोग एह लोगन के जाल में फंसत गइल, अउर ई लोग धीरे-धीरे आगे बढत गइल।
एह सारा प्रकरण में एगो मजेदार बात इहो रहल कि कुछ वेबसाइटन के माध्यम से चलावल जा रहल एह कंपनी के वेबसाइट भी एही बिचे 2 बेर बदल गइल, लेकिन केहु ध्यान ना दिहल। एगो भोजपुरी के वेबसाइट त 2-3 महीना पहिले एह चैनल पर आये वाला एगो कार्यक्रम के बैनर अपना मुखपृष्ठ पर भी लगा दिहलस, बिना ई सोचले कि आखिर जवना चैनल के ही अस्तित्व नइखे, ओकर कार्यक्रम कहाँ आवत होई? काल्ह एह चैनल द्वारा एगो प्रेस-विज्ञप्ति भी भेजल गइल, जवना में चैनल जल्दिये शुरु होखे के बात कहल गइल रहे, अउर कई गो वेबसाइटन पर ई खबर लाग भी गइल, बिना ई सोचले कि बिना लाइसेंस के चैनल एह देश में आखिर चली कइसे?
जब हमनी का एह बारे में भारत सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय से संपर्क कइनी जा, त पता चलल कि "हमनी भोजपुरिया टीवी" नांव से कवनो चैनल के लाइसेंस नइखे दिहल गइल। सूचना अउर प्रसारण मंत्रालय अपना वेबसाइट के माध्यम से हमनी के लाइसेंसी चैनलन के एगो सूची भी उपलब्ध करवलस, जवना में एह चैनल के नांव कहीं ना रहे। अगर केहु भी चाहो, त हमनी का ऊ सूची उपलब्ध करा सकेनी। एह चैनल के वेबसाइट पर एकरा के भारतीय उपग्रह INSAT 4A से संचालित बतावल जाता, लेकिन ओह सैटेलाइट पर से संचलित चैनलन के लिस्ट में भी एकर नांव नइखे। कहे के मतलब साफ बा कि ना ई चैनल बा, नाही कबो शुरु होई।
वइसे सबसे मजेदार बात पता चलल भारत सरकार के कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय से, अउर ऊ बात इ रहे कि लोग भले ही एकर ऑफिस दिल्ली में बता रहल बाटे, लेकिन एह कंपनी के रजिस्टर्ड कार्यालय पटना में बा। ओह से बेसी आश्चर्य के बात ई पता चलल कि एह कंपनी के अधिकृत पूंजी मात्र 5 लाख के बा, अउर ओह में से 2 लाख के ही शुल्क अदा कइल गइल बाटे। एतना कम पूंजी आधार वाला कवनो कंपनी त टीवी चैनल के लाइसेंस खातिर आवेदन भी ना कर सकेले, त फेर लाइसेंस होखे के सवाले कहाँ पैदा होता? एहिजा ई बतावल जरुरी बा कि भारत में टीवी चैनल के लाइसेंस खातिर आवेदन देवे से पहिले राउर कंपनी के अधिकृत पूंजी डेढ करोड रुपया होखे के चाहीं। जाहिर बा, चैनल चलावल एह कंपनी के बूता के बाहर के चीज बा।
सूचना प्रसारण मंत्रालय के एगो वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार एह मामला के जानकारी ओह लोगन के आजे मिलल बा, अउर एह दिशा में मंत्रालय कार्यवाही करी। अगर एह मामला में केहु के कवनो दस्तावेज चाहीं, त हमनी से संपर्क कइल जा सकेला। अउर अगर केहु का लगे कुछ कहे के बा, या सफाई देवे के बा, त हमनी का चाहेब कि ऊ लोग कागज का संगे सामने आके बात करो। भोजपुरिया डॉट कॉम द्वारा आम जनता से ई अपील कइल जा रहल बाटे कि एह तरह के मामला में तनी संभल के डील करो, ना त काफी नुकसान उठाये के पड सकेला।
साभार: भोजपुरिया डॉट कॉम
Comment by sanjay kumar singh on January 14, 2011 at 10:36pm
Comment by sanjay kumar singh on January 14, 2011 at 10:36pm एडमिन जी प्रणाम,
एगो आँख खोलेवाला आलेख..खासकर ओह लोग खातिर जे ग्लैमर के दुनिया में जाए खातिर कुछु करे के तैयार बा..आ जेकरा आगा पीछा कुछुवो सवाचे के सूझ नईखे...बहुत बहुत धन्यवाद.
जय भोजपुरी
Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on January 14, 2011 at 11:08pm एडमिन जी प्रणाम आ जय भोजपुरी
पत्रकारिता आ वोहु मे खोजी प्रत्रकारिता बहुत कम देखे के मिलेला , आ उहो भोजपुरी मे ! भोजपुरी मे जहवा आजु काल्हु लोग चमचई करे मे लागल बा ओजुगे भोजपुरिया डाट काम एतना बडहन खुलासा कईलस ई अपने आप मे बहुत बडहन बात बा !
आ हम एह कदम आ एह खोज खातिर रवुआ के आ पुरा टीम के बधाई देत बानी ।
सांच पे कबो आंच ना आवेला ई सुनले रहनी हा लेकिन भोजपुरी खातिर कबो सांच पे आंच ना आवे दिहल जाई ई देख रहल बानी ।
ढोंगी लोगन के पर्दाफास से ले के चोर आ गिरहकट लोगन के देखवला से ले के अब एह कुल्ही फ्राडन के उघारल अपने आप मे एगो बहुत बडहन आ प्रशंसनीय काम बा जवन भोजपुरिया डाट काम कई रहल बिया ।
एह फ्राड चैनल के असलियत देखावे खातिर बहुत बहुत धन्यवाद !
एकरा के आ एकरा से जुडल हर वोह जाना के जे बिना देखले बुझले समझले एकर परचार परसार करत बाडे , जेल मे ठुंसे के चाही , फ्राड के मुकदमा दायर होखे के चाही ।
धन्यवाद आ फेरु से बधाई बा ।
जय भोजपुरी
Comment by Dinesh Thakur on January 15, 2011 at 4:32pm एह फ्राड चैनल के असलियत देखावे खातिर बहुत बहुत धन्येबाद
जय भोजपुरी
Comment by Pankaj Praveen on January 15, 2011 at 6:30pm
Comment by Brij Kishor Tiwari on January 15, 2011 at 8:36pm जय भोजपुरी आ प्रणाम ADMIN JEE
सही जानकारी .........
वैसे हम ग्लेमर जगत से नईखी ,लेकिन का जनि कबो मन कई देवो ...........अब त फूक के गोड़ राखे के पड़ी .......
जय हो... सुने में इहो आइल ह कि जेतना लोगन से ई लोग पहिला बेर मिलत रहे, ओकरा के एगो टी-शर्ट और टोपी जरुर भेंट करत रहे, जवना में "हमनी भोजपुरिया टीवी" के लोगो लागल रहत रहे। कहे के मतलब ई कि टोपी जरुर पहिरावल जात रहे... ;) तबो ना जाने काहें लोगन के बुझात ना रहे कि "टोपी" पहिनाये के कोशिश हो रहल बाटे...
Comment by Manoj Kumar on January 17, 2011 at 8:53am एडमिन जी,परनाम आ जय भोजपुरी!
ई खुलासा से बहुत लोग आपन जेब कटाए से बच जाई. वईसे भी टीवी आ फिलिम के दुनिया में फ्राड में आसानी से लोग फंस जायेलन.
बच के भईया.
जय भोजपुरी.
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