Come, let's do something for Bhojpuri...
आज जे गन्दा गावत बा
उपर से गाल बजावत बा
या त ओकर मुह तोड़ दी
या भोजपुरी बोलल छोड़ दी
एह नासमझ के, के दी समझ
केकरा खातिर उ गावत बा
जनता के कान पकल सुन सुन के
झूठे उ देह देखावत बा
फूहड़ता से बा भरल गगरिया
जी करता ओहनी के बोर दी
या त ओकर मुह तोड़ दी
या भोजपुरी बोलल छोड़ दी
सही बात पर करे बखेड़ा
इ कहवा के रित बा भाई
भोजपुरी के अंग अंग बेचेले
कहे ले भोजपुरिया माई
तार तार होत जात चुनरिया
ओकरे फसरी से गला घोट दी
या त ओकर मुह तोड़ दी
या भोजपुरी बोलल छोड़ दी
जीय शेर जीय... एकदम गरदा बा। अब भोजपुरी छोडे के त सवाले नइखे, त दोसर जवन ऑप्शन (ओकनी के मुँह तूडे वाला) बा, ओकर पालन होई, अउर शुरुआत होइये गइल बाटे, देखत जाईं कहाँ ले जाता ई लडाई।
Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on December 21, 2010 at 12:09pm प्रवीण जी प्रणाम आ जय भोजपुरी
बहुत ही सुन्दर आ समय कि हिसाब से एक दम लाजवाब रचना , बिल्कुल इहे सोच आ इहे विचार आ इहे तरिका बा ।
ना त ओकनी के मुह तुरल जाउ आ अगर दम आ हिम्मत नईखे त जा के केनियो मुह तोपी के बेहाया नियन , मउग नियन बईथ जाईल जाउ ।
आगाज करे खातिर धन्यवाद
जय भोजपुरी
Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on December 21, 2010 at 12:27pm पंकज भाई प्रणाम ,
बहुत सुंदर आगाज बा रउरा एह रचना में ,
तार तार होत जात चुनरिया
ओकरे फसरी से गला घोट दी
या त ओकर मुह तोड़ दी
या भोजपुरी बोलल छोड़ दी
एक रुदन अंतरात्मा के इहे हाल एहिजो बा भाई जी , भोजपुरी माई ह ओकरा खातिर
मुहे थुरल जाई जी ,
जय भोजपुरी जीय भोजपुरी
Comment by भास्कर रंजन "सूर्य" on December 21, 2010 at 1:37pm जिय जिय हो भोजपुरिया लाल . . .
शुरू हो गइल बा क्रांति,
ना जात ना पात, बस भोजपुरी के बात ई,
या त अपनो के एसे जोड लीं,
या भोजपुरी बोलल छोड दीं ।
जय भोजपुरी ।
Comment by Pankaj Praveen on December 21, 2010 at 3:27pm वाह , इहा त क्रांति के महफ़िल जमी गइल..
Comment by sanjay kumar singh on December 21, 2010 at 7:56pm पंकज जी प्रणाम ,
Comment by Brij Kishor Tiwari on December 21, 2010 at 8:32pm जय भोजपुरी ......प्रवीण जी
वाह.........
एकदम झकास ,समय के अनुकूल ,बेहतरीन रचना .........
एह नासमझ के, के दी समझ
केकरा खातिर उ गावत बा
जनता के कान पकल सुन सुन के
झूठे उ देह देखावत बा
बहुते सार्थक लाइन .........
Comment by Vikash Rai on December 21, 2010 at 9:37pm प्रवीण भाई जय भोजपुरी...........
लाजवाब............
.वाह ....एही तरे जा बढ़ा के..........
भोजपुरी क नंगा नाच करे जे
माई बहिन बदनाम करे जे
आईं सब मिल के
ओकर गर्दन मरोड़ दीं ..........
© 2013 Created by Admin.
You need to be a member of JaiBhojpuri.com to add comments!
Join JaiBhojpuri.com