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लिखत बाटे लोग इहा तुटत- फूटल भासा में
जियत बाटे लोग इहा आशा और निराशा में
लोगवन के देखि देखि तनी कुछ सीखी ना
पढ़े के बड़ा मन करे तनी कुछ लिखी ना .
मन के बढ़ावे में राउर ही त हाथ बा
हमनी के बढ़त बनी जब ले राउर साथ बा
काँरवा बढ़त बाटे, हौसला बढ़त बाटे
साथ मजबूत होई तनी हाथ रउरो दिही ना
पढ़े के बड़ा मन करे तनी कुछ लिखी ना .
संघ आ साहित्य से मजबूत होई भासा
संगे संगे पूरा होई भोजपुरिया माटी के आशा
असर लागल रउरा लेखनी के चाह में
कलम उठाई लिखी देरी अब करी ना
पढ़े के बड़ा मन करे तनी कुछ लिखी ना .
Comment by भास्कर रंजन "सूर्य" on December 17, 2010 at 7:39pm परवीन जी परनाम आ जय भोजपुरी ।
बाह . . . बहुते निमन लिखनी ।
माजा आ गरमी (जोश) दुनु आ गइल ।
आ रउआ एतना लिख देहनी कि अब लिखे लायक खुछो सुझते नइखे ।
माई के सम्मान खातिर शुरू हो गइल क्रांति,
एह खातिर अब राष्टपति जी के देवेके बा पाती,
जल्दी - जल्दी आयीं ना, अपनों बात बताईं ना,
पढे के बडा मन करे तनी कुछु लिखी ना ।
ज़य भोजपुरी ।
Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on December 17, 2010 at 10:10pm प्रवीण जी प्रणाम आ जय भोजपुरी
बहुत खुब लिखनी , हर ओर से अंजोर चाही , कही अन्हार बाची ना पावो आ एह खातिर राउर ई रचना बहुत गहीर आ नीमन सन्देश देत बिया ।
आई भोजपुरी खातिर कुछ कईल जाउ मे लिखल एगो बहुत बडहन योगदान होई आ लोगन के आगे बढे के चाही , जवन बुझाई तवन लिखे के चाही ।
बहुत बहुत धन्यवाद आ साधुवाद रउवा के
जय भोजपुरी
Comment by Vikash Rai on December 17, 2010 at 10:59pm प्रवीण भाई जय भोजपुरी
कलम के ताक़त ऊ ताक़त ह जवन बॅडकी बॅडकी क्रांति के सूत्रधार रहल बा आ इतिहास ई बात के गवाह बा| आप क ई रचना भोजपूरिया समाज के एकजुट करे खातिर एगो सेतु क काम करी|
बहुत बहुत धन्यवाद एह रचना खातिर
जय भोजपुरी
Comment by Dinesh Thakur on December 18, 2010 at 11:44am प्रवीण जी प्रणाम आ जय भोजपुरी
Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on December 20, 2010 at 1:05pm पंकज भाई प्रणाम ,
बहुत सुंदर रचना , इ रचना एगो मार्गदर्शिका के काम करी ,
बहुत निमन आवाहन बा जी , धन्यवाद
बा एह पोस्ट खातिर हार्दिक अभिनन्दन बा
जय भोजपुरी जीय भोजपुरी
Comment by Brij Kishor Tiwari on December 20, 2010 at 5:03pm जय भोजपुरी जी .........
इ हमरा नज़र ले बहकल जात रहे .........
क्षमा चाहब देर से देखे खातीर .......
लोगवन के देखि देखि तनी कुछ सीखी ना
पढ़े के बड़ा मन करे तनी कुछ लिखी ना .
बहुत सुन्दर लाइन के सृजन कईले बानी रउवा...........आहा हा ......तनी कुछ लिखी ना,
सुन्दर रचना ........
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