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सपना



यु त मन के भावे वाला हर एगो चीज ह सपना



लेकिन ओकरा के पावल भि ह एगो सपना



आन्खि खोलके दुनिआ देखल, बन्द आन्खि से पावल



दुनिआ हो जाओ बस मे हमरा, सभे इहे चाहल



राह चले मे कष्ट बहुत बा, एह सभ से अन्जान



एक सान्स मे धरती नापब, लेहनि मन मे ठान



लाख रुकावट रहता रोकस, जाये के बा अब पार



जीत लेब इ दुनिआ एक दिन, बा बिस्वास अपार



जान तानी जिनगी के खेल मे सभ ना होला कामयाब



दान्व पे बाटे अब त कुल्ही, अब चाहे होखी बर्बाद



सुनले बानी कि किस्मत हरदम देबे सभ के धोखा



मान्गे वालन के कबो न देहलस ई जीते के मौका



पावे के चाहत मे जाने, कतने लोग के जीवन बीतल



आजुओ ओही मोड पे बाडे, जहा से चले सुरु कयीलन



तब काहे हम आपन जिनगी, एह किस्मत पे छोडी



हिम्मत, मन जुटा के काहे ना, हाथ के रेखा मोडी



लिखे के बा इतिहास नाया, रचे के बा आपन काया



अन्त मे सभे इहे पुछी, का पयनी आ का बा खोया



जीवन के बा एकही सपना, आपन नाम जग के जनावल



बन्द आन्खी से सपना देखल, आन्ख खोल के पावल



बन्द आन्खी से सपना देखल, आन्ख खोल के पावल



हरेंदर कु. मिश्र




Views: 6

Comment by sanjay panday on July 17, 2010 at 6:56pm
HARENDAR BHAI JI PARNAM A JAI BHOJPURI |
BAHUT BADHIYA RACHANA BA RAUR, SAHI BAT BA HAR SAPANA SAHI NA HOLA |
LEKIN SAPANA DIN ME DEKHE WALA HI SAHI HOLA RAT WALA SAPANA ,SAPANA HI RAHELA |
BAHUT BADHIYA RACHANA BA RAUR | DHANYAVAD
JAI BHOJPURI
SANJAY PANDEY
Comment by Ashutosh Ranjan on July 17, 2010 at 7:02pm
हरेन्द्र जी प्रणाम,

बहुत जबरदस्त लिखले बानी. जेतना तारीफ़ काइल जाओ कम बा. सपना देखीं आ ज़रूर देखीं, काहे की सपना ही साकार होला. जे सपना ही ना देखी ओकर सपना का खाक साकार होई.

आ अंत में बस इहे कहें की
Dare to dream


जय भोजपुरी
Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on July 18, 2010 at 3:04am
हरेन्दर भाई प्रणाम आ जय भोजपुरी

बहुत बेजोड लिखनी भाई जी , सपना देखब जा तबे नु वोह के हकीकत मे बदलब जा । कहल जाला जीवन के कवनो लक्ष्य के पावे खातिर जवन योजना होला ओकर पहिला सीढी सपना होला , सपना मे योजना बनेला आ जगला पे वोह पे काम शुरु कईल जाला ।

बहुत नीमन तरिका से रउवा एह रचना मे एक संगे सपना आ हकीकत के समावेश कई देले बानी ।

बहुत बहुत धन्यवाद

जय भोजपुरी
Comment by शशि कुमार सिंह (SHASHI) on July 18, 2010 at 3:31am
जैय भोजपुरी हरेन्द्र भईया
कहल जाला की कोनो आदमी कवनो काम मे तबे सफ़ल होखेल जब उ आपन गोल निर्धारीत करेला,

ऐगो उदहारण देबे के चाहब ईहवा ऐडमन हेलरी जे रहन उ अईसही ऐवरेस्ट्र पर ना पहुच गैईल रहलन, सबसे पहिले उ अपन गोल बनईलन कि हमरा के ई काम करे के बा
तबे उ हो पाईल

राउर अन्दज बहुत नीमन बा, बहुत सुन्दर लिखले बानी

बहुत बहुत धन्यवद

जैय भोजपुरी
Comment by Sudhir Kumar on July 19, 2010 at 1:58am
बहुत बढिया लिखले बानी हरेन्द्र जी, एह से हमनी का बहुत कुछ सीख ले सकेनी...
Comment by Brij Kishor Tiwari on July 19, 2010 at 7:43am
जय भोजपुरी........हरेन्द्र जी
वाह भाई वाह ..........
बहुत सुन्दर ...........
Comment by Harender K. Mishra on July 19, 2010 at 2:01pm
रौवा सभ के प्रेम खतीर बहुत बहुत धन्यवाद ....
Comment by s. chauhan on July 19, 2010 at 10:35pm
हरेन्द्र जी प्रणाम आ जय भोजपुरी

बहुत बहिया लिखले बानी रऊआ | ज़िंदगी में सपना देखल बहुत ज़रूरी ह | ज़रूरी नईखे की बंद आँख से ही सपना देखल जाला | खुली आँख से आदमी जेवन सपना देखेला ओके हक़ीक़त में बदलला क कोशिश करेला |
बहुत बढ़िया रचना बा |

जय भोजपुरी

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