Come, let's do something for Bhojpuri...
Posted on September 6, 2011 at 8:14am 0 Comments 2 Likes
Posted on September 6, 2011 at 8:05am 0 Comments 2 Likes
छोट रहे तब जख्म अब नासूर बन गईल|
तड़प-तड़प के जीयल अब दस्तूर बन गईल|
केतना सुघर लागे तब उ ज़माना,
संगे-संगे बीते जब मौसम सुहाना|
कईसे बिसारे से बिसरी समईया,
रहे मोर बांह जब तोहरो ठिकाना||
तू का गईलू, कूल्ह ख़ुशी मोर दूर चल गईल|
तड़प-तड़प के जीयल अब दस्तूर बन गईल||
काहें के तोहें मो दिल में बसवलीं,
आई जुदाई कबों, ना सोच पवलीं|
हर घरी नैना के सम्हने तू रहलू,
तोहरे हो फोटो के दिल में सजवलीं||
काहो…
Continue© 2012 Created by Admin.
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बहुत बहुत बधाई आ शुभकामना रउवा जनमदिन पे ।
राउर आगमन के दिल से स्वागत बा राउर विश्व के सबसे बड़ भोजपुरी के परिवार में,जय भोजपुरी परिवार सिर्फ इन्टरनेट पर लोगन के मेल मुलाकात के ही जरिया नइखे रही गइल, जय भोजपुरी परिवार भोजपुरिया और भोजपुरी के बारे में जाने के इच्छा रखे वाला लोगन के एक दूसरा से जोड़ी के भोजपुरी कला अउर संस्कृति के उत्थान खातिर समर्पित बा,
रउवा एह परिवार में लोगन से मेल जोल बढ़ाते हुवे ,ब्लॉग अउर ,फोरम के माध्यम से एक दूसरा के बिचार के जानते हुवे भोजपुरी कला अउर संस्कृति के उपर विचार बिमर्श करते हुवे भोजपुरिया लोगन के दुःख -सुख में शामिल हो सकत बानी.
ऐगो लिन्क दे रहल बनी सहायता, खातीर ऐह के पढ लेब
http://www.jaibhojpuri.com/page/rules-1
त जय भोजपुरी परिवार में आपन थोडा सा बहुमूल्य समय दे के ..
आई ,भोजपुरी खातिर कुछ कइल जाव..
जय भोजपुरी