Come, let's do something for Bhojpuri...
Started this discussion. Last reply by jitendra kumar thakur " dev " Sep 22, 2012. 2 Replies 12 Likes
भिखारी के नाटकन के फ़ेर एगो भिखारी चाहीं...इ आज नाटक देखत हम महसूस कईनी.. कलाकारो लोग कहता कि अब इ ओरा जाई..हमनी केहु तरह बचाव तानी जां..दिल्ली के दर्शक के मजा आईल लेकिन तनी सरियावल रहित त आउर निमन…Continue
Started this discussion. Last reply by नबीन भोजपुरिया ( NB ) Jun 3, 2012. 1 Reply 7 Likes
आरा जईसन भोजपुरी के मुख्य इलाका में आज तड़के ब्रह्मेश्वर मुखिया के गोली मार के हत्या हो गईल आ आश्चर्य बा कि भोजपुरिया समाज चुप बा. अरे कुछ बोली. इ हत्या से निमन संकेत नईखे मिलत. मरले केहु होखे, लेकिन…Continue
Started this discussion. Last reply by नबीन भोजपुरिया ( NB ) May 17, 2012. 3 Replies 7 Likes
भोजपुरी सिनेमा के वर्तमान दौर से जे भोजपुरी के तरक्की ला तनको सोचत होई ओकरा कष्ट होत होई. लेकिन का भोजपुरी फ़िल्म हमेशा से अईसने रहे. गंगा मईया तोहे पियरी चढ़ईबो से शानदार शुरुआत भईल रहे. ओकरा बाद…Continue
Started this discussion. Last reply by नबीन भोजपुरिया ( NB ) Apr 5, 2012. 15 Replies 16 Likes
भोजपुरी में कई गो कला बाड़ सन. एगो समाज के तौर पर ओह कला सभन के बारे में हमनी केतना जानतानी जां. एसे पहिले हम एह जगह पर लौंडा नाच के बारे में बात उठईनी. आज बिरहा के बारे में उठावतानी. बिरहा के बारे…Continue
jitendra kumar thakur " dev " replied to amitesh's discussion भिखारी के नाटक
नबीन भोजपुरिया ( NB ) replied to amitesh's discussion भिखारी के नाटक
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amitesh replied to Team Admin's discussion भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन-3
amitesh replied to नबीन भोजपुरिया ( NB )'s discussion बस एके लाईन मे , एक लाईन से बेसी नाPosted on June 2, 2012 at 1:11am 0 Comments 0 Likes
आरा जईसन भोजपुरी के मुख्य इलाका में आज तड़के ब्रह्मेश्वर मुखिया के गोली मार के हत्या हो गईल आ आश्चर्य बा कि भोजपुरिया समाज चुप बा. अरे कुछ बोली. इ हत्या से निमन संकेत नईखे मिलत. मरले केहु होखे, लेकिन जे तरहे दंगा फ़साद भईल ह आ हरिजन छात्रावास के बिना बात तोड़ फ़ोड़, उ का कहता.का हमनी अभियो एही तरिका से विरोध करेम जां. मुखिया कौनो देवता ना रहले..उ एगो खास दौर के उपज रहलें एहिसे अपना समाज के नायक मरले लेकिन उनका हत्या के बाद अब आगे का उत्पात होई एकर अंदेसा बा.
Posted on July 25, 2011 at 1:47am 0 Comments 2 Likes
दोपहर में अचानक एगो कार्यक्रम में पहूंच गईनी. वईसे कार्यक्रम के सूचना रहे लेकिन जाय के इरादा ना रहे बाकिर पहूंचनी. मौका रहे भिखारी ठाकुर राष्ट्रीय प्रतिष्ठान के तत्वाधान में आयोजित ‘भिखारी ठाकुर के सामाजिक चेतना’ विषय नाम्नी संगोष्ठी के. संगोष्ठी में बोले वाला महत्त्वपूर्ण वक्ता रहलें, संजीव(भिखारी ठाकुर के जीवनी सूत्रधार के लेखक), मैनेजर पांडे(हिन्दी आ भोजपुरी के प्रसिद्ध विद्वान), नित्यानंद तिवारी(हिन्दी आलोचक) आ महेन्द्र प्रताप सिंह(भोजपुरी रंगकर्मी) मनोज भावुक(कवि). एह वक्ता लोगन के हम…
ContinuePosted on March 16, 2011 at 2:00am 1 Comment 0 Likes
कीरतन के तान उठ गईल रहे ‘छम छम बाजे मां के पांव पैजनिया’. व्यास के आवाज के पाछे पाछे कीरतनिया लोग संग देवे लागल.…
Posted on March 16, 2011 at 1:59am 0 Comments 0 Likes
कीरतन के तान उठ गईल रहे ‘छम छम बाजे मां के पांव पैजनिया’. व्यास के आवाज के पाछे पाछे कीरतनिया लोग संग देवे लागल.…
dhiraj kumar yadav said…
Santosh tiwari said…
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