Come, let's do something for Bhojpuri...
Started this discussion. Last reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) May 17. 3 Replies 7 Likes
भोजपुरी सिनेमा के वर्तमान दौर से जे भोजपुरी के तरक्की ला तनको सोचत होई ओकरा कष्ट होत होई. लेकिन का भोजपुरी फ़िल्म हमेशा से अईसने रहे. गंगा मईया तोहे पियरी चढ़ईबो से शानदार शुरुआत भईल रहे. ओकरा बाद…Continue
Started this discussion. Last reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) Apr 5. 15 Replies 16 Likes
भोजपुरी में कई गो कला बाड़ सन. एगो समाज के तौर पर ओह कला सभन के बारे में हमनी केतना जानतानी जां. एसे पहिले हम एह जगह पर लौंडा नाच के बारे में बात उठईनी. आज बिरहा के बारे में उठावतानी. बिरहा के बारे…Continue
Started this discussion. Last reply by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" Dec 12, 2011. 4 Replies 6 Likes
गांव घर में कीरतन के बहुत नीक परंपरा रहल ह..लेकिन एहु के नज़र लाग गईल बा..आब ना उ बारामासा होला ना चैता. लेकिन हमरा गांव में कुछ नौजवान एकरा के जिया के राखे के प्रयास करता हमहुं ओ में सहयोगी बानी. खैर…Continue
Started this discussion. Last reply by amitesh Sep 20, 2011. 27 Replies 13 Likes
ताज़ा खबर इ बा कि बिहार विधानसभा के दु गो कर्मचारी के फ़ेसबक पर लिखला ला निलंबित क दिहल गईल बा. एह सरकार में नौकरशाही के तानाशाही बढ़ला के इ नतीजा ह. सुशासन बाबु के सरकार में नौकरशाह उनका एतना प्रिय…Continue
नवीन भोजपुरिया ( NB ) replied to amitesh's discussion भोजपुरी सिनेमा
amitesh replied to amitesh's discussion भोजपुरी सिनेमा
नवीन भोजपुरिया ( NB ) replied to amitesh's discussion भोजपुरी सिनेमा
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नवीन भोजपुरिया ( NB ) replied to amitesh's discussion बिरहा के बारे में
KUNAL KISHOR VIDYARTHI replied to amitesh's discussion बिरहा के बारे में
जवाहरलालयादव (बिरहागायक) replied to amitesh's discussion बिरहा के बारे मेंPosted on July 25, 2011 at 1:47am 0 Comments 2 Likes
दोपहर में अचानक एगो कार्यक्रम में पहूंच गईनी. वईसे कार्यक्रम के सूचना रहे लेकिन जाय के इरादा ना रहे बाकिर पहूंचनी. मौका रहे भिखारी ठाकुर राष्ट्रीय प्रतिष्ठान के तत्वाधान में आयोजित ‘भिखारी ठाकुर के सामाजिक चेतना’ विषय नाम्नी संगोष्ठी के. संगोष्ठी में बोले वाला महत्त्वपूर्ण वक्ता रहलें, संजीव(भिखारी ठाकुर के जीवनी सूत्रधार के लेखक), मैनेजर पांडे(हिन्दी आ भोजपुरी के प्रसिद्ध विद्वान), नित्यानंद तिवारी(हिन्दी आलोचक) आ महेन्द्र प्रताप सिंह(भोजपुरी रंगकर्मी) मनोज भावुक(कवि). एह वक्ता लोगन के हम…
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कीरतन के तान उठ गईल रहे ‘छम छम बाजे मां के पांव पैजनिया’. व्यास के आवाज के पाछे पाछे कीरतनिया लोग संग देवे लागल.…
Posted on March 16, 2011 at 1:59am 0 Comments 0 Likes
कीरतन के तान उठ गईल रहे ‘छम छम बाजे मां के पांव पैजनिया’. व्यास के आवाज के पाछे पाछे कीरतनिया लोग संग देवे लागल.…
Posted on March 11, 2011 at 10:33pm 0 Comments 0 Likes
कीरतन के तान उठ गईल रहे ‘छम छम बाजे मां के पांव पैजनिया’. व्यास के आवाज के पाछे पाछे कीरतनिया लोग संग देवे लागल. झाल आ करताल एक दोसरे…
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dhiraj kumar yadav said…
Santosh tiwari said…
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