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ईमेल और सोशल नेटवर्किंग एकाउंट रखने वाले सभी यूजर्स को दुनिया छोड़ने से पहले वसीयत के अलावा एक और जरूरी बात ध्यान में रखनी होगी। डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट पासमायविल डॉट कॉम पर लॉग ऑन करें और अपने वित्तीय दस्तावेजों से जुड़े सभी पासवर्ड का सुराग (क्लू) छोड़ दें। इससे आपके नहीं रहने पर परिवार के सदस्यों और संबंधियों को ये पासवर्ड मिल जाएंगे। इस साइट को चलाने वाली कंपनी क्वेस्टली (डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट क्वेस्टली डॉट कॉम) आपकी 'पासवर्ड वसीयत' को परिवार के सदस्यों को सौंपेगी। इससे पहले वह पुष्टि करेगी कि आपकी मृत्यु हो चुकी है। कंपनी यह भी पक्का करेगी कि पासवर्ड वसीयत की मांग करने वाला आपका असल वारिस है या नहीं? कुछ ही हफ्तों पहले सेवा शुरू करने वाले क्वेस्टली के फाउंडर डैनिल कोजियात्निकोव ने ईटी को बताया कि उसे जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। पिछले 24 घंटों में हर मिनट कोई न कोई ट्वीट हो रहा है। आज की तारीख में ऑनलाइन एसेट, फिजिकल एसेट की ही तरह अहमियत रखते हैं। इनकी हिफाजत के लिए सही पासवर्ड रखना काफी जरूरी है। आपको न सिर्फ अपने पासवर्ड को सुरक्षित रखने की जरूरत होती है बल्कि अलग-अलग ईमेल एकाउंट, बैंक एकाउंट, सोशल नेटवर्किंग साइट और फोरम के लिए भी अलग-अलग पासवर्ड रखने होते हैं। ईटी ने कुछ ऐसे कदमों पर गौर किया, जो आपको बेजोड़ पासवर्ड बनाने में मदद कर सकते हैं। आप कुछ बातों का ध्यान रखकर सभी पासवर्ड को अच्छे से मैनेज कर सकते हैं। इन्हें पासवर्ड वॉल्ट में स्टोर कर सकते हैं और पासवर्ड बनाते वक्त होने वाली आम गलतियों से बच भी सकते हैं। क्या आपका पासवर्ड हैक हुआ है? पहले यह जांच लें कि आपका पासवर्ड किसी जोखिम में तो नहीं।www.shouldichangemypassword.com जैसी वेबसाइट आपको यह पता लगाने में मदद कर सकती हैं। इस साइट पर जाकर सिर्फ अपना ईमेल एड्रेस डालें। यह साइट ऐसे कई डाटाबेस के जरिए स्कैन करती है, जो हैकर्स की तरफ से डाले जाते हैं। अगर आपकी ईमेल आईडी किसी तरह के जोखिम में है तो यह आपको ज्यादा ब्योरा देगी और बताएगी कि कैसे आप पुख्ता पासवर्ड डाल सकते हैं। कितना मजबूत है आपका पासवर्ड? अपने पासवर्ड की मजबूती जांचना काफी जरूरी है। इसी के बूते हैकिंग की कोशिशों को रोका जा सकता है। आप अपने पासवर्ड की मजबूती माइक्रोसॉफ्ट पासवर्ड चेकर ( ( http://goo.gl/BB0zC) ) के जरिए जांच सकते हैं। जब आप अपना पासवर्ड बॉक्स में टाइप करेंगे, तो यह इसे जांचकर बताएगा कि पासवर्ड कमजोर है, मीडियम है, मजबूत (स्ट्रॉन्ग) है या बहुत मजबूत है। अगर पासवर्ड चेकर सलाह देता है कि आपका पासवर्ड कमजोर है तो आपको तुरंत इसे बदल देना चाहिए। ठोस पासवर्ड बनाएं कुछ लोग तर्क देते हैं कि पासवर्ड का जमाना लद गया है। आज सिक्योरिटी एक्सपर्ट आपको सलाह देंगे कि पास 'फ्रेज (मुहावरा)' बनाएं ताकि डाटा हैकिंग और भी मुश्किल हो जाए। माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर संजय बहल इसका आसान समाधान बताते हैं। उनके मुताबिक, 'ऐसा वाक्य सोचें जिसे आप याद रख सकें। मसलन, माई डॉटर माया इज टू ईयर ओल्ड। आप इसे अपने सिस्टम पर डालकर देखें कि यह पास 'फ्रेज' एक्सेप्ट करता है या नहीं। अगर नहीं ले तो आप इस वाक्य के हर अलफाज का पहला अक्षर लें और एक नया बेतुका सा शब्द बनाएं, जैसे 'एमडीएमआईटीवाईओ'। अगर इसे और जटिल बनाना हो तो इनमें से कुछ बड़े अक्षर रखें और कुछ छोटे (मिसाल के तौर पर mdMi2yo )। सुरक्षा के कड़े प्रबंध करने के लिए आप इसमें स्पेशल कैरेक्टर भी जोड़ सकते हैं।' कई पासवर्ड मैनेज करना ऐसे सभी बेतुके पासवर्ड याद रखना काफी जटिल काम हो सकता है। हालांकि पासवर्ड मैनेजर आपका यह काम आसान कर सकता है। इसके लिए आपwww.lastpass.com पर विजिट कर सकते हैं। इसमें उपलब्ध फ्री सॉफ्टवेयर को आप डाउनलोड करके अपने सिस्टम और वेब ब्राउजर को इससे जोड़ सकते हैं। आपको पहले अपने ईमेल एड्रेस के जरिए लास्टपास एकाउंट बनाना होगा और सिर्फ एक पासवर्ड डालना होगा। इसमें लॉग इन करने के बाद अपने सभी पासवर्ड इसमें रख सकते हैं। जब भी आप कोई एकाउंट या वेबपेज खोलेंगे, तो आपको ऑथेंटिकेशन की जरूरत होगी, फिर पासवर्ड खुद बा खुद डल जाएगा। इसमें एक फीचर है, जो आपके लिए मजबूत पासवर्ड बनाकर स्टोर भी कर सकता है। पासवर्ड किसी एक पीसी तक सीमित नहीं रहेंगे- आप वेबसाइट में लॉग इन करके किसी भी जगह से अपने पासवर्ड एक्सेस कर सकते हैं। पासवर्ड वॉल्ट्स अगर आपको अलग-अलग पासवर्ड याद रखने में दिक्कत आ रही है तो आपके पास पासवर्ड वॉल्ट्स का विकल्प है। ज्यादातर ब्राउजर के अपने वॉल्ट होते हैं। मिसाल के तौर पर अगर आप विंडोज 7 का इस्तेमाल कर रहे हैं तो यूजरनेम और पासवर्ड को स्टोर करने के लिए क्रिडेंशियल मैनेजर का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये क्रिडेंशियल्स आपके कंप्यूटर पर एक स्पेशल फोल्डर में सेव हो जाते हैं, जिन्हें वॉल्ट कहते हैं। ऐसे ही सभी ब्राउजर के अलग-अलग वॉल्ट होते हैं। स्रोत - ईकोनामिक्स टाईम
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Permalink Reply by प्रदीप भोजपुरियाPradeepBhojpuria on November 12, 2011 at 10:33pm जय भोजपुरी और प्रणाम बाबा
बडा सदुपयोगी बात बतवनी हॅ , धन्यवाद बाबा ।
Permalink Reply by FAIYAZ AHMAD [RINKU] on January 16, 2012 at 3:31pm नविन भाई जय भोजपुरी,
बहुत सुंदर और काम के जानकारी |
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