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Come, let's do something for Bhojpuri...

आंख से काजल निकालने की मिसाल अब पुरानी हो चुकी है। फिलहाल, जो जेब से मोबाइल उड़ा ले जाए वह शातिर है। आजकल मोबाइल तो हमारे शरीर का एक हिस्सा ही बन गया है। मिनट-मिनट भर बाद हम अपने मोबाइल को टच करते ही रहते हैं, और ऐसे में भी अगर मोबाइल चोरी हो जाए तो...। बहरहाल, ऐसा बहुतों के साथ हुआ है।


मोबाइल चोरों को शर्मिन्दा करना चाहते हैं तो पहले उन्हें पहचानें :

1. ये युवा होते हैं, इनके साथ फीमेल मेंबर भी हो सकती हैं।

2. ये ग्रुप में चलते हैं।

3. साफ सुथरे कपड़े पहने होते हैं।

4. अक्सर भीड़ बनाकर बस में घुसते हैं।

5. अंदर आकर आपस में या किसी 'शिकार' के साथ छोटी-मोटी झड़प करते हैं।

6. कंडक्टर के पास टिकट लेने वालों, पिछले गेट से उतरने वालों और अगले गेट से पहले खड़े होने वालों के आस-पास घेरा बना कर खड़े होते हैं।

7. भले ही ये ग्रुप में हों लेकिन एक दूसरे से अनजान बनने का नाटक करते हैं, इसके बावजूद आप गौर करें तो इन सभी के मूवमेंट में एक तालमेल देख सकते हैं। ये एक दूसरे को कवर करते हुए चलते हैं।

8. अमूमन एक या दो स्टॉप के लिए ही बस में चढ़ते हैं।

अपना मोबाइल बचाने के लिए क्या करें :

1. मोबाइल को किसी बैग में ऐसी जगह डालकर चलें जहां आसानी से निकाला न जा सके।

2. भीड़-भाड़ वाली बस में मोबाइल का कम इस्तेमाल करें।

3. मोबाइल पैंट की आगे की जेब में रखें और उसके ऊपर एक रूमाल या छोटा टॉवल रख लें, ताकि बिना उसे निकाले मोबाइल न निकाला जा सके।

4. रूमाल न हो तो जेब में अंगूठा फंसा कर खड़े हों। स्टाइलिश भी लगेंगे और मोबाइल भी बचा रहेगा।

5. बस में इधर-उधर तकने की जगह आसपास खड़े लोगों के हाथों पर गौर करें। इससे खुद तो सुरक्षित रहेंगे ही मोबाइल चोरों को भी कम मौके मिलेंगे।

6. लड़कियां पर्स में मोबाइल रखकर उसकी चेन जरूर बंद करें। पर्स की स्ट्रैप को कंधे पर टांग कर पर्स के ऊपर एक हाथ रखे रहें।

क्या न करें :

1. जैकिट या ढीले कपड़ों की बाहरी जेब में मोबाइल न रखें।

2. भीड़भाड़ में मोबाइल पर म्यूजिक सुनने से बचें। जब तक आपको पता चलेगा चोर भीड़ में गुम होकर चलती बस से कूद जाएगा।

3. चोर के पीछे चलती बस से कूदने की कोशिश न करें। आपकी जान मोबाइल से ज्यादा कीमती है।

4. अगर किसी चोर पर नजर पड़ जाए तो उससे हाथापाई न करें। ये अक्सर सर्जिकल ब्लेड से चेहरे या हाथों पर वार करते हैं। इसकी जगह शोर मचाएं और पुलिस को सूचना दें।

5. भीड़ वाली बस में चलने से बचें। मजबूरी हो तो कोशिश करें कि बस में मोबाइल चोरों के पसंदीदा ठिकानों पर न खड़े हों। खासतौर पर सर्तक रहें।

उम्मीद है कि इन टिप्स पर अमल करके आप अपने प्यारे मोबाइल को बचाने में कामयाब होंगे। इसके अलावा सजग रहेंगे तो कुछ और गुर सीखेंगे। पर नए पैंतरे सीखें तो हमें जरूर बताएं।


स्रोत - नभाटा

Tags: चोर, मोबाइल

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Replies to This Discussion

Jankariyo milal ta mobile chori bhaila ke bad.......................Jankari khatir dhanyabad
हा हा हा हा , वसंत भाई लागत बा उहे चोरवा हमरा के ई जानकारी भेजलस हा ...


हा हा हा हा हा

चली अगिला चोरी ना होखे इहे उमेद कईल जाउ ।

जय भोजपुरी
नवीन भाई जी प्रणाम !
ई हफता भाग-दौड़ से भरल रहल ह , ए से समय बहुत कम मिलल । बतवला में, कौनो शरम नाही बा... लगभग एक साल पहिले एगो मोबाइल दिल्ली के ब्लू लाइन बस में, हमरो चोरी हो भइल बा ... अपना के बहुत होशियार बूझत रहिनी हईं बाकी चोरवा ढेर होशियार निकरल... बस रोकवा के 2-3 गो के तलाशियो लेहला पे ना मिलल.. हमार साथी 45 सेकेण्ड के अन्दर हमरा नम्बर पे मिलवने बाकी .. स्विच आँफ मिलल, फेर एकट्ठा होखे लगन सन, झगरा होत होत बाचल । खैर ...नभाटा से रउआ बहुत सही जानकारी उपलब्ध करौले बानी .. ए में, लिखल कइ गो सम्भावना के हम अपनी आँखि से घटित होखत देख भइल बानी ।...
धन्यवाद एह जानकारी खातिर ... ।
अनुप भाई , प्रणाम

हमरा लागल हा की रउवा व्यस्त बानी एह से कही कुछ पढे के ना मिलल हा ( राउर लिखल ) वैसे त व्य्स्तता आज के समय मे इंसान के गहना हवे आ व्यस्त रहे के चाही ।

हमार मोबाईल के कहानी ई बा की 3 गो मोबाईल अभी तकले हमार चोरी भईल बा

1- एगो मित्र के शादी मे बदायुँ गईल रहनी आ ओजुगा एगो मित्र फोन करे खातिर मंगलन दे देहनी आ ओकरा बाद हमरा लगे ना मिलल चुकि नाच गाना मे हमनी के मय आदमी व्यस्त रहनी जा आ उ भाई जी वोही झोंक मे केहु मांगल आ वोह के दे देहलन । नोकिया 6600 ( 2004 )


2- हमार खुद के तिलक रहल गाँव पे , आ तिलक भईला के बाद आर्केस्ट्रा देखे लगनी जा फेरु 3 बजे भोर मे घरे अईनी आ घरवा मे ओसारा मे मोबाईल के मेज पे राखी के सोफा पे सुत गईनी आ सवेरे उठनी त मोबाईल ना मिलल ( चर्जिंग मे रखले रहनी , रिलायंस के टापियर मोबाईल रहे )
, वैसे ई केहु के कामे ना आई काहे की ओकरा के हर तरह से लाक करवा देहनी लेकिन ह लईका खेल सकेलन स ( बबुवा के मोबाईल आईल बा , मोबाईल मोबाईल मोबाईल ) बस ...

3- सोनी के 500 i रहे पुना मे कतहु गिर गईल की छुट गईल पते ना चलल ( एह मे दोसर सिम रखले रहनी जवना पे कम फोन आवे आ जब हम कोल्हापुर पहुंच गईनी तब मालुम पडल ।


त अगिला बेर खातिर बाके के प्रयास जारी बा अब देखल जाउ की के सफल रहत बा , वैसे जब ले चोरी नईखे होत तब ले हमनी के सफल बानी जा ।


जय भोजपुरी
जय भोजपुरी आ प्रणाम नविन भैया
बहुत काम क जानकारी देहनी ...बहुत बहुत धन्यवाद....

बाकी अगर केहू अपन आदमी ( दोस्त , मित्र सगे सम्बन्धी लोग ) चुरा लेई टी वोकारे खातिर का कईल जा सकत बा ......

हमहू अगो खो चुकल बानी .....आ उहे संगे रहे वाले भाई साहब .....

बाकी अब इ टिप्स से बहुत लोग के मोबाइल बाची आ बिना ख़रीदे उपयोग करे वाला लोग भी ख़रीदे लागी आ मोबाइल के बिक्री बढ जाई...

बहुत बहुत धन्यवाद.....

जय भोजपुरी
हमार त दू गो मोबाइल चोरी भईल आ दुनो..ट्रेन में..AC -2 tier में

एक बार आजाद हिंद एक्सप्रेस में ( महारास्त्र में ) दुपहर के नीचे वाला बर्थ पर लेटल रहनी..आ सामने वाला पर ३ गो सेल्स मैं टाइप के लोग आके बैठल...कौनो भीड़ भी ना रहे..हमार बैग हमरे सीट के नीचे रहे..लेकिन मोबाइल वोकरे साइड वाला पाकेट में....तनी झपकी लागल...आ एगो स्टेसन पर गाडी रुकल..तीनो लोग उतरल..हम इ देखे खातिर कि कौन स्टेशन ह मोबाइल khojani ...त मिलबे ना कईल...अटेंडेंट के बोला के शिकायत लिखनी..लेकिन ६ महिना बाद जबाब आईल..कि हमरा बर्थ के पास केहू बैठले ना रहे... तब दिमाग में आईल कि बिना टिकेट वाला लोगन के यात्रा रहल...
आ पिछले साल त मिर्ज़ापुर जात में चारो बर्थ में आपन परिवार रहे..आ चार्ज करे खातिर लगा के आ बैग के पीछे राख दिहनी...रात के समय देखे खातिर, जब मोबाइल खोजनी त गायब...शिकायत बड़ी मुश्किल से लिख पवनी..लेकिन पूरा स्टाफ के नज़र में इ कौनो बड़ बात ना रहे...
तबसे हम त आपन मोबाइल कहीं भी जईला में पॉकेट में ही राखिला..

वैसे सबसे अच्छा उपाय त बा कि ...गटई में एगो माला जइसन जौन आवेला वोके ही पहिन के वोहिमें मोबाइल रखल जा...
नवीन एकरा के ना बतवले बाड़......लाल, पियर ..फीता के बनल लगा के रखे में कौनो खराबो ना लागी...
मंगल सुत्र बना के हा हा हा हा हा हा

सही कहनी , हमार काकाजी त एकर नाव मंगल सुत्र राख देले बाडे आ घडी जान बुझ के ना पहिनेलन , कहेलन की जब घडी ना रही त बेर बेर टाईम देखब खातिर मोबाईल खोजाई आ गर्दन मे लटकल रही ।

वईसे ई उपाय काफी चलत बा ।

परनाम नविन भइया और साही जी !!   आज काल के चोरवा ब्लेड ले के चलत बाडन सा

jai bhojpuri bhaia

Bahut visatar se mobile ke chori hokhala se bahabe ke jankari
dehale bani bahut bahut dhnywad,

mobail ke chori yego badaka samasya ban gail baa , yeh me login ke lapadbahi
fyada utha kr chod log apan hath saf kadlrbelan, i jankari ser sabe kehu ke labha hoi

Thike kahal gail ha sawdhani me hi surasha habe

jai bhojpuri
नविन भईया प्रणाम

मोबाइल चोर सन के बारे में राउर जानकारी त एक दम सही बा. बाकिर प्रेक्टिकली हमरा संगे कबो नईखे भईल. जब इंजीनियरिंग करे खातिर गाज़ियाबाद जात रही त बाबु जी पाहिले ओहिले हमरा के मोबाइल देहनी. ऊ मोबाइल आज भी हमरा लगे बा. बाकिर आज ऊ मोबाइल हमरा आलमारी के सोभा बढावेला.

Jai Bhojpuri

संजीव भाई जी प्रक्टिकल  मत करब जी ना ता बहुत परेसानी होला  हमार भी भुला गइल बा

जय भोजपुरी सब लोग के
मोबाइल चोर के बारे में जानकारी बहुत अच्छा बा ..........एगो हमरो मोबाइल भुला गइल........आ कैसे निचे लिखत बानी

हम आरा  में पाहिले  किराया  के ही मकान में रहत रही . गर्मी के रात रहे हम सुते खातिर छत पर चल गइनी ओहिजा गइनी ता केहू ना सुतल  रहे ता हम आपन आराम से बिछा के सूत गइनी आ हमर मोबाइल नोकिया  २६३० पास में रख के सूत गइनी | जब सुबह लगभग ३ बजे जगनी ता हमर मोबाइल ना रहे फ़ोन करी ता बंद बोलत रहे .................
पूरा माकन में रहे वाला लोग के के रहे एक बार धयान दिही लोग
१. मोबाइल दूकान वाला  (आरा  के नामी दूकान )
२. नोकिया कॉल सेण्टर में काम करे वाली एगो लड़की
३. एगो आरा कॉलेज के प्रोफेसर
४. एगो माँ दुर्गा के परम भक्त (बहुत भीड़ हो  ला  )
५. हमनी के ट्रांसपोर्ट (शंकर परिवहन जवन आरा से बक्सर में बस चले ली सा )
अब बताई चोर के ना हो सके ला................

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