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साहित्य

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ई ग्रुप भोजपुरी साहित्य अउर साहित्यकारन के बढावा देवे खातिर बनावल गइल बाटे।

Website: http://www.bhojpuria.com
Location: सभका दिल मे
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साहित्य समाज के संवेदना के अभिव्यक्ति होला। समाज के मनो-भाव के प्रतिबिंबित करे में भोजपुरी साहित्य के कवनो सानी नईखे। भोजपुरी लोक साहित्य अत्यन्त समृद्ध बा। जीवन के प्रत्येक क्रियाकलाप के गीत के माध्यम से प्रस्तुत कईला के मामला में भी भोजपुरी साहित्य के समानता कवनो दोसर भाषा नईखे कर सकत।

बस अब जरूरत बावे अपना भोजपुरी साहित्य के प्रगाढता के दुर दुर तक फईलवला के। ऐही उद्देश्य से ऐह "साहित्य" के बनावल बावे।

त आई ऐजुगा भोजपुरी साहित्य के सरीया के रखल जाव ताकि समय पडला प बिना विलम्ब हमनी के ऐकर दर्शन कर सकी सन।

जय भोजपुरी

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Comment by Sanjeev Kumar on January 17, 2012 at 2:12pm

एडमिन जी प्रणाम,

आभारी बानी हम रावुर कि रवुआ "साहित्य" के बनवनी। बहुत बहुत धन्यावाद।

अब ऐजुगा मय भोजपुरी साहित्य के एके जगह रखल जा सकत बा। वईसे त ई काम बलोग अउर फोरम के माध्यम से भी हो सकत रहल हवे बाकीर साहित्य एगो अईसन चीज हवे जेकरा के जेतने नजदीक अउर जल्दी पढल जाई ओतने मन के भीतर जाई। अउर ऐजा त बलोग के उपर बलोग अईसे धरीयाला कि पुछी मत... (वईसे ई जरूरी भी बावे)।

एक बेर फेरू धन्यावाद!

संजीव

 

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