Come, let's do something for Bhojpuri...
एगो चुटकुला लेकिन कटु सत्य (पत्रकार भाई लोगन से क्षमा याचना सहित)
-------------------------------
डाक्टर के लगे एगो मरीज आईल अउर कहलस- हमरा के दिशा-मैदान गइले कई दिन हो गइल बा. जातानी बाकिर उतरत नाही बाटे। कवनो अइसन दवाई देईं जवना से हमार पेट साफ हो जाये.
डाक्टर बाबू दवाई दे के ओकरा के घर भेज दिहलें.
दूसरे दिन ऊ आदमी फिर डाक्टर के लगे आईल.- डाक्टर साहब, दवाई से कउनो फायदा नाही भइल.
डाक्टर बाबू दवाई बदल के दूसर दवाई देके भेज दिहलें.
अइसन कई दिने भईल त एक दिन डाक्टर बाबू पूछलें-
डाक्टर- का हो, कवन काम करेल?
मरीज- जी, हम मीडिया में बानी.
डाक्टर- कवने में?
मरीज- अखबार में.
डाक्टर- कउन से अख़बार में?
मरीज- %^७%५$%^७५६८* नामक हिंदी दैनिक में.
डाक्टर- अरे मरदवा इहे बतिया पहिले बतावल चाहत रहल ह न। ल ई सौ गो रूपया। जा, पहिले भर पेट खाना खा। सबेरे एकदम खुल के आई।
जय भोजपुरी
Tags: खेल-कूद, चुटकुला, लतीफा, हास्य
Permalink Reply by Bagesh Kumar Singh on November 11, 2011 at 4:25pm बहुत बढ़िया चुटकियाला बा
© 2012 Created by Admin.