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भोजपुरी पारम्परिक गीत

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भोजपुरी पारम्परिक गीत

आई सभे , एजुगा हमनी के भोजपुरी के कुछ परम्परिक गीत लिखल जाऊ, सुनल जाऊ पढ़ल जाऊ और एह गीतन के और लोगन के बतावल जाऊ जेकरा से आवे वाला पीढी के हमनी के संस्कृति के पता चलत रहे ..

Location: भोजपुरी
Members: 86
Latest Activity: Apr 14

Discussion Forum

holi ki hardic shubhkamnayee

Started by Rajesh Kumar Mar 8, 2012. 0 Replies

A colorful message to a colorful person, for a colorful day, in a colorful way,as a pray,that the colorful ray,forever stay.HAPPY HOLI.Continue

गोधन के गीत

Started by नबीन भोजपुरिया ( NB ). Last reply by Manish kumar Rai Oct 29, 2011. 4 Replies

  गोधन एगो त्योहार ह जवन हमनी के ओर बहुत मसहुर ह , एकर बिधि बिचार त हमरा ढेर नईखे मालुम लेकिन हमरा इयाद परत बा की सरेही मे से हमनी के रेंगनी के गांछी ले के आई जा आ ओहि रेंगनिया के कांटवा के कुल्हि बहिनिया दांत से छोडा छोडा के सराप दिहन स । लोग कहेला…Continue

Tags: जय, भोजपुरी, गीत, के, गोधन

विआह से जुडल कुछ गीत

Started by नबीन भोजपुरिया ( NB ). Last reply by PRADEEP PATEL Sep 2, 2011. 9 Replies

प्रणाम आ जय भोजपुरी वईसे त बिआह खातिर कुल्हि कई गो गीत बा लेकिन कुछ अईसनो गीत बाडी स जवन सामान्य नईखी स , जवन एह घरी त एकदमे नईखे गवात । चुकि भोजपुरिया समाज हमेशा से गीत संगीत प्रधान रहल बा एह से भोजपुरी मे रवुआ सभे के हर तरह के हर जगह खातिर नीमन…Continue

Tags: जय, भोजपुरी, गीत, के, बिआह

जंतसार : जांत के गीत

Started by नबीन भोजपुरिया ( NB ). Last reply by नबीन भोजपुरिया ( NB ) Feb 4, 2011. 3 Replies

प्रणाम आ जय भोजपुरी जंतसार के नाव त सब केहु सुनले होई , अगर ना त इयाद करी , जांत चलावे के बेरि मेहरारु गीत गाना गावे ली स , एह मे ना ढोलक होला ना झाल होला , खाली मेहरारुन के आपन आवाज होला । जांत त कवनो बेरा लोग चलावे ला लेकिन पहिले के जमाना मे जब…Continue

Tags: जय, भोजपुरी, गीत, जांत, जंतसार

भजन

Started by नबीन भोजपुरिया ( NB ). Last reply by नबीन भोजपुरिया ( NB ) Feb 4, 2011. 1 Reply

सरोज बहिन के पोस्ट कईल भजन हवे , बस पाठक लोगन के सुविधा खातिर एजुगा पोस्ट कई देत बानी । भजन १---मुरली हमार मुरली भइल बा चोरी, मुरलिया दिलाइ दऽ ए भाई। सूतल रहलीं कदम के छैयां धर बंसी सिरहानी, एतने में आ गइल निदिया बैरी, हो गइल मुरली के हानी, मुरलिया…Continue

Tags: जय, गीत, भोजपुरी, भजन

बिदाई के गीत

Started by नबीन भोजपुरिया ( NB ). Last reply by नबीन भोजपुरिया ( NB ) Jan 25, 2011. 1 Reply

शादी भईला के बाद , लईकी के जब बिदाई होला , भा गवना के बेर जब बिदाई होला ओह समय के मार्मिक गीत , भाव जज्बात आंखि से चुअत लोर , आस पडोस टोला के बटोराईल लोगन के आंखि से झर झर बहत लोर एगो बहुत दुख वाला समय एगो बहुत कष्ट वाला समय पैदा कई देला । भोजपुरी…Continue

Tags: गीत, के, बिदाई

सोहर

Started by नबीन भोजपुरिया ( NB ). Last reply by नबीन भोजपुरिया ( NB ) Jan 25, 2011. 3 Replies

प्रणाम आ जय भोजपुरी सोहर , हमरा उमेद बा की सब केहु के मालुम होई की सोहर का होला , कब गवाला , तबो हम तनकी सा परिचय दे देत बानी , जवना से अगर केहु के भोर परल होई त इयाद परी जाई । सोहर भोजपुरी क्षेत्र मे लईका के भईला पे गवाला जवना के सोहिलो भी कहल जाला…Continue

Tags: सोहर

नवमी के गीत

Started by नबीन भोजपुरिया ( NB ) Jan 25, 2011. 0 Replies

सरोज बहिन के पोस्ट कईल ह लेकिन संकलित करे खातिर एजुगा पोस्ट कई देत बानी आ , आसानी रही पाठक लोगन के पढे मे भी । १. हमरा शीतलऽ मइया बड़ दुलरी, मइया बड़ दुलरी मइया डोला चढ़ि आवेली हमार नगरी। जाउ हम जनतीं अइहें हमार नगरी (जाउ=यदि) मइया डगर बहरतीं…Continue

Tags: गीत, के, नवमी

पिडिया के गीत

Started by नबीन भोजपुरिया ( NB ). Last reply by नबीन भोजपुरिया ( NB ) Jan 25, 2011. 1 Reply

कवन भईया उठेले रतिया बिरतिया अवरु अधरतिया ए हरिअरे    कवन     बहिना   उठेले      भिनुसार    ए        हरि राम भईया उठेले रतिया बिरतिया अवरु अधरतिया ए हरिआरे   पारवती   बहिना   उठेले      भिनुसार    ए        हरिआरे    कवन    बहिना    लावेली   गोबर  …Continue

Tags: गीत, के, पिँडिया

भोजपुरिया डाट काम

कार्टून देखल एगो मजेदार आदत

(लेखक परिचय: मूलत: देवरिया जिला के निवासी चन्द्र प्रकाश दुबे जी भोजपुरी लेखन में एगो नया नांव हईं। फिलहाल बंगलुरु में कपडा के व्यवसाय में लागल दुबे जी के कई गो रचना पहिले अखबारन में छप चूकल बाटे। हमनी के सहयोगी वेबसाइट जय भोजपुरी डॉट कॉम पर छपल ई समसामयिक आलेख टीवी पर आ रहल कार्टून के प्रभाव पर आधारित बाटे।)

पुरनका बरगछ (कहानी)

लेखक परिचय : मूलत: गोपालगंज जिला के निवासी संजीव सिंह जी नवहा पीढी के एगो सशक्त रचनाकार बानी। फिलहाल गाजियाबाद में रह रहल संजीव जी के रचना में भोजपुरी भाषा आ संस्कृति के प्रति लगाव, आ ओकरा विकास खातिर प्रयास करे के जज्बा साफ दिखाई देला। हमनी के सहयोगी वेबसाइट जय भोजपुरी डॉट कॉम पर प्रकाशित ई कहानी सामाजिक अउर आर्थिक रुप से पिछडल एगो परिवार के दर्द बयान कइला का संगे-संगे हमनी के सामाजिक ताना-बाना पर भी कई गो सवाल खडा कइ रहल बाटे। - संपादक

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Comment by Shyam Narain Verma on August 13, 2012 at 5:40pm
गीत !
जाना ना अकेली राधे यमुना के तीर ।
यमुना नीर तीरे गईया चरावे ,
खींचे सखी लोगन के चीर ।
जाना ना अकेली राधे यमुना के तीर ।
भारी घड़ा सिर सम्हलत नाहीं ,
कसमस करत शरीर ।
जाना ना अकेली राधे यमुना के तीर ।
बाँह पकड़ी के मोड़े कलाई,
गिरावे गगरी से नीर ।
जाना ना अकेली राधे यमुना के तीर ।
हाथ जोड़ूँ पैया पड़ूँ बात ना माने ,
अजबे बाटे कान्हा बलबीर ।
जाना ना अकेली राधे यमुना के तीर ।
श्याम नारायण वर्मा
Comment by Rajesh Kumar on March 8, 2012 at 9:19am

A colorful message to a colorful person,
for a colorful day,
in a colorful way,
as a pray,
that the colorful ray,
forever stay.
HAPPY HOLI.

Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on October 27, 2011 at 7:01pm
नरियरवा जे फरेला ला घवध से ओह पर सुगा मेडराय
उ जे खबरी जनईबो आदित से सुगा दिहन जुठियाय 
उ जे मरबो रे सुगवा धनुक से सुगा गिरी मुरझाय !
उजे करवा फरेला घवध से से ओह पर सुगा मेडराय
उ जे खबरी जनईबो  आदित से सुगा देले  जुठियाय
उ जे मरबो रे सुगवा धनुक से सुगा गिरी मुरझाय !
अमरूध्वा जे फरेला घवध से से ओह पर सुगा मेडराय
उ जे खबरी जनईबो  आदित से सुगा दिहले जुठियाय
उ जे मरबो रे सुगवा धनुक से सुगा गिरी मुरझाय !
उजे सेउवा जे फरेला घवध से से ओह पर सुगा मेडराय
उ जे खबरी जनईबो  आदित से सुगा दिहले जुठियाय
आदित होईं न  सहाय देव होईं न सहाय
जय हो छठी मैया जय हो सुरुज देव !
जय भोजपुरी !
Comment by Dhananjai Rai on October 19, 2011 at 3:34pm

 

Bahut Nik lagal,धन्यबाद जी ।  Ham chahat bani chat puja ke geet ke kawano rachna bhej di ja जय भोजपुरी 

Comment by Shashikant Dubey on October 15, 2011 at 5:15pm
Bahut Nik lagal dono rachna. Ham chahat bani chat puja ke geet ke kawano rachna bhej di ja................................
Comment by Shyam Narain Verma on September 3, 2011 at 12:11pm
सुनल अरजिया हमार ए छठ माई ।
नईया पड़ल मजधार ए छठ माई ।
आई के संभार पतवार ए छठ माई ।
शादी के युग बीतल सुनी बा गोदिया हमारी ,
केतने यतन कइनी ना गृँजल किलकारी ।
सब लोग करे उपहास ए छठ माई ।
नईया पड़ल मजधार ए छठ माई ।
रोज रोज ताना मारे पड़ोस के नर नारी ,
दुनिया में हम हीं माँ रह गइनी बेचारी ।
गोदिया के कर ना उधार ए छठ माई ।
आई के संभार पतवार ए छठ माई ।
सासु ससुर सब भईलन बिपरीते ,
हर दिन रात बिते हमरा रोते रोते ।
अँचरा के राख लाज ए छठी माई ।
नईया पड़ल मजधार ए छठ माई ।
अंधन के आँख देलु कोढ़ीयन के काया ।
बहिरा सुनेलन गूँगा गावेलन माया ।
हमरो कर कल्याण ए छठ माई ।
नईया पड़ल मजधार ए छठ माई ।
मन्नत लेके आईल जे तोहरा द्वार ,
भक्त खुश होके करे जय जयकार ।
पूरा कर असरा हमार ए छठ माई ।
भर द गोदिया हमार  ए छठ माई ।
आई के संभार पतवार ए छठ माई ।
श्याम नारायण वर्मा 
Comment by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on August 31, 2011 at 5:53pm
जुगुति बताये जाव
कवन बिधि रहबो राम
जो तुहु साम बहुत दिन बितिहे
अपनी सुरतिया मोरे बहियाँ प लिखाये जाव
जुगुति बताये जाव ....
जो तुहु साम बहुत दिन बितिहेँ
बिरना बोलाइ मोको नईहर पहुंचाय जाव
जुगुति बताये ....
जो तुहु साम बहुत दिन बितिहे
बहियाँ पकरि मोके गंगा मे भसिआये जाव
जुगुति बताये जाव
कवन बिधि रहबो राम..

~ भोजपुरी लोकगीत से" करुण रस " के एगो उदाहरण
Comment by Shyam Narain Verma on June 10, 2011 at 2:30pm
शीतला मैया तोहरे पईयाँ हम पडत बानी ,
करत बानी अरज  तोहार हो ,
हम त भिखारी अईनी तोहरे दुवरिया ,
मयीया हम त भिखारी,अईनी तोहरे दुवारी
हमके दर्शन डी
बहुत  दिनों से आसरा लगाके अईनी हम गुडगाँव हो  ,
दूर दूर तक चर्चा बाटे , लोग जपेलन तोहार नाम हो !
देद दर्शन हमके मईया , पडत बानी तोहरे पाँव हो !
शीतला मैया तोहरे पईयाँ हम पडत बानी ,
करत बानी अरज  तोहार हो ,
दुखी होके जे आईल मईया , खुश भईल तोहरे पास हो !
जे भी मन्नत ले का आईल , पूरा भईल ओकर आस हो !
हमरो अरजिया सुन हो मईया , पूरा कर हमरो आस हो ! 
शीतला मैया तोहरे पईयाँ हम पडत बानी ,
करत बानी अरज  तोहार हो ,
शादी के  युग बीतल , सूनी गोदिया हमार हो !
आज भी ना गूंजें किलकारी , बिलखत हियरा हमार हो !
सब लोग करे उपहास हो माई , पूरा कर अभिलाष हो !शीतला मैया तोहरे पईयाँ हम पडत बानी ,

करत बानी अरज  तोहार हो ,

तोहरे दुवारी गूंगा बोले , कोरीया  ठीक हो करेजयजयकार हो !

कटने बाझीनी संतान पवली , खुश हो के कईली गुरगां हो !

वर्मा हमरो झोलोया भरी डी हो मईया , अईनी तोहरे द्वार हो ! 

शीतला मैया तोहरे पईयाँ हम पडत बानी ,
करत बानी अरज  तोहार हो ,
Comment by PRAKSH KUMAR on June 1, 2011 at 12:21pm
Charo dham ghumi aayini,
Khali gayini,khali re aayini,
aaho bhai sadho,aaho bhai sadho,
Payini murdaghatiya me gyanan e ram!

matiya ke deh eeho ,
matiya me mili e rama
aaho bahi sadho,aaho bhai sadho
sabheke mokam asma shanan e ram!

kahe logwa daka daale
kahe chinkar unkar khale
aaho bhai sadho,aaho bahi sadho
kahe ke dikhawe jhuta shanan e ram!
Comment by Shyam Narain Verma on May 11, 2011 at 5:35pm
पारंपरिक गीत 
एह पर गंगा हो ओह पर यमुना , बिचवा पड़ेला बलुवा रेत !
वोही बलुवा रेतवा में हरियर दुबिया , गईया चरेली अंचित !
चारी वोरी गईया घर के लौटली , बघावा रोकेला पनिघट !
छोड़ छोड़ बघवा मोर पानी घटवा , बीहने अयीबो बछवा सहित !
कहें तोहरे अम्मा हो धिकल दुधवा , कहें नयनवा ढरे नीर !
घाम के घमायील बबुवा धिकल दुधवा , खेहवे नैनवा ढरे नीर !
एक वने गयीलो दुसर वने गयीलो , तीसर वनवा बघवा  के घाट !
आव आव बघवा हो कर मोर कलेवूवा , आज आईनी बछवा सहित !
तूहूँ गईया हो लगाबू मोर बहिनिया , बछवा लगिहें भयेने  हमार !
एक पारंपरिक गीत 
 

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