JaiBhojpuri.com

Come, let's do something for Bhojpuri...

Team Admin

आपन बिहार

Information

आपन  बिहार

आपन बिहार ग्रुप बिहार में होखे वाला हर गतिवबिधि के जानकारी के खातिर बनावल बा ,

Members: 138
Latest Activity: Jan 30

Discussion Forum

नवीन भोजपुरिया ( NB )

बिहार " प्रार्थना गीत "

Started by नवीन भोजपुरिया ( NB ). Last reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) Nov 10, 2011. 2 Replies

Arvind Mishra

बिहार को मिले विशेष राज्य का दर्जा

Started by Arvind Mishra. Last reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) May 12, 2011. 1 Reply

नवीन भोजपुरिया ( NB )

सिवान बिहार का सबसे धनी डाकघर

Started by नवीन भोजपुरिया ( NB ). Last reply by NOORAIN ANSARI Apr 26, 2011. 1 Reply

नवीन भोजपुरिया ( NB )

6231 लोगन से बेसी लोगन के मुस्कान छिनलस " मुस्कान "

Started by नवीन भोजपुरिया ( NB ). Last reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) Mar 16, 2011. 2 Replies

बिहार समाचार

Loading… Loading feed

Comment Wall

Comment

You need to be a member of आपन बिहार to add comments!

शशि कुमार सिंह (SHASHI) Comment by शशि कुमार सिंह (SHASHI) on September 7, 2011 at 9:47am

सरैया में 1.20 किलो का अमरूद

मुजफ्फ़रपुर/सरैया : जैविक खाद लीची के बाद अब अमरूद में जान फूंक रहे हैं. गोविंदपुर निवासी श्रीकांत कुशवाहा उर्फ जादूगर के बाग में एक किलो बीस ग्राम वजन वाला अमरूद ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.

श्री कुशवाहा ने शंकर प्रभेद के अमरूद के पौधे को दो वर्ष पूर्व लगाया था. इसमें 17 फल लगा है. सभी का वजन साढ़े सात सौ ग्राम से अधिक है. हालांकि पौधे की ऊंचाई मात्र डेढ़ फीट है. असामान्य रूप से बड़ा फल ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.

जैविक खाद का प्रयोग

जैविक खेती के लिए गोविंदपुर मशहूर है. श्री कुशवाहा ने बताया कि जैविक खाद के प्रयोग से ही सामान्य से अधिक बड़ा फल प्राप्त हुआ है. पौधा लगाने के समय से इसमें जैविक खाद का प्रयोग कर रहे हैं. फूल निकलने पर वर्मी वास का प्रयोग किया. फल भी स्वस्थ है. अमरूद के साथ बगीचे में औषधीय पौधों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के पौधे हैं.

प्रभात खबर
शशि कुमार सिंह (SHASHI) Comment by शशि कुमार सिंह (SHASHI) on August 29, 2011 at 6:40pm

एक सितंबर से 300 मेगावाट बिजली

एनटीपीसी की आनुषंगिक इकाई करेगी आपूर्ति
पटना : बिहारवासियों को पर्याप्त बिजली मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल रंग ला रही है. राज्य सरकार के निर्देश व बिजली बोर्ड के प्रयास से एक सितंबर से बिहार को 300 मेगावाट बिजली और उपलब्ध हो जायेगी.

तीन महीने तक बिहार को मिलनेवाली इस बिजली की आपूर्ति एनटीपीसी की आनुषांगिक इकाई एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड करेगी. बिजली खरीदारी को लेकर शनिवार को हुई बैठक में बोर्ड अधिकारियों के बीच सहमति बन गयी है. एक-दो दिनों में कंपनी को प्रारंभिक राशि भी दे दी जायेगी.

बोर्ड अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार बिजली की खरीदारी के लिए बीते दिनों बिजली बोर्ड ने शार्ट टर्म कंपीटीटिव बीड जारी किया था. कई नामी-गिरामी कंपनियों ने इस निविदा प्रक्रिया में भाग लिया.

4.09 रुपये प्रति यूनिट
अगस्त के दूसरे सप्ताह तक निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गयी. निविदा में सबसे कम दर एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड की रही, जिसने बिजली बोर्ड को 4.09 रुपये प्रति यूनिट की दर से ही बिजली आपूर्ति करने की बात कही. नियमानुसार सबसे कम दर होने के कारण ही बोर्ड की उच्चस्तरीय कमेटी ने इस कंपनी से बिजली खरीदने की प्रक्रिया को मंजूरी दी.

इस बाबत बिहार राज्य विद्युत बोर्ड के अध्यक्ष प्रभात कुमार राय ने कहा कि बिहारवासियों को अधिक-से-अधिक बिजली आपूर्ति करने के लिए सितंबर से नवंबर तक हर महीने 300-300 मेगावाट बिजली खरीदी जायेगी. विभिन्न उत्पादन इकाइयों से बिहार को एनटीपीसी की उक्त ट्रेडिंग कंपनी बिजली उपलब्ध करायेगी. बोर्ड ने आगे की योजनाओं में मीडियम टर्म व लांग टर्म अवधि के लिए भी बिजली खरीदने की योजना बनायी है.

लांग टर्म के लिए 560 मेगावाट बिजली खरीदने का प्रस्ताव बिहार विद्युत विनियामक आयोग को भेजा जा चुका है. एक-दो दिनों में इसकी मंजूरी मिल जायेगी. बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि बिहारवासियों को पर्याप्त बिजली मुहैया कराने के लिए बरौनी व कांटी का आधुनिकीकरण व जीर्णोद्धार का काम चल रहा है.

बीते दिनों दिल्ली में एनटीपीसी व भेल के अधिकारियों से इस मुद्दे पर बातचीत की गयी है. इन एजेंसियों से अनुरोध किया गया है कि वे ससमय बरौनी व कांटी के आरएंडएम का काम पूरा करें, ताकि बिहारवासियों को बिजली संकट से निजात दिलायी जा सके.

* राज्य में बिजली की स्थिति
- बिहार को जरूरत 3,000 मेगावाट
- केंद्रीय सेक्टर से आवंटन 1,762 मेगावाट
- बिहार का अपना उत्पादन 100 से 120 मेगावाट
- औसतन उपलब्धता 900 से 1100 मेगावाट
- परिणाम लोड शेडिंग के कारण कई जिलों में कुछ ही घंटे होती है आपूर्ति.

प्रभात खबर

Arvind Mishra Comment by Arvind Mishra on July 26, 2011 at 12:30am
पहले लोग बिहार पे हँसते थे, अब खामोश है, बिहार के सरकार और अधिकारियों ने काफ़ी कुछ किया और विकास के आधे रास्ते मे पहुँच गये, अब असली विकास के लिए असली चीज़ों की ज़रूरत है. उद्योग धंधे के लिए बिजली चाहिए. दूसरी अनगिनत चीज़ों के लिए विशेष राज्य का दर्जा ज़रूरी है. अब केंद्र को शायद पहली बार एक नाम शामिल करना पड़ रहा है. बिहार के सारे नेता, अभिनेता, अधिकारी, कर्मचारी, व्यापारी, छात्र सभी मिलकर जोरदार माँग करेंगे तो केंद्र को विशेष का दर्जा देना भी पड़ेगा. यहाँ एकता होना माँगता है.
दूसरा पक्ष है जनता क्या कर सकती है? विकसित बिहार चाहिए तो करना पड़ेगा. सभी रहवासी, अनिवासी बिहार की जनता एवम् सभी बुद्धिज़ीवी वर्ग को कुछ अपने स्तर पर भी करना चाहिए. खाली ज़मीन हो तो उसमे पेड़ लगाएँ, कोई भवन बना दें, या स्कूल बना दें या उसमे सहयोग करें. दुकाने बना कर किसी को रोज़गार के लिए दे सकते है. लोगों के शिक्षा और रोज़गार के लिए और ग्लेमर से संबंधित कार्य कर सकते है. दहेज के विरोध और कन्या विवाह के लिए अपने स्तर पर कोई कार्य कर सकते है.
कार्य कोई भी करे ईमानदारी से करे तो ही कम समय मे तरक्की होगी नही तो लंबा इंतजार करना पड़ेगा. यह तो मान ही लिए जाय की सबके ज़िम्मे काम तो है. बिहार से प्रेम है तो करें. बिहार से आपका कोई व्यापार जुड़ा है तो भी करे. जो माटी के लाल है वे तो सबसे पहले करे.
शशि कुमार सिंह (SHASHI) Comment by शशि कुमार सिंह (SHASHI) on June 23, 2011 at 6:59pm

मुजफ्फरपुर की लीची देश में नंबर वन

मुजफ्फ़रपुर : मुजफ्फरपुर की लीची ने एक और मुकाम हासिल किया है. अब यह देश में नंबर वन बन गयी है. इंटरनेशनल पाइनेसिया लिमिटेड (आइपीएल) ने इस पर मुहर लगा दी है. सरकार ने भी यहां की लीची को जैव उत्पाद घोषित किया है. अब निर्यात होनेवाली लीची की पैकिंग थर्मोकोल के बक्से में की जायेगी, जिस पर ‘जैविक’ लिखा रहेगा. मुजफ्फ़रपुर की लीची अपनी गुणवत्ता के कारण केमिकल उत्पाद के बदले जैव उत्पाद बन कर अंतरराष्ट्रीय मार्केट में उभरी है.

दिल्ली, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, हरियाणा व लखनऊ के साथ अब यहां की लीची अंतरराष्ट्रीय मार्केट में जायेगी. यह काम आइपीएल व उद्यान निदेशालय करेंगे. अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर मुजफ्फ़रपुर की लीची के दाम तय होंगे. अनुमान है कि जैविक गुणों के कारण लीची की कीमत में पांच गुना वृद्धि होगी. यूएनओ भी मुजफ्फरपुर की जैविक लीची को प्रोत्साहन दे रहा है.

संगठन के सलाहकार डॉ विक्टर गैलन को भारत भेज कर इसका जायजा लिया गया था. डॉ गैलन ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में जैविक लीची की काफ़ी मांग है. आपूर्ति नहीं होने पर के कारण लोग दूसरे किस्म की लीची खरीदते हैं. जैविक श्रेणी में मुजफ्फ़रपुर की लीची फ़िट बैठती है.

लीची की पैकिंग अब तक कूट व लकड़ी के डिब्बों में होती रही है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता के बाद इसकी पैकिंग की विधि भी बदल जायेगी. जो लीची देश के बाहर जायेगी. उसे थर्मोकोल के डिब्बे में पैक किया जायेगा. डिब्बे पर स्पष्ट रूप से जैविक उत्पात का टैग भी लगेगा.

कई प्रखंडों में खेतीमुजफ्फरपुर में 10 हजार हेक्टेयर में लीची के बाग लगे हैं. कांटी, मोतीपुर व मीनापुर में लीची की खेती जैविक विधि से की जा रही है. इसके अलावा मुशहरी, बोचहां, गायघाट, कुढ़नी आदि प्रखंडों में खेती हो रही है. इस साल मौसम लीची के अनुकूल रहा. इससे लीची का सेल्फ लाइफ बढ़ गया.

2100 किसान79 गांवों के 1260 हेक्टेयर में लीची की जैविक खेती हो रही है. उत्पादन में 2100 किसान लगे हैं. इसका उत्पादन अंतरराष्ट्रीय स्तर जैविक मानकों को पूरा कर रहा है. यहां भी होती है लीचीबिहार के अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश व ओड़िशा में भी लीची की खेती होती है. इन इलाकों में भी लगातार लीची की फ़ार्मिग बढ़ रही है.

कोट-जैविक लीची की कीमत अब ज्यादा मिलेगी. जैविक खेती के बाद लीची उत्पादन में दोगुना बढ़ोतरी हुई है. इस बार लंबे समय तक इसकी लाली भी बरकरार थी. विजय कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, मुजफ्फरपुरदेश में मुजफ्फरपुर की शाही लीची अपने आप में खास है. दो सालों में गुणवत्ता में काफी सुधार आया है. जैविक खेती के कारण अंतरराष्ट्रीय मानक पर भी लीची खरी उतरी है. गुणवत्ता के मामले में इसका जोड़ नहीं है.डॉ डी के मिश्रा, तकनीकी निदेशक, प्रोजेक्ट आइपीएल, दिल्ली

नवीन भोजपुरिया ( NB ) Comment by नवीन भोजपुरिया ( NB ) on June 20, 2011 at 3:40pm
शशि कुमार सिंह (SHASHI) Comment by शशि कुमार सिंह (SHASHI) on June 12, 2011 at 7:52pm

आठ सौ हेक्टेयर में लगेंगे आम के पेड़

भागलपुर : सरकार ने जर्दालू आम के लिए भागलपुर को विशेष जिला चुना है. जिले में आठ सौ हेक्टेयर में आम के पेड़ लगाये जायेंगे. यह जानकारी जिलाधिकारी नर्मदेश्वर लाल ने शनिवार को कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित आम्र प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कही. इस अवसर पर तारापुर की विधायक नीता चौधरी, जिला कृषि पदाधिकारी दिनेश प्रसाद सिंह, आत्मा के परियोजना निदेशक संजय कुमार आदि उपस्थित थे.

दो सौ किस्म के आम
विश्वविद्यालय तथा किसानों द्वारा कुल दो सौ किस्म के आम प्रदर्शनी में रखे गये थे. इनमें सिंधु, नीलेशाम व नील गोवा की विशेष किस्म आकर्षण का केंद्र थीं. इसके अलावा विवि द्वारा जर्दालू, जर्दा, बांबे, सुंदर प्रसाद, हेम सागर, गुलाब खास साधारण किस्म के साथ ही हाइब्रिड के प्रभा शंकर, महमूद बहार, सुंदर लंगड़ा, अल-फजली, जवाहर, सबरी आदि को प्रदर्शनी में रखा गया थे.

इस पर चल रहा है शोध

कृषि विश्वविद्यालय में आम की मेनका व सुभाष किस्म पर शोध का कार्य चल रहा है. मेनका गुलाब खास की गुठली व सुभाष जर्दालू के गुठली से तैयार आम का पौधा है. प्रदर्शनी में पूर्णिया, तारापुर, कहलगांव, पीरपैंती, कहलगांव, सन्हौला, बीहपुर और नवगछिया के किसानों ने भाग लिया.

शशि कुमार सिंह (SHASHI) Comment by शशि कुमार सिंह (SHASHI) on June 1, 2011 at 10:43pm

एक लीची खाओ, रोग दूर भगाओ

शोध में हुआ खुलासा, तगड़े एंटी ऑक्सिडेंट होते हैं लीची में
मुजफ्फ़रपुर : सेब की तर्ज पर अब रोज एक लीची खाकर भी डॉक्टर से दूर रहा जा सकता है.

लीची में केवल विटामिन और मिनिरल्स ही नहीं मिलते हैं. इसमें तगड़े एंटी ऑक्सिडेंट होते हैं, जो बीमारियों के लिए रामबाण का काम करते हैं.

संतरा से ज्यादा विटामिन : देहरादून में मुजफ्फ़रपुर के राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों एसके पूर्बे व विशाल नाथ ने इससे संबंधित शोध पत्र पेश किया, जिसमें कहा गया है कि लीची में विटामिन के, विटामिन बी 6 व विटामिन सी नीबूं-संतरा से ज्यादा होता है. इसमें मैगनिसियम, आयरन, कैलसियम, कॉपर, फ़ॉसफ़ोरस व पोटैशियम भी प्रचुर मात्रा में होता है. कोलेस्ट्राल, सोडियम व सेचुरेटेड फ़ैट काफ़ी कम होता है.

दवाओं में आती है काम : शोध पत्र में कहा गया है कि लीची के बीज, जड़, छाल व फ़ूल का प्रयोग कई तरह की दवाएं बनाने में होता है. साथ ही इसका प्रयोग सौंदर्य प्रसाधन बनाये जाने में भी किया जाता है. लीची बगान में पास मधुमक्खी से छत्ते से जो शहद निकलती है, वो काफ़ी अच्छी होती है. इसका स्वाद भी अलग होता है. शोध पत्र में लीची के प्रयोग पर चीनियों का उदाहरण दिया है. जो लीची की छाल का प्रयोग स्मॉलपाक्स व डायरिया में करते हैं.

लीची में बड़ी मात्रा में फ़िनोलिक्स होता है, जो प्राकृतिक एंटी ऑक्सीडेंट होता है. यह काफ़ी अच्छा फ़ल है.
विशाल नाथ, वैज्ञानिक, लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फ़रपुर

Arvind Mishra Comment by Arvind Mishra on May 19, 2011 at 6:24pm

भूटान से बिजली लाने का प्रयास तेज

भूटान से बिजली लाने की दिशा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इस मसले पर विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा से बात करने के लिए वह बुधवार को दिल्ली रवाना हुए। भूटान की पनबिजली परियोजनाओं में बिहार हिस्सेदार बनना चाहता है। बिहार सीधे भूटान से इस दिशा में कोई कदम नहीं बढ़ा सकता है। इसके लिए भारत सरकार की हरी झंडी आवश्यक है।

दो दिवसीय दिल्ली दौरे में सीएम केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद से भी मिलेंगे। मई के पहले हफ्ते मुख्यमंत्री ने चार दिनों की भूटान यात्रा की थी। इस दौरान उनकी प्राथमिकता में भूटान की पनबिजली परियोजनाएं ही थीं। भूटान के प्रधानमंत्री और नरेश से बातचीत में भी उन्होंने भूटान की पनबिजली परियोजनाओं में हिस्सेदार बनने की इच्छा जताई थी। दरअसल, भूटान में भारत सरकार के सहयोग से कई पनबिजली परियोजनाओं पर काम हो रहा है। अब भी वहां लगभग 20 हजार मेगावाट क्षमता की पनबिजली की संभावना है। राज्य चाहकर भी सीधे इसमें हिस्सेदार नहीं बन सकता है। ऐसे में कृष्णा से मिलकर वह वहां की पनबिजली परियोजनाओं में बिहार को भी शेयर लगाने का अधिकार मांगेंगे। भूटान की पुनाशांग्चू की दो परियोजनाओं से भी बिहार ने बिजली की मांग रखी है। बिहार उन परियोजनाओं से कम से कम 1500 मेगावाट बिजली देने की मांग कर रहा है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार गुरुवार को सीएम केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से भी मिलेंगे। पटना में एम्स का निर्माण शीघ्र पूरा करने के साथ ही बिहार में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने की भी वह मांग रखेंगे। पटना में एम्स का निर्माण जारी है। सीएम शुक्रवार को पटना लौटेंगे।

Arvind Mishra Comment by Arvind Mishra on May 15, 2011 at 6:52pm
नए पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है बिहार
नए पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है बिहार

Source: Agency | Last Updated 12:47(15/05/11)



आर्टिकलशेयर करें
Share
1
|


पटना। विकास की नित नई गाथा लिख रहा बिहार अब पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभरकर सामने आ रहा है। जिस राज्य में प्रवेश करने से पहले लोग हजार दफा सोचते थे उस राज्य में हाल के वर्षो में पर्यटकों की संख्या में आश्यर्चजनक वृद्धि हुई है। अब तो यह दावा किया जाने लगा है कि पर्यटन के मामले में बिहार ने गोवा को पीछे छोड़ दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भूटान यात्रा से राज्य में पर्यटन उद्योग के और फलने-फूलने की आस बंधी है।

पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2010 में करीब 4.93 लाख विदेशी पर्यटक बिहार आए, जबकि इसी दौरान 1.57 करोड़ से ज्यादा देशी पर्यटकों ने यहां के धार्मिक, ऐतिहासिक और अन्य पर्यटन स्थलों का दौरा किया। वर्ष 2009 में बिहार आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या 4,23,042 थी, वहीं 2008 में मात्र 3,45,572 विदेशी पर्यटक ही बिहार पहुंचे।

इसी तरह वर्ष 2007 में बिहार आने वाले करीब एक करोड़ पर्यटकों में 1.77 लाख विदेशी पर्यटक थे। राज्य के गया जिले ने सबसे अधिक पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। पिछले साल गया में कुल 2़ 25 लाख पर्यटक पहुंचे।

राज्य के पर्यटन मंत्री सुनील कुमार पिंटू के मुताबिक मुख्यमंत्री की यात्रा के बाद यहां आने वाले भूटानी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि तय मानी जा रही है। राज्य में इन दिनों पर्यटकों की संख्या गोवा पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या को भी पार कर गई है।

पिंटू का दावा है कि बिहार में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि बिहार में बदलाव का सूचक है। उन्होंने बताया कि यूं तो प्रारंभ से ही राज्य में ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की भरमार है, लेकिन अब लोगों का बिहार के प्रति विश्वास बढ़ा है।

राज्य में पर्यटन के क्षेत्रों के अलावे सड़क और कानून की स्थिति में सुधार हो रहा है। इस कारण पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है। वह कहते हैं राज्य में पर्यटन क्षेत्र में असीम सम्भावनाएं हैं, जिसके विकास के लिए सरकार प्रयत्नशील है।

एक अनुमान के मुताबिक भूटान से आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। वर्ष 2008 में जहां भूटान से आने वाले पर्यटकों की संख्या करीब दो लाख थी, वहीं वर्ष 2010 में इसकी संख्या दोगुनी हो गई।

राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ने से पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार करने वाले भी आशान्वित हैं, लेकिन वे इस दिशा में अब भी बहुत किए जाने की आवश्यकता बताते हैं।

पटना में टूर एंड ट्रेवल्स का काम कर रहे 'ट्रेवलनेट' के प्रबंधक यू़ गणेश बताते हैं कि बिहार में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि अवश्य दर्ज की जा रही है, लेकिन अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है। आज भी पर्यटकों को यह शिकायत रहती है कि पटना के बाहर ठहरने के लिए अच्छे होटलों की व्यवस्था नहीं है।

उधर, राजगीर होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष रामकृष्ण सिंह बताते हैं कि 10 वर्ष पूर्व तक होटल व्यवसाय मंदी के दौर में पहुंच गया था। होटलों में किसी-किसी दिन ग्राहक आते थे। लेकिन 2007 के बाद स्थिति में सुधार हो रहा है। अब देसी ही नहीं, विदेशी ग्राहक भी यहां पहुंच रहे हैं। यहां 30 से अधिक होटल, धर्मशाला और 10 से अधिक लॉज हैं।

पर्यटकों से रोजगार पाने वाले रामनाथ को भी आशा है कि भूटानी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि से उनकी आय में भी वृद्धि होगी।
Arvind Mishra Comment by Arvind Mishra on May 12, 2011 at 9:57pm

विशेष राज्य का दर्जा दिलाना मुख्यमंत्री का उद्देश्य : मंत्री

 

Members (138)

नवीन भोजपुरिया ( NB ) Anup Kumar Pandey Manoj Kumar रामरक्षा मिश्र विमल Rajeev Mishra "राजीव  भोजपुरिया" sanjay kumar singh Arvind Mishra Ravi Pratap Shahi Rajnish Kumar Singh Rajeev Kumar Pandey:- Uday Narayan Ram kumar pandey NOORAIN ANSARI sanjeev kumar singh vinod kumar Sudhir Kumar Bappi Singh kumar sagar peeyush shahi Bagesh Kumar Singh शुभंम सिंह राज,shubham Dhananjai Rai lalit kumar sharma Mritunjay Kumar Singh k.narayan Anush Singh Thakur Anjana Sharma Ravi Kiran Tiwari Shyam Narain Verma AFROZ KHAN(MUSIC DIRECTOR)Mumbai
 
 
 

© 2012   Created by Admin.

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service