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दिल के कलम से-भोजपुरी गीत ग़ज़ल अउर शायरी

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दिल के कलम से-भोजपुरी गीत ग़ज़ल अउर शायरी

 एह समूह में भोजपुरी गीत ग़ज़ल अउर शायरी  अउर सम्बंधित विधा के रचना सम्मलित कइल जा सकत बा..बशर्ते ओह रचना के रचना कार के कौनो आपति ना होखे  ..बाकी एह विधा से सम्बंधित मौलिक रचना के ब्लॉग में भी प्रकाशित कइल जा सकत बा.. 

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दू लाइन हमरा दिल से

Started by नबीन भोजपुरिया ( NB ). Last reply by नबीन भोजपुरिया ( NB ) Feb 25. 269 Replies

कुछ कापी / पेस्ट गीत . कविता / गजल इत्यादि

Started by नबीन भोजपुरिया ( NB ). Last reply by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" Jan 17. 65 Replies

बिहान

Started by संजीव सिंह. Last reply by नबीन भोजपुरिया ( NB ) Dec 21, 2012. 1 Reply

लोर...

Started by संजीव सिंह. Last reply by नबीन भोजपुरिया ( NB ) Dec 14, 2012. 10 Replies

ऐह दिल से ओह दिल तक

Started by संजीव सिंह. Last reply by संजीव सिंह Nov 30, 2012. 19 Replies

क्या है जिंदगी के सपने .........

Started by dhiraj kumar yadav. Last reply by dhiraj kumar yadav May 6, 2012. 4 Replies

एक लाइन हमार एक लाइन राउर !!

Started by नबीन भोजपुरिया ( NB ). Last reply by नबीन भोजपुरिया ( NB ) Feb 1, 2012. 52 Replies

copy past facebookawa se :) :)

Started by Rohit Lal Jan 28, 2012. 0 Replies

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Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on April 17, 2013 at 3:55pm

रउरे अचरा में अइनीं 

दूध भात कोरा में खईनीं 
मय तोहरे आशीष से पईनीं 
आजू तोहरे के माई बतावे में लजईनीं 
कहेला  राजीव 
जे ना बूझल माई अचरा के महातम 
जिन्गी में उनकरा केहू नईखे आपन !!
जय भोजपुरी जिहिं जा भोजपुरी !
Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on April 13, 2013 at 4:14pm

बूढ़ रहनीं चाहे जवान 

अइसन रहे जी मुसुकान 

जईसे चौदहवीं के चान 

माई माट्टी के रहे अभिमान 

जगत में भईनीं महान !


अइसन बजावत रहीं शहनाई 

सुतलो अदिमिया जाग जाई 

रग रग में बसल भोजपुरी माई 

राग तान तनी मन पारीं सभे 

कुल्हि मन परी जाई !

राजीव, जय भोजपुरी जिहीं जा भोजपुरी !!

Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on March 2, 2013 at 7:40pm

घनघोर मचावे बदरा 

शोर मचावे बिजुरी
इ कुल्ही भावे हिया 
जब याद आवेले पिया 
की बोल सारा रा रा 
Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on February 24, 2013 at 9:37pm
ऊ जमीं नइखे आसमां नइखे 
अजी अब मनवा कईसे लागो 
उ हीत नइखे उ मीत नइखे 
सभे अझुराईले बा एहिजा त
राजीव भुलाइल बा परीत जईसे !!
Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on February 19, 2013 at 1:51pm

बदरा नदिया मांझी 

एके बात के सांझी 
मांझी गैहें मल्हार 
झूमे लगिहें बहार 
सुर थामेला पतवार 
राजीव 
देखे के मनवा बेकरार 
भले केहू कहो  गवार !!
जय गंगे मैया जय भोजपुरी  जय हिन्द !
Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on February 13, 2013 at 8:01pm

जिउ के बतिया आजू जीव के नइखे बुझात 

करेजा में ढूकी, हिया में मारे जी अब लात 
उहे ह बिरला, बुझी पाई मनवो के जज्बात 
राजीव, तनी धीर धरी के सभे गुनब इ बात
जीव जिव पे लगवले बा जी एह घरी घात !! 
जय भोजपुरी जिय भोजपुरी !!
Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on February 7, 2013 at 11:02am
   
 
भीलनी बड़ी तपस्वनी शबरी जाको नाम गुरु  मतंग कहकर गए तोहे यहीं मिलेंगे राम 
कब दर्शन देंगे राम परम हितकारी कब दर्शन देंगे राम  दीन हितकारी  
रस्ता देखत शबरी की उम्र गई सारी 
कहीं कोई कांटा  प्रभु को नहीं चुभ जाये पलकन  मग जारे चुन चुन पुष्प बिछाए 
मीठे फल चख कर नित सजाये थारी  रस्ता देखत शबरी की उम्र गई सारी!!
 
नवधा भगति कहउं तोहि पाहीं। सावधान सुनु धरु मन माहीं॥
प्रथम भगति संतन्ह कर संगा। दुसरि रति मम कथा प्रसंगा॥
 
गुरु पद पंकज सेवा तीसरि भगति अमान।
चौथि भगति मम गुन गन करइ कपट तजि गान॥
 
मंत्र जाप मम दृढ़ बिस्वासा। पंचम भजन सो बेद प्रकासा॥
छठ दम सील बिरति बहु करमा। निरत निरंतर सज्जन धरमा॥
 
सातवँ सम मोहि मय जग देखा। मोतें संत अधिक करि लेखा॥
आठवँ जथालाभ संतोषा। सपनेहुं नहिं देखइ परदोषा॥
 
नवम सरल सब सन छलहीना। मम भरोस हिय हरष न दीना॥
नव महुं एकउ जिन्ह कें होई। नारि पुरूष सचराचर कोई॥
सोइ अतिसय प्रिय भामिनी मोरें। सकल प्रकार भगति दृढ़ तोरें॥
 
 
 

समुझ प्रताप राम कपी को पाँ, सभा माझ पनी करी पद रोपा 

जो मम चरण सकसी सठ टारी , फिरहीं राम सीता मै  हारी 
गड गयो खंभ हमारो हिम्मत होए तो याहे उखाड़ो अंगद बीच सभा मैं ठाड़ो  बोलो राम जी की जय ! 
इक इक जोधा आवे अपनी सारी  शक्ति लगावे पग नहीं डिगे वीर मुसकावे  बोले राम जी की जय !
इन्द्रजीत आधिक बलवाना हरीश उठे जेहि तेहि भटनाना, सत नहीं डोले जैसे सतवंती नारी को 
मन नहीं डिगे जैसे साधू ब्रह्मचारी को अटल बिस्वास जैसे प्रभु के पुजारी को  पग है अटल यों  
अंगद बलधारी को  सभा अचंभित सारी  ऐसो नहीं देखो प्रणधारी याको राम भरोसो भारी  
बोले राम जी की जय !!
(श्री रामानंद रामायण कृत )

 

Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on November 21, 2012 at 2:35pm

तनी बोली के त देखीं
बाबु बबुआ बहिनी
दुलार के रस चूवे लागी


तनी बोली के त देखीं
भाई, भाई जी, भइया
नेह के चनरमा जागी


तनी बोली के त देखीं
आजी बाबा माई, बाबूजी
काका काकी बडकी माई
स्नेह से भरल दउरवे भागे लागी !!

कहेला राजीव भोजपुरिया
माई मट्टी के हिया से लगाईं
जिनिगीये धन्य होई जाई !

जय भोजपुरी जीहीं जा भोजपुरी !

Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on November 18, 2012 at 9:02pm

आइल बा छठ बरतिया

छनाई पुआ पूरी ठेकुआ
चऊरा गूर के लड़डुआ

मय फल दउरा सजाई 

उंखिया के लाटे किनाई 


गीत पावन जब गवाई 
आकाश पाताल पृथ्वी 
मय पवित्र होखी जाई 


माई गंगा दिहें आशीषवा 
सूरुज देव के शीश नवाई 


कहेला राजीव भोजपुरिया 

नेह छोह स्नेह के ह इ बरतिया 
छठ पूजा के हार्दिक शुभकामना बहिनी भाई !!


जय भोजपुरी जीहीं जा भोजपुरी !!
Comment by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on November 7, 2012 at 11:59pm

जहंवा बाजेला जब ढोल मृदंग औरु झाल
देहिया झूमे लागेला बनजाला गजबे ताल 
तनी जोश में खुली जाला दुनाली के नाल 
जहंवा के शहनाई गुंजल दुनिया जहान 
लोग अब भुलाइल जाता कीर्ती महान 

बिरहा फगुवा चैता के जहंवा बहे रस धार 
सोहर गारी गीत बा माई बहिनी के दुलार 
दुगोला सुनी के जी होखेला अजबे खुमार 
उहो झूमे लागेला जेकरा सई होखे बोखार 

ओइसन गावे वाला के अब खोजेला जवार 

कहेला राजीव भोजपुरिया 
माई माट्टी के सनेहिया मन में तनी तू एक हाली बसाल
जिला जवार मय संसार हिल जाई तू खाली गुन गुनाल !!

जय भोजपुरी जीहीं जा भोजपुरी !!
 

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