JaiBhojpuri.com

Come, let's do something for Bhojpuri...

चली अब हमनी के भी शायर बन जाईल जाऊ , बस हम राउर और रउवा हमार सहयोग करी और बस ताल में ताल मिलावत चलल जाऊ |

हम इक लाइन देब अब रउवा वोह लाइन से लाइन मिलावत इक लाइन जोड़ के बस दू लाइन के शायरी बना दी | लाइन बन गायीला के बाद एगो लाइन अब रउवा दे दी ...



बस एहे ख्याल राखे के बाटे की ऊ लाइन सबके सुने लायक और पढ़े लायक होखे|

Tags: भोजपुरी, शायरी

Views: 200

Replies to This Discussion

line baate ---

जब जब देखी नी उनका के ता उ नजर झुका ले ली
जब जब देखी नी उनका के ता उ नजर झुका ले ली
जुबान त खामोश रहेला, लेकिन अँखियन से जता देली...

अब अगिला लाइन :-
जाने कवन बात बा कि ऊ मुस्कुरा देली
जाने कवन बात बा कि ऊ मुस्कुरा देली,
फेरु हमरा से नजर छुपा ले ली ,
जाने कब करिहे अपना दिल के बात,
हमके एही आस में बहका देली |


अब अगिला लाइन हवे
कब ले हम छुपायी हम अपना दिल के बात
कब ले हम छुपायी अपना दिल के बात
कइसे बताईं कि अब नइखे कटत रात.
हमरा पता बा कि अइसने होई उनुकरो हाल
लेकिन तबो उनुकर नजर करे कई सवाल.

अब अगिला लाइन हवे
खामोशी से हमके ऊ फुसला देली...
खामोशी से हमके ऊ फुसला देली
हमार रात के नीद और दिन के चैन उडा देली
हम ता बेचैन हो के बस रही जानी
हमारा दिल में आग उ लगा देली |


अगिला लाइन
हमके तू काहे बरबाद कयलू
हमके तू काहे बरबाद कइलू
दिल में बार-बार इहे सवाल आवता.
वइसे प्यार सांच रहे या एकतरफा
इ सोच के मन घबराता

शायद ई रहे खुदा के मरजी,
ना त ऊ बेवफा ना हो सकेली
हमार दिल त का,
ऊ कबो एगो सीसा भी ना तूर सकेली

अगिला लाइन
सोचतानी कइसे उनुके भुलायेब हम...
सोचतानी कइसे उनुके भुलायेब हम,
अब अपना दिल के कैसे समझायिब हम,
ऊ ता बस छोड़ के चल देहली ,
अब जीए खातिर कवन उपाय लगायिब हम |


अगिला लाइन हवे

तू मिल गयिलू हमरा जमाना मिल गईल
बहाना ना चली,जमाना देखत बा,
हर मोड़ पर लोग हमके टोकत बा
अब ता वापस आ जा एह बबुनी
अब हमार दिल और कुछ न सोचत बा |

next -
मुंबई के बोम्बे कहला पे बवाल हो गईल
हम बचावे के चाही ले इ दिल का करी ,
देख के तोहके हो गईल मुश्किल अब का करी
बहुत कोशिस कयनी भुला दी तोहर चेहरा
तोहसे प्यार कई लेहलस अब हम का करी
हम बचावे के चाही ले इ दिल का करी ,


next -
भूल गयनी सब कुछ तोहर रूप न बिसरे ला
न देखनी कवन दिन रहे हो गईल हमके प्यार
वोही दिन से हमके लागल बाटे एगो अजीब से खुमार
अब ता तहरा के हर घडी देखे के मन करत बटे
चली आवा ए गोरी ना ता हम हो जयिब बीमार

next
पिया बिना कटत नईखे हमार दिन और रात
"पिया बिना कटत नईखे हमार दिन और रात,
निर्मोही पिया के ई काहे नइखे बुझात,
पैईसे कमात रह जइबा सात समुन्दर पार
केकरे भरोसे छोड़ गैएला हमके बीच मझधार
आजा जल्दी तनी कम्मे में गुजारा हो जाई
तोरे आ जईला से जिनगी ता संवर जाई?

next---

jinagi ego rangmanch ha(जिनगी एगो रंगमंच ह)
जिनगी एगो रंगमंच ह
आ हमनी के हई जा एह रंगमंच के कलाकार
ऊपर वाला के बनावल चीजन के आगे
हमनी के सब अकिल बाटे बेकार
एह से हम निहोरा करत बानी आप लोगन से
मत करी आपस में झगडा और तकरार
बस बाटत चली लोगन में दुलार और प्यार
बस एहे हवे भोजपुरिया के संस्कार
जिनगी एगो रंगमंच ह
आ हमनी के हई जा एह रंगमंच के कलाकार



हम कब ले चुप रहब

RSS

© 2012   Created by Admin.

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service