Come, let's do something for Bhojpuri...
Permalink Reply by संजीव सिंह on January 31, 2012 at 8:51am कब साथ निभावे ला लोग
लोर नियन बह जाला लोग
ऊ जमाना अउर रहे
जब लोग रोअत रहे दोसरा खातिर
आज त अपना के ही रोआ के
मुस्कुराऐ ला लोग
Permalink Reply by संजीव सिंह on January 31, 2012 at 8:57am आज हमहु एगो नेक काम
कर के आईल बानी
दिल के जयजात दोसरा के नामे
लिख के आईल बानी
प्यार त बा उनका से
ई ऊहो जानत बाडी
बाकीर कुछ मजबुरी बा कि
आँख चोरा के इनकार
कर के आईल बानी
Permalink Reply by संजीव सिंह on February 1, 2012 at 5:39pm
Permalink Reply by संजीव सिंह on February 2, 2012 at 1:10am
Permalink Reply by संजीव सिंह on April 6, 2012 at 9:00am केहु संघतीया नईखे तऽ का भईल,
हुजुम लागे के अभीयो आस बा।
मंजील भले ही होखो केतनो दुर,
जीत होई हमार ई विश्वास बा।।
Permalink Reply by संजीव सिंह on April 11, 2012 at 11:28am
Permalink Reply by संजीव सिंह on April 25, 2012 at 7:49pm पुछनी जे उनका से,
केहु दोसरा के होखे लगलू का?
ऊ हँस के कहली,
पहिले कब तोहार रहनी।
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