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का Open Book परिक्षा प्रणाली से नकल के समाप्ति / अंत हो सकेला ?

maine yahan se M. Edu.Tech. kiya usemn kai bar open book exams hote the. Mujhe laga ki open book exams meree zindgee ke sabse mushkil exams the.  Kyoki mere pas puri kitab thee par kitab men kya kahan hai yeh janana aur khojna bahut mushkil tha. time limited tha. aur multiple type or sare questions bahut hee to the points the.

8X11 ki chit bhee allowed thee kai bar par har baar mujhe laga ki isse to acche regular exams hote the.

 

To Kya open book exams Choree kee samasya ko hal karenge?

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Replies to This Discussion

MEERA DIDI CHARAN SPARSH,,,,,,,,,,,,,

HAME YE NAHI LAGTA OPEN BOOKS EXAM KISI SAMASYA KA ANT HO SAKTA HAI ...................
JAB TAK SYSTEM ME BADLAW NAHI HOGA ........................
AGAR PADHAI DHANG SE HO AUR PRASHASHNIK VYSWASTHA BHI THIK HO.........
TO HAME YE NAHI LAGTA KI CHORI KI OR LOG BHAGENGE...............
HAMNE YE DEKHA HAI KE JIS SUBJECT KI PADHAI DHANG SE NAHI HOTI US............
US SUBJECT ME BACHCHE CHORI KARNE KA PRAYASH KARTE HAIN,,,,,,,,,,,,,

TO HAM SOCHTE HAIN KI ACHCHHI PADHAI HI CHORI SAMSYA KIA SAHI HAL HAIN.................

JAI BHOJPURI AUR SUBH NAVRATRI............
मीरा जी प्रणाम
जहाँ तक आप का सवाल है ओपन बुक exam तो मै एक बात बताना चाहता हूँ .
मै एक क्लास रूम इंचार्ज हूँ जहाँ पर इंडिया के सारे आई आई ऍम जैसे iift iimk xlri iimc आदि की पढाई होती है बहुत बार ओपन बुक exam होती है पर लोगों को ज्यादा कठिनाई ईसी में होती है बहुत बार तो मै एक्स्ट्रा टाइम
भी दिया हूँ पर लोग पूरा अनश्वर नहीं दे पाते लोग बोलते हैं की इससे तो अच्छा रेगुलर exam ही अच्छा है
मुझे नहीं लगता है की ओपन बुक exam चोरी से रूक सकता है
open book exam ho ya regular exam aapko padhna to parega hi farq itna he k regular exam me aap jitna yaad kar ke aate ho yaa jo aap jaante ho likhte ho open book me aap agar kisi sawal ka jawab jaante ho fir bhi confirm hone ke liye book me dekhte ho issme time bhi pass hota he or confusion bhi,mere khayal se to regular exam hi theek he kiu ke hame pahle se prepare hona parta he or open k liye kabhi hum sochte he k ye to open book keya parhna dekh ke likh lenge,maine abhi tak teen baar open book exam diya hua he
मीरा जी, पॉव लागी आ जय भोजपुरी !!!!!

बहुत नीक बतकही सुरू कइली आप......

जहाँ तक हमार सोच बा....त परीक्षा मे चोरी के रोकला मे ओपन बुक परीक्षा से ज़्यादा कुछ फ़ायदा ना होई काहे कि परीक्षा मे खाली परीक्षार्थी ही ना चोरी करेला ओशे ज़्यादा त उनकर परिवारवाला लोग करावेला...

ओपन बुक परीक्षा त खाली परीक्षार्थी के कुछ हद तक रोक लेई बाकी उनका परिवार के, परीक्षक के, घुश लेके पेपर बदलला के, कैसै रोकाल जाई.....वॉकरा खातिर त पूरा सिस्टम के बदले के ज़रूरत बा......

आगे भी सब लोग के राय क इंतेजार बा...

जय भोजपुरी
मीरा जी प्रणाम आ जय भोजपुरी

मीरा जी Open Book Exam हमरा हिसाब से नकल रोके खातिर कवनो हल नईखे । काहे कि Open Book Exam एगो अलग प्रणाली हवे जबकि बाकी के परिक्षा जवन होला उ अलग ।

देखी अब 12वी तक हमनी के कैल्कुलेटर के परयोग ना करेनी जा लेकिन जब हमनी के इंजिनियरिंग मे जानी जा त करेनी जा काहेकि स्थिति , पढाई के सीमा रेखा एक से बढ गईल रहेला ।


Open Book Exam जहवा होला ओजुगा के स्थिति भी अईसन होला , माने एह Open Book Exam मे हमनी के ई मालुम रहे के चाही की कवन चीज कहा बा आ ओजुगा से हमरा का का लिखे के बा ।

जबकि हमनी के जवन सामान्य परिक्षा होला वोह मे हमनी के लगे एगो सीमा बनल रहेला कि एह मे से आई आ वोह के लिखे के रहेला ।



हमहु कुछ परिक्षा देले बानी जहवा Open Book Exam रहे आ ई खाली कहे खातिर Open Book Exam बा बाकि दिमाग ओतने लगावे के पडेला जेतना सामन्य परिक्षा मे लगावल जाला ।


एह से नकल भा चोरी खातिर Open Book Exam कवनो हल नईखे ।



जय भोजपुरी
मीरा जी सादर प्रणाम !
ओपेन एक्जाम प्रणाली, अपने आप में बुरा नाही बा, बाकी हमार शिक्षा आ परीक्षा के जउन ढर्रा चलत आवता, ओकरे चलते छात्रन अउरी अभिभावकन के मानसिकता कूढ़ हो गइल बा । कमजोर विद्यार्थियन के साथे-साथ पढे वाला भी मेरिट आ कम्पटीशन के चलते नकल क के बेसी नम्बर पावल चाहत बा । हमरे हिसाब से कौनो चीज के पावे खातिर, गलत रस्ता अख्तियार कइल चोरी होला, जब मन में ई भावना जगह बना लेला तब रस्ता बन्द कइले से हल ना निकरेला, बल्कि चोर मन दूसर रस्ता ढूँढ लेला ।
एसे ए मामला में जइसन कि, हमार बकिया साथी लोग के राय बा, हमहूँ इहे कहब कि पूरा तंत्र में सुधार के बादे ओपेन एक्जाम प्रणाली कारगर साबित हो सकेला ।

राउर
अनूप
hum aaj hi join kalihan ye group...
hamar pahla sandesh -
nakal ke tareka ke open book exam hi hai, abhi legal nahi hai aur agar open book exam ho gayel to legal ho jaye.
मनोज भाई प्रणाम आ जय भोजपुरी

जवन आजकल नकल हो रहल बा वोह मे किताब खोल के ना होला , वोह मे प्रश्न के उत्तर लिख के आवेला आ अगर स्थिति कंट्रोल मे नईखे त कुंजी ( ध्यान करी कुंजी हवे किताब ना ) के संगे राखल जाला आ वोह मे प्रश्न के उत्तर देख के लिखल जाला ।


कुंजी - किताब के छोट बहिन हवे जवन नकलची लोगन खातिर बहुत काम आवेले ।

वैईसे विद्या संकलन जईसन बहुत सारा अईसन कुंजी आवेलीस जवन इम्तिहान के डेढ दु महिना पहिले मार्केट मे मिले लागेली स ।


बाकि बाद मे लिखाई

जय भोजपुरी
pranam,rauar sujhav bahut theek hai,ek prayog ke tahat a teacher dwara pura path padaya gaya aur apne man se 5/10 question karne ko kaha gaya eska askar e tana achaa pada ke sab student exam ke tension se mukat ho kar gyan ke liy pad ne lage (ye pryog i i t kanpur me bahut pahle kiya gaya ki exam(not main exam) ke liy koi question paper nahi banaya gaya )
exam le ne khati naya naya prayog ho khe ke chahi........

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