सीवान : आज के आधुनिक परिवेश में हो रहे तकनीकी विकास का प्रभाव अब लोगों की जीवनशैली पर स्पष्ट दिखने लगा है. दैनिक जीवन मे तो लोग तकनीक का प्रयोग करते ही हैं, अब पूजा-पाठ में भी तकनीक ने अपना प्रभाव जमाना शुरू कर दिया है.
लोक आस्था के पर्व छठ में भी आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर कुछ लोग इसे हाइटेक बनाने में जुट गये हैं. छठ बिहार व पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है.
आजीविका के लिए इस क्षेत्र के बहुत सारे नागरिक देश के विभिन्न भागों व विदेशों तक पहुंच चुके हैं. वे चाह कर भी छठ में अपने घर नहीं पहुंच पाते. छठ के प्रसाद से वे वंचित न हों इसके लिए भोजपुरी न्यूज पोर्टल भोजपुरिया डॉट कॉम ने 2005 से ऑन लाइन आवेदन पर कुरियर के द्वारा देश-विदेश में निशुल्क छठ का प्रसाद श्रद्धालुओं तक पहुंचाने की व्यवस्था शुरू की.
न्यूज पोर्टल द्वारा शुरू इस अभियान से सीवानवासी भी इस वर्ष जुड़ गये. शहर के कचहरी रोड स्थित कंप्यूटर वाटिका के प्रबंधक राजेश तिवारी ने नेट पर छठ के प्रसाद के संबंध में विवरण पढ़ा और उत्सुकतावश प्रसाद पाने के लिए ऑन लाइन आवेदन कर दिया और भूल गये.
पिछले दिनों जब कुरियर कंपनी का एजेंट उनके यहां छठ का प्रसाद लेकर पहुंचा तो वे स्वयं आश्चर्यचकित हो गये. उन्होंने बताया कि ऑन लाइन आवेदन करने पर मुङो मिला छठ का प्रसाद.
आस्था और तकनीक का अद्भुत मेल पहली बार देखने को मिला. श्री तिवारी अब अगले वर्ष अधिक से अधिक लोगों को प्रसाद वितरण के इस ऑन लाइन अभियान से जुड़ने का आग्रह करेंगे.
वहीं मंगलवार को जब भोजपुरिया डॉट काम के संचालक मंडल के सदस्य झारखंड के जमशेदपुर निवासी सुधीर कुमार से प्रभात खबर ने दूरभाष से बात की तो उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति विशेषकर भोजपुरिया संस्कार पूरे विश्व में फैलाने के लिए हमारी टीम ने इस ऑन लाइन डिमांड पर छठ प्रसाद वितरण का अभियान 2005 में शुरू किया.
प्रत्येक वर्ष हमारे कार्यालय को बड़ी संख्या मे आवेदन प्राप्त होते हैं और आवेदक के पास छठ के पारन के दिन से कुरियर के द्वारा प्रसाद पहुंचाने का काम किया जाता है. इस वर्ष एक हजार एक श्रद्धालुओं तक हमलोगों ने छठ का प्रसाद पहुंचाया है.





