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ऑनलाइन मिल रहा है छठी मइया का प्रसाद

जमशेदपुर। "भइया, अभी ले घर से प्रसाद नइखे आइल, लेकिन रउआ लोगन के भेजल छठी माई के प्रसाद मिल गइल बा... हमरा त बुझाते नइखे कि रउआ लोगन के धन्यवाद कइसे दीहीं...", इतना कहते-कहते एरनाकुलम में इंजीनियरिंग की पढाई कर रहे राजीव कुमार का गला भर आया। ना जाने हर साल कितने ऐसे लोग फोन करते हैं भोजपुरिया डॉट कॉम को, छठी मइया का प्रसाद पाने के बाद, और ना जाने कितने लोगों को अपनी माटी, और अपने संस्कारों से जोड रही है यह वेबसाइट।
 
कहा जाता है कि छठी मईया का प्रसाद ग्रहण मात्र करने से आपके सारे दुख दूर हो जाते हैं। लेकिन अगर आप घर से दुर रहते हों, या फिर आपके घर में छठ पर्व नहीं होता है, तो भी आपको निराश होने की जरुरत नहीं है। छठी मईया का पावन प्रसाद हर साल की भांति इस साल भी ऑनलाइन उपलब्ध है। भोजपुरी भाषा व संस्कृति को समर्पित वेबसाइट भोजपुरिया डॉट कॉम ने हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी घर से दुर रहने वाले बिहार व उत्तर प्रदेश वासियों समेत हर किसी के लिए प्रसाद घर-घर पहुँचाने की मुहिम शुरु कर दी है।
 
वर्ष 2005 में शुरु की गई इस अनोखी, और दुनिया की सबसे बडी छठ प्रसाद वितरण की इस मुहिम की सबसे खास बात यह है कि यहाँ बिना किसी भेद-भाव के, हर किसी को छठ का प्रसाद भेजा जाता है। इसके लिए आपको सिर्फ भोजपुरिया डॉट कॉम पर जाकर एक ऑनलाइन फार्म भरना होता है, और उसके बाद वहाँ से कुरियर द्वारा प्रसाद आपके घर पहुँचा दिया जाता है। इस सेवा के लिए वेबसाइट किसी भी तरह का कोई शुल्क नहीं लेती, और कुरियर का खर्च भी वेबसाइट द्वारा ही वहन किया जाता है।
 
"छठी मईया के प्रसाद को भेजने की हमारी मुहिम को समाज के हर तबके द्वारा सराहा गया है। और आपको शायद यह जान कर आश्चर्य होगा कि कई मुस्लिम परिवार भी हमारे वेबसाइट द्वारा छठ का प्रसाद मँगाते हैं। पिछले साल एक्सएलआरआई, एनआईटी, आईआईटी, आईआईएम समेत कई शैक्षणिक संस्थानों में पढ रहे छात्रों, और वहाँ के प्राध्यापकों ने भी इस अभियान में बढ-चढ के हिस्सा लिया। इस वर्ष हमारे सदस्यों के सहयोग से देश के हर कोने में होने वाले छठ के आयोजन की खबरें व तस्वीरें हमारी सहयोगी वेबसाइट जयभोजपुरी डॉट कॉम पर उपलब्ध होगी," भोजपुरिया डॉट कॉम के संचालक सुधीर कुमार ने बताया।
 
अपने शुरुआत से लगातार सातवें वर्ष भी जारी, और दुनिया में अपने तरह की अकेली इस मुहिम का उद्देश्य युवा पीढी को भोजपुरी भाषा व संस्कृति से जोडे रखना है। ज्ञात हो कि भोजपुरिया डॉट कॉम भोजपुरी-भाषियों का सबसे बडा पोर्टल है, जिसने भोजपुरी भाषा व संस्कृति को लेकर देश-विदेश में कई अवार्ड जीते हैं। पिछले साल इस वेबसाइट द्वारा एक हजार से ज्यादा लोगों को छठ का प्रसाद भेजा गया था।

प्रसाद पाये खातिर एहिजा क्लिक करीं

 

Tags: chhath, prasad

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Replies to This Discussion

हर साल नियन एह साल भी एह मुहिम के मीडिया के समर्थन मिल रहल बाटे।

ई कटिंग़ आज के "प्रभात खबर" के हवे... खबर के पढे खातिर एहिजा क्लिक करीं:

http://www.prabhatkhabar.com/node/78491

 

 

ई i-next के राँची संस्करण हवे...

सुधीरजी बहुत ही नेक काम करत बानी
हमरा घरे छठी मइया के पूजा ना होला!

 गांव में रहला पर आस परोस से परसाद मिल जाला

लेकिन परदेस में आपके परयास से परसाद मिलेला

हम भोपाल में बानी 

परसाद के इंतजार रही

जय छठी मइया

jai ho chhathi mai ke...:)

 

जय हो छठ माई के जय हो अदितमल ...

 

 

भोजपुरिया डाट काम बहुत बरिआर आ नेक काम कई रहल बिआ ....

 

बहुत बहुत बधाई एह पहल खाति ....

 

जय भोजपुरी

bahut sundar !

 

jai bhojpuri jiya bhojpuri !

जय भोजपुरी आ जय छठी  माई ....!!

 

बहुत नीमन!

जय भोजपुरी

महिमा बा रावूर अपरम-अपार हे सुधीर भैया !
orkut scraps

जय भोजपुरी,

एगो सराहनीय  प्रयास, आजू की दौर में , जहाँ हर बात में लोग नफा नुक्सान देख रहल बा.

अद्भुत भक्ति के जियत जागत मिशल.

एहे असली भोजपुरी संस्कृति ह.

धन्य बनी सभे.

Times of India, Ranchi / Jamshedpur (1 NOV 2011)

 

बहुत ही अच्छा विचार है। इसकी जितनी भी सराहना की जाए कम है। मैं भी इंतजार कर रहा हूं छठ के प्रसाद का। मुझे पहले मालूम नहीं था। भाई नवीन कुमार जी ने इसके बारे में बताया तो मैंने सर के जीमेल एवं फेसबुक पर अपना पता - भजनपुरा, सी-ब्लॉक, गली नंबर 17, दिल्ली 110053 के साथ मोबाइल नंबर - भेज दिया। लेकिन अभी तक मुझे प्रसाद नहीं मिला है। माता छठी मैया आप सभी को इस पुनीत कर्तव्य के लिए आशीर्वाद दे। जय माता दी।।

 

बहुत बहुत बधाई एह खातिर  ....

जय हो छठी माई के ............

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