Come, let's do something for Bhojpuri...
सिवान। भारत के पहिलका राष्ट्रपति आ भोजपुरियन के शान डा. राजेन्द्र प्रसाद के घड़ी, जवन कि बहुत साल पहिले चोरी हो गइल रहे, अब जेनेवा में प्रकट भइल बिया। दुर्भाग्य के बात ई बा कि ओह घड़ी के नवम्बर में नीलामी होखे जा रहल बाटे। देशरत्न के जन्म दिसंबर महीना के 3 तारीख के जीरादेई (सिवान) में भइल रहे, अउर ओह समय देश-विदेश में कई गो संस्था उनका जन्मदिन के धुम-धाम से मनायेली सन।
पिछला हफ्ता उनका घडी के नीलामी के खबर अइला के बाद भोजपुरिया समाज ई माँग कइ रहल बाटे कि उनका ओह घड़ी के नीलामी पर रोक लगावल जाव, अउर ओकरा के वापस लिया के सिवान के जीरादेई स्थित उनकरा पैतृक घर में धरोहर के रूप में संभाल के राखल जाव। एह संबंध में सिवान के सांसद ओमप्रकाश यादव भारत के विदेश मंत्री का लगे एगो चिठ्ठी लिख के मांग कइले बाडन कि एह धरोहर के नीलामी से बचावे के सरकार हर संभव कोशिश करे। जय भोजपुरी परिवार के वरिष्ठ सदस्य संजय कुमार सिंह से बातचीत में ओमप्रकाश यादव एह नीलामी पर निराशा जतवलन, अउर कहलन कि एह मुद्दा पर ऊ जल्दिये प्रधानमंत्री से मिल के हस्तक्षेप के मांग करे वाला बाडन। उनका संगे-संगे एह अभियान में सिवान अउर भोजपुरिया समाज के बच्च-बच्चा खडा बा, अउर विद्धार्थी, किसान से लेके व्यावसायी तक, समाज के हर तबका के लोग अपना महापुरुष के एह निशानी के स्वदेश वापसी सुनिश्चित कइल चाहता।
एहिजा ई बतावल जरुरी बा कि भारत के पहिला राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के रोलेक्स कम्पनी ई कलाई घड़ी 26 जनवरी 1950 के भारतीय के गणतंत्र बनला के मौका पर देले रहे, जवन कि 18 कैरेट सोना के बनल बाटे, अउर ओकरा डायल पर भारत के एगो नक्शा बनल बाटे। पिछला हफ्ता मिलल जानकारी के अनुसार मशहूर नीलामी घर "सथबी" ओह घड़ी के 13 नवंबर के स्विट्ज़रलैंड में नीलाम करी।
डा. राजेंद्र प्रसाद के परपोता डा. अशोक प्रसाद, जे अब गोरखपुर में रहेलन, एह नीलामी के रोके खातिर स्विट्ज़रलैंड स्थित भारतीय राजदूत चित्रा नारायणन के दू बेर ई-मेल भेज चुकल बाडन, अउर एह घड़ी के वापस भारत ले आये के माँग कइले बाडन। अफसोस के बात ई बा कि उनका आखिरी ई-मेल भेजले एक हफ्ता से बेसी हो चुकल बा, लेकिन अभी ले उनका एह पर कवनो जबाब नइखे मिलल।
अपना ई-मेल में अशोक प्रसाद यूनेस्को के चार्टर के हवाला भी दिहले बाडन, जेकरा हिसाब से भारत सरकार एह नीलामी के रोके खातिर दख़ल दे सकेले। एह मामला में सरकार के ठंडा रवैया से निराश अशोक प्रसाद कहलन कि “अफसोस त एह बात के बा कि ई एगो राष्ट्रीय संपत्ति हवे, लेकिन सरकार एह मुद्दा पर चुप बिया। डॉ. राजेंद्र प्रसाद के विरासत एगो घड़ी के मोहताज नइखे, अउर हमनी का अपना खातिर ई नइखी मांगत जा। हमनी का आज ले सरकार से कुछ ना मंगनी जा, लेकिन अगर देश के अगर एकर क़ीमत नइखे समझ में आवत, त ठीके बा, शायद जे बोली लगा के एकरा के किनी, ऊ एकर ज़्यादा इज़्ज़त कर पाए।”
अशोक प्रसाद कहलन कि 1963 में उनका परिवार के पटना स्थित घर से ई घड़ी चोरी हो गइल रहे। वइसे ई नीलाम घर घोषणा कइले बाटे कि ई घड़ी डॉ. राजेंद्र प्रसाद के हवे, लेकिन नीलाम घर के कहनाम बा कि ई नीलामी खातिर एह वजह से राखल गइल बाटे, काहें कि चोरी के चीजन के सूची में एकर नाम नइखे।
भोजपुरिया समाज का ओर से हमनी का सरकार से मांग करब जा कि एह मामला में हस्तक्षेप कइ के एह देश के एह अनमोल थाती के नीलाम होखे से बचावल जाव। अगर सरकार 13 नवंबर तक न जागल, त भारत के पहिला राष्ट्रपति के सोना के घड़ी शायद किस्सा-कहानी के हिस्सा भर बन के रह जाई। (बीबीसी से इनपुट के साथ)
ताजा खबर के हिसाब से घडी के निलामी रुकि गईल बा
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आईं, एह घडी के भारत ले आवे खातिर विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के चिठ्ठी (ईमेल आईडी- jsxp@mea.gov.in अउर usxps@mea.gov.in ) लिखल जाव, अउर ओकर एगो कॉपी (CC) स्वीटजरलैंड स्थित भारतीय दूतावास (मेल आईडी- india@indembassybern.ch ) के भेजल जाव।
Permalink Reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) on October 24, 2011 at 2:18pm एडमिन जी प्रनाम आ जय भोजपुरी
ई बहुत ही दुखद खबर बा , बाकी अबहियो टाईम बा आ हमनी के एह निलामी के रोखे खाति आ अपना पहिला राष्ट्रपति के घडी के भारत ले आवे खाति जतना हो सकेला ओतना कईल जाउ !
मेल आई डी जवन दिहल बा ओह पे मेल भेजल जाउ , जवना से एह लोगन के नीन टुटो आ ई निलामी रुको ।
Dear Sir,
We had heard from several newspapers that our beloved First President of India Dr. Rajendra Prasad's wrist watch is going to be auctioned at Geneva. As an Indian, this hurts our sentiments, and all efforts should be made to bring-back this historical watch.
Since the watch was stolen from his house, and this particular gift (watch was gifted by Rolex) is very close to our heart, we would like to request you to stop auction of this National Asset, and bring-back the same to India.
Thanking You.
Regards,
Permalink Reply by Vikash Ranjan on October 28, 2011 at 9:01pm Adm saheb pranam, jai bhojpuriya sangh.....
e bahut hi dukhad baat baa ki hamni ke bhojpur ke na balki pure BHARAT VARSH ko jis rastrapati par naaz tha unki ghadi ko hum nilaam kar rahe hai kya hum itne napunsak ho gaye ki apni biraasat ko sambhal nahi sakte jo ki use neelaami kar rahe hai ya hum itne garib ho gaye ki apni birasat bechkar apna pet paalne ke baare me sochne lage ...............?????????? nahi aisa nahi ho sakta hum kadapi ye na.....na hone denge hamari dharti veerbhumi hai sampurna bharat vars veero se bhara pada hai....aur rahi baat hamare bihar ki to itihaans gawah hai ....... apne muh se hum kya or kyon kahe....????? mai aapke is muhim me har kadam saath hai...... bolo jai bhojpuriya pariwaar.
Jwalant topic uthawe khatir bahut bahut badhai. Pahla Deshratna jekra bare me hi khali likhal gail ba ki " Examinee is better than examiner" (abhi tak ke record ba), ke hath ghadi nilam haoi!!! Kahe bhai, Bihar me ya India me koi sanrakchan kare wala naikhe ka? Nilami har halat me ruke ke chahin? Chor ke pata lagawe ke chahin aur Gadhi Bihar me rahe ke chahin.
Dhanyabad aur Pranam!
एडमिन जी प्रणाम आ जय भोजपुरी
बहुत ही दुख के बात बा की एगो भारत के बहुमुल्य चीज़ नीलाम हो ता आ सरकार चुप बैठल बिया ई हे सौतेला ब्यावहार से मन खिन्न हो जाता ई कांग्रेस जवन वंश वाद ही ओकर सब कुच्छ ह अगर ई हे गाँधी परिवार के रहित त कबे नीलामी रुक गईल रहित लेकिन अफ़सोस बा ये लोग के ई बिचार पर खैर सब भोजपूरिया भाई लोग से निवेदन बा जहा तक हो सके कोशिश कर के ओह घड़ी के भारत मे लियावे के बा.
जय भोजपुरी
जय भारत
Mail bhej diyal gael ba.bharat sarkar ke aur indian embassy switzerland ke
Permalink Reply by Sudhir Kumar on October 24, 2011 at 2:40pm वाकई, बहुत ही शर्मनाक स्थिति बा...
हम भी ई-मेल भेज चुकल बानी...। कम से कम एतना ई-मेल त जाये के चाहीं, कि सरकार के नींद खुलो...
Sabke mail bhej dehale bani.
Permalink Reply by भास्कर रंजन "सूर्य" on October 24, 2011 at 4:20pm
Permalink Reply by Vinod Kumar, Ballia, U.P. on October 24, 2011 at 4:34pm Jaibhojpuri......jai bharat.
Bahut dukhad msg. baa ki, hamni key desh key "Ratan" Rajendra Babu key ghari, key nilami lagata......hamni khatir bahut sharam key baat ba......
Theek baa, phaley to ekrakey hokhey sey rokey key baa, yadi na safalata mili,,,,,ta Nehru khandan key joun bhi saman baa, wohu key nilami hokhey key chahi,,,,,,Nehru khandan...aaj 50 sal sey uper sey E soney key chidiya kahlawey wala desh "Hindustan" key loot rahal baa. Ab e samapt hokhey key chahi. Aab nehru key nati-pota bhi lootinhey......
Ekdam ekra khatir joun bhi karey key badi kael jaee.........Lekin Hindustan sey E banswad mita devey key baa.
Permalink Reply by Jai Prakash Choudhary on October 24, 2011 at 7:04pm This watch is a national property as like Red Fort,Tajmahal. Isliya inki nilami nahi honi chayahi, is nilami ko rokana ke liya bhart sarkar ko khas kadam uthani chayahi.
JAI BHARAT,JAI BIHAR
Permalink Reply by शशि कुमार सिंह (SHASHI) on October 24, 2011 at 7:32pm जैय भोजपुरी आ प्रणाम,
बाहुत शर्मनाक बात बा आ येह पर सरकार के रुख शर्मीन्दा करे बाला बा...........
हम मेल भेज देहनी आ हम फ़ैसला कनी ह कि रोज मेल भेजब जब्ले कोन्प पहल न होत बा ........
कहे की इ सरकार कुंभकर्ण बा येकरा जगाबे खातिर के मिल के प्रयास करल जाव
जैय भोजपुरी
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