Come, let's do something for Bhojpuri...
सब भाई बंधू लोग के पियूष तिवारी के प्रणाम बा.....
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Permalink Reply by नबीन भोजपुरिया ( NB ) on September 4, 2012 at 10:36pm पीयुष जी प्रनाम आ जय भोजपुरी
मैथिली नेपाली आ उपरा के बकियवा 20 भाषा वाला लोग जब आपस मे भेटाला मिलेला त अपने भाषावा मे बतियावेला बाकि जब भोजपुरिया लो आपस मे भेटाला मिलेला त भोजपुरी छोड के मय भाषा मे बतियावेला ।
ई सबसे बडहन कारन बा । जवना भाषा के अपना घर मे पुछताछ ना रही जे अपना माई के आदर ना करी ओकर पुछ भा ओकर आदर दोसर काहे आ कईसे करी ?
जय भोजपुरी
Permalink Reply by Piyush Tiwary on September 4, 2012 at 10:42pm ई बतिया रुआ एकदम सही कहनी ऐ भाई जी.... हम ता कई बार लोग से सुन चुकल बनी जब हम भोजपुरी में बात करीले घर से चाहे केहू भाई बंधू से मिलला पर कि काहे ई भाषा बोल तार.... हमर जवाब रहेला कि हम जब बोले के सिखत रही ता हमरा के पाहिले भोजपुरी के बोलल सिखवाल गइल ता हम काहे न बोली तब कहीं जा के लोगवा के मुड़ी शर्म से झुकेला...... अरे नाज बा जी हमरा के हम भोजपुरिया प्रदेश के एगो भोजपुरिया हई......
Permalink Reply by शशि कुमार सिंह (SHASHI) on September 5, 2012 at 12:11am सबसे बड़ कारण ईहे बा जवन नवीन भईया बतबले बानी...
दुसर ऎगो करन जवन हमरा लौउकत बा उ हs ईतिहास मे कैईल गलती जब हम्नी के हिन्दी खतीर आपन कैथी लिपी के छोड़ देहनी जा आ देव्नागरी के भोजपुरी लिखाय लागग उ हमरा समझ से बहुत बड़ गलती रहे जेकर नतीजा ब कि लोग भोजपुरी के येगो बोली कह के नीकल जाला ..
जय भोजपुरी
Permalink Reply by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on September 5, 2012 at 3:55pm sahmat baani ji ham hun
पियूष जी प्रणाम,
piyush ji jai bhojpuri a parnam |
navin bhai bahut sahi kahat bade|
bhojpuri ke aathavi anushuche me jagah na milal
ta ekar jimmedar hamani bani ja |
kahe se ki hamani bhojpuri se jada hindi bha dosar bhasha
me byavahar kareni san|jabale hamani na sudharab table ehe haal rahi |
jai bhojpuri |
Permalink Reply by Piyush Tiwary on September 5, 2012 at 7:51pm शशि भाई, आशुतोष भाई और संजय भाई प्रणाम और जय भोजपुरी,.....
piush ji pranam navin ji ke bichar se hamahu sahmat bani
पियूष जी एकर सोझ जवाब त ई बा कि भोजपुरिया लोग के अपना भाषा से प्रेम नइखे। भोजपुरी के बढि़या लेखक लोग हिन्दी में लिखेला ना कि भोजपुरी में। रउआ नागार्जुन के टक्कर के एगो नाम बता देहीं जे यात्री नाम से मैथिली में शानदार रचना करत रहीं। जेह दिन हमनी के आपसी राजनीति छोड़ के भोजपुरी के हित में सोचे लागब जा ओह दिन एह भाषा के वाजिब हक एकरा के मिल जाई।
Permalink Reply by अभिनन्दन गुप्ता on September 18, 2012 at 9:46pm नविन जि के बात से हम सहमत बानि कुछ लोग आपस मे भोजपुरी बोले मे
सर्माला और जे भोजपुरी खातिर थोड कर भि देला उ भोजपुरी के
देवता बने लागे ला जैसे राजनितिक से जुड्ल आदमी कुछ भोजपुरी गायक
और सिनेमा बनाये वाला
चुछ सीनेमा के हिरो आ चुछ भोजपुरी गाना गावे वला जेकरा के
खालि भोजपुरि समाज ना बल्कि पुरा हिन्दुश्तान जानत बाटे
ई लोग के भोजपुरी के मान सम्मान के बारे मे ओकरा के कैसे अधिकार
दिलावल जय ओकरा उपर ना बात करिहे उ त बश दिखावे लागे ले कि हम हैई भोजपुरीय हिरो मने कि जनावे लगे ल लो कि
भोजपुरी हमरा से जियत बिया त कैसे भोजपुरी आठ्वी अनुसुची मे
आई लोगन के बतावे के परि कि भोजपुरी भोजपुरिया से नैखे जियत बोल कि भोजपुरीया भोजपुरी से जियत बा
त ज्यादा सोचला से निक बा कि मिल के कुछ कैल जव
आइ भोजपुरी खातिर कुछ कैल जाव
जय भोजपुरी
Permalink Reply by RAJEEV RANJAN RATHAUR on October 1, 2012 at 8:10pm Maithali ke pichhe kahe paral wara uho apne sarir ke ang wate.
Tohar bhash naikhe ta kehu ke ta jarur ba....
pl Mr Twari dont tag this type of massege.
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