Come, let's do something for Bhojpuri...
अ आ इ ई ......से शब्द इयाद परो त एह लिंक के चटका लगाई ,आ लिखी
http://www.jaibhojpuri.com/forum/topics/3634233:Topic:217190
"क" वर्ग के शब्द इयाद परो त एह लिंक के चटका लगाई , आ लिखी
http://www.jaibhojpuri.com/forum/topics/3634233:Topic:221795
'च" औरी 'छ' से शब्द इयाद परो त एह लिंक के चटका लगाई , आ लिखी
http://www.jaibhojpuri.com/forum/topics/3634233:Topic:246587
'ज" औरी 'झ' से शब्द इयाद परो त एह लिंक के चटका लगाई , आ लिखी
http://www.jaibhojpuri.com/forum/topics/3634233:Topic:294004
अब भोजपुरी शब्दकोष के श्रृंखला में "ट" वर्ग के 'ट "औरी 'ठ "से शब्द लिखे के जरुरत महसूस होत बा ........
लेकिन तनी, ध्यान इ देवे के बा, कि एह में खाली "ट " आ "ठ " से शुरू भईल शब्द के ही लिखे के बा ,काहे की कुलही एकही में लिखे में कुल घाउच-माउच हो जात बा .......आ साथे इहो ध्यान देवे के बा ,कि एक बार में "ट" से लिखी त खाली "ट " से लिखी .......आ "ठ " से लिखी त खाली " ठ " से............ तs फिर लिखल जाव .........
टिकस
टरकल
...
....
ठकुराई
ठोकल
ठाय-ठाय
जय भोजपुरी जिया भोजपुरी ........
Tags:
Permalink Reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) on January 15, 2012 at 8:58pm ठकच के - नरेटी ले
ठन-ठन - खाली
ठोर - चोंच
ठुमरी - गायकी के एगो कला
ठोढी - दार्ही के अगिला हिस्सा जहवा फ्रेंच कट राखेला
ठलुआ - बेकार , बेरोजगार
Permalink Reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) on January 15, 2012 at 9:00pm ठोकारी - जीभि आ तारु से आवाज निकालल " ठोकारी पारल "
ठेस - गोड के अंगुरी मे घाव लागला के कहल जाला
ठकचल - भरल
Permalink Reply by Brij Kishor Tiwari on January 17, 2012 at 8:53pm टिकाईल............गाय गोरुं के टिका लगावल
टाड.......गुल्ली डंडा के टाड
टेवल ................मूंछ टेवल
टोटकह्वा .......
Permalink Reply by Brij Kishor Tiwari on January 20, 2012 at 8:28pm टुड .........गेहू के बाली के टुड
टुटहा ..........टूटल
..............
ठिलिया.................छोट घडीला ( घडा )
ठुरी ...........मकई के उ दाना ,जवन भुजला पर फूटल ना होखे
ठेपा ...........अंगूठा के ठप्पा
ठेपी ............शीशी के ढक्कन
ठेकान ........रहे के जगह
टटका,
टिकस,
टिहुकल,
टेंटुवा ,
टिनाहिया,
टिकोधा.
टिकुली,
टिमकी,
टाटी,
टहटह ,
टेन्हा,
टेंगरा,
टाँगी,
टैम,
टंगरी,
टारल,
टमटम,
टमाटर,
कुछ हो सकेला रीपीट हो गईल होखे ओकरा के इग्नोर क देम सभे
Permalink Reply by Brij Kishor Tiwari on January 22, 2012 at 8:28am बात, औरी केहु के रहित त इग्नोर कई दिहल जाईत ..........
हा हा हा हा हा हा हा हा .............
लेकिन "आशुतोष जी" के इग्नोर ना कईल जाई ........
जय हो ...........जय जय हो
ठेकल,
ठोढ़ी,
ठेंगा,
ठूंठ,
ठुन्सल,
ठुमुकल,
ठिठुरल,
ठठाईल ,
ठेंठ,
ठेहुन,
Permalink Reply by Brij Kishor Tiwari on February 9, 2012 at 8:03pm टापुक-टुईया
Permalink Reply by Brij Kishor Tiwari on February 9, 2012 at 8:05pm "टापुक-टुईया" के सही सही अर्थ केहू बतावो भाई ,हमरा सुनले एह के बहुत दिन हो गईल बा !
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