Come, let's do something for Bhojpuri...
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Permalink Reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) on December 21, 2011 at 2:41pm सतेन्दर भाई प्रनाम आ जय भोजपुरी
पहिले त धन्यवाद देब की रउवा एह लोगन के असली चेहरा आर टी आई से देखवनी , आ ई देखि के हमरा इचिको हैरानी नईखे काहे की अगर ई लो सहि रहीत लो त भोजपुरी के ई दुर्गति थोडे भईल रहित ।
अब जरुरी बा की एह कुल्हि चीजन के जनता के जरी पहुंचावल जाउ ! आ हमनी के ओरि से जतना हो सके ओतना भोजपुरी खाति कईल जाउ ...
आ एह लोगन के चाम एहि तरे देखावत रहे के बा ।
जय भोजपुरी
Permalink Reply by Satyendra Upadhyay "भोजपुरम" on December 21, 2011 at 4:10pm नबीन भाई,
अब एहनी के असली चेहरा जनता के देखावल जरूरी बाटे, लेकिन मीडिया के का कईल जाऊ
इ मीडिया नितीश के लोगन के खिलाफ लिखल नईखे चाहत, हमारा भीरी त एकर प्रमाण बाटे, एगो और आर टी आई बाटे, नितीश के सांसद लोग के फंड के बारे में, लेकिन आज ले ना मीडिया ओकर पर्दा फाश कईलस हो सकत बाटे कि संसदन से सेटिंग करत होख सन
Permalink Reply by Sudhir Kumar on December 21, 2011 at 3:13pm सत्येंद्र भाई, प्रणाम आ जय भोजपुरी,
जब ले सरकार नइखे चाहत, तब ले भोजपुरी के मान्यता नइखे मिल सकत, दोसर कुल्ह कारण सिर्फ आ सिर्फ बहाना हवे, ओह से बेसी कुछ ना... रउआ के एगो उदाहरण दिहल चाहेब, पिछला बेर मैथिली, संथाली अउर कुछ अउर भाषा आठवीं अनुसूची में शामिल भइल रहली सन, आ ओह सब भाषा में UPSC के परीक्षा हो रहल बाटे? का ऊ सब भाषा करेंसी नोट पर छापल जा रहल बाटे? ना... त फेर अइसन बहानाबाजी काहें। अगर इग्नू भोजपुरी पढा सकेले, त फेर UPSC के परीक्षा लेवे में का दिक्कत बा? रहल बात नोट के, त ओह पर अगर ढेर दिक्कत बा कि हिंदी आ अंग्रेजी के अलावा सब भाषा के ओहिजा से हटा दिहल जाव (वइसे भी नोट के नम्बर देख के पहिचानल जाला, नाकि ओह पर केहु क्षेत्रीय भाषा में लिखलका पढल जाला), आ दे दिहल जाव मान्यता...
सरकार का लगे कुछो ना करे के सौ गो बहाना होला, आ भोजपुरी के मान्यता के मामला में भी इहे हो रहल बाटे। जब ले भोजपुरिया समाज नेता लोगन के बहिस्कार ना करी, जाति-धर्म से उपर उठ के भोजपुरी खातिर वोट ना करी, एह हालात में कवनो बदलाव संभव नइखे लउकत...।
जय भोजपुरी...।
Permalink Reply by Satyendra Upadhyay "भोजपुरम" on December 21, 2011 at 4:06pm सुधीर भाई, जब नोट पर देवनागरी में बडले बाटे त भोजपुरी भी देवनागरी में ही लिखाई,
रौवा ठीके कहत बानी, अगर और लोग कुछ एह तरह के करस जा त हो सकेला की ओहनी के तानी दबाव में आ जा सन, यु पी एस सी वाला त पक्का बहाना बाटे, अब एही आर टी आई के आधार बना के फेर एगो लगावत बानी, जवाब आई त शेयर करब
Permalink Reply by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on December 21, 2011 at 5:10pm lagal rahe ke kaam ba bhaiya jee !
jai bhojpuri !
satyendar bhai parnam a jai bhojpuri |
bhaut sahi kaini raua ee rasid post kaike |
sab neta log ke jhuth samane aa gail ki bhojpuri hatir
ke ka kaile ba |
sudhir bhai sahi khale ki sarkar khali bahana karat ba
note par bhasha nalikhai tabo chali numbar se note pahichanal jala|
hamani lagal rahe ke ba |jai bhojpuri
sanjay pandey
Permalink Reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) on December 30, 2011 at 3:30pm सतेन्दर भाई
आठवा अनुसुची मे शामिल ना करे खाति जवन बहाना दिआता यु पी एस सी वाला उ एक नमर के फर्जी बहाना बा , एकर कवनो ओर छोर नईखे , काहे की कवनो चीझु के ना शामिल करे खाति आदमी 10 गो बहाना दे सकेला बाकी शामिल करे खाति एक ही बात बा उ ई बात की भोजपुरी भाषा ह आ एकर संरक्षण करे खातिर एकरा विकास खाति एकरा मे शिक्षा दीक्षा खाति एकरा मे रोजगार पैदा करे खाति पहिला जवन जरुरी काम बा उ बा आठवा अनुसुची मे शामिल कईल !
एह से ठुंठ बनावे खाति जवन जोगाड सरकार करत बिआ उ ना चली आ ना चले दिहल जाई !
जय भोजपुरी
Permalink Reply by Satyendra Upadhyay "भोजपुरम" on January 2, 2012 at 3:55pm नवीन भाई, भोजपुरी क्षेत्र के सब सांसद लोग के चिठ्ठी लिखले बानी (अबही खाली बिहार के सांसद लोग के) संसद आ गृह मंत्रालय में चिठ्ठी लिख के आवाज उठावे खातिर, नया साल में उनका लोग के मिल गईल होई , आ यु पी एस से आ पुनः गृह मंत्रालय के आर टी आई लगवले बानी, जबाब आई ओकरा बाद सरकार के घेरल जाई. सब बहाना पीछे रह जाई, कुछ और लोग संपर्क में बा ओकर मजमून दे रहल बानी
भोजपुरी माटी के पुकार
महोदया
सूचना के अधिकार २००५ के तहत मांगल गईल एगो जानकारी से इ पता चलल हा कि रउवा भोजपुरी के आठवीं अनुसूची में शामिल करे खातिर संसद चाहे गृह मंत्रालय के कबो चिठ्ठी नईखीं लिखले या मांग नईखीं कइले ।
भोजपुरिया छेत्र में आवे वाला एगो संसदीय क्षेत्र के नेतृत्त्व करे के वजह से इ राउर धर्म ही ना फर्ज भी बनत बा कि रउवा भोजपुरी के आठवीं अनुसूची में शामिल करे खातिर संसद आउर गृह मंत्रालय में आपन आवाज उठायीं आ अपना मातृभाषा के सम्मान दियवाई ।
अगिला लोक सभा चुनाव में एकर फल रउवा सब के सामने देखे के मिली, काहे कि भोजपुरिया जनता भी आपन मातृभाषा के सम्मान के लड़ाई में के के ओकरा संगे बा, पहचान गईल बिया ।
एगो भोजपुरिया जवान कतनो अपना पार्टी खातिर उत्तरदायी होई लेकिन अपना माई के भाषा (भोजपुरी) मातृभाषा के शर्त पर ना ।
एक बार हाथ जोड़ के रउवा से हमार विनती बा कि भोजपुरीए अभिमन्यु लेखा चक्रब्यूह के ६ दरवाजा के तोड़ देले बिया, सातवां दरवाजा तोड़े खातिर राउर एगो पत्र के आस जोह रहल बिया, राउर संसद में आवाज के आस जोह रहल बिया । संसद और गृह मंत्रालय में अपना विशेषाधिकार के उपयोग करते हुए चिठी लिखीं आ भोजपुरी के सम्मान दियावायीं
एह पत्र के उत्तर में एक लाइन के आशा में
राउर आपन
Permalink Reply by Satyendra Upadhyay "भोजपुरम" on January 21, 2012 at 4:23pm सुधीर भाई आ नविन भाई,
एगो आर टी आई के जबाब से ज्ञात भईल हां कि संघ लोक सेवा आयोग, संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल हर भाषा में परीक्षा लेबे खातिर बाध्य बिया, पेपर -I आ पेपर - II के छोड़ के इ दुनो पेपर हिंदी चाहे अंग्रेजी में ही होला कहे कि वैकल्पिक होला,
एगो बात हमनी के हक़ में जाई कि कुल १० गो भाषा के परीक्षा के लिपि देवनागरी हौवे,
Permalink Reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) on January 22, 2012 at 10:26pm सतेन्दर भाई , देखि जहिया ओकनी के मन बना लिहन स तहिया मिल जाई आ ना त कुछउ कई ली लोकपाल बना के राखि दिहन स !
बाकी लागल भीडल रहे के काम बा !
सतेन्दर भाई ,
जय भोजपुरी,
एगो बहुत आशावादी खबर. रउरी कोशिश के नमन.
जहाँ तक हमरा बुझाता भोजपुरी के ओकर जायज हक आ सम्मान खातिर बस एगो बरियार इछ्छा शक्ति के जरूरत बा. चाहे भोजपुरी के आठवीं अनुसूची में शामिल होखे वाला क़ानूनी बात होखे आ फिर रोजाना की बोलचाल में एकर सम्मानित प्रयोग.
अपना भीतर इमानदारी से झांकी के देखे के जरूरत बा. काहें से की आदमी अपना आप के कब्बो धोखा ना दे सकेला.
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