Come, let's do something for Bhojpuri...
अ आ इ ई ......से शब्द इयाद परो त एह लिंक के चटका लगाई ,आ लिखी
http://www.jaibhojpuri.com/forum/topics/3634233:Topic:217190
"क" वर्ग के शब्द इयाद परो त एह लिंक के चटका लगाई , आ लिखी
http://www.jaibhojpuri.com/forum/topics/3634233:Topic:221795
'च" औरी 'छ' से शब्द इयाद परो त एह लिंक के चटका लगाई , आ लिखी
http://www.jaibhojpuri.com/forum/topics/3634233:Topic:246587
अब भोजपुरी शब्दकोष के श्रृंखला में "च" वर्ग के 'ज"औरी 'झ"से शब्द लिखे के जरुरत महसूस होत बा ........
लेकिन तनी, ध्यान इ देवे के बा, कि एह में खाली "ज " आ "झ " से शुरू भईल शब्द के ही लिखे के बा ,काहे की कुलही एकही में लिखे में कुल घाउच-माउच हो जात बा .......आ साथे इहो ध्यान देवे के बा ,कि एक बार में "ज" से लिखी त खाली "ज" से लिखी .......आ "झ" से लिखी त खाली झ" से............
त फिर लिखल जाव .........
जरल
जमल
.....
.....
झोकारल ....
झमझम ....
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Permalink Reply by Brij Kishor Tiwari on July 11, 2011 at 8:21am
Permalink Reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) on July 11, 2011 at 1:15pm जगि
जोहत
जुआ ( हर मे लागेला )
जोताई
जनेरा
जामल
जनेउ
जरल
जुलपुत ( चकता लेखा निकल जाला देहि प आ खुबे हगुआवाला , लाल लाल रहेला )
जुडाईल
जुवाईल ( पुरान भईला से खराब हो जाला भा कडक हो जाला त कहल जाला )
जोन्हरी
जोबन ( हिन्दी मे यौवन कहल जाला )
जरंतियाह ( ईष्यालु )
Permalink Reply by भास्कर रंजन "सूर्य" on July 11, 2011 at 2:32pm जय
जस
जोरन
जमावल
जेंहतरी
जेंहगन
जइसन
जियल
जियत
जियावल
जनमल
जेकर
जहँवा
जकल
जुठीयावल
जुरल
जोरन
झोंकरल
झोंकल
झउँसल
झोंक
झँकझोरल
Permalink Reply by Brij Kishor Tiwari on July 11, 2011 at 7:38pm झाई
झार ..(जा झार के )
झोटा
झनक-झनक
झाग
झगडा
Permalink Reply by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on July 12, 2011 at 9:54am
Permalink Reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) on July 13, 2011 at 7:11pm जुआ (बैल के कान्हा पे )
--
जुआ आ की जुआठी होला राजीव भाई ?
आ कुछ राउर लिखलका हम पहिलही लिख देले बानी ;-)
Permalink Reply by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on July 13, 2011 at 8:17pm
Permalink Reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) on July 13, 2011 at 7:10pm
Permalink Reply by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on July 13, 2011 at 8:22pm
Permalink Reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) on July 14, 2011 at 12:33am जोलहा( एगो फतींगा ह जवना के पोंछिया मे डोरा बान्ही के उडावत रहनी जा लईकाई मे )
जुरी ( आंटी , जुटी , ना हो पाई )
जोम्ह ( गरमी , ताव , घमंड )
जोखना, जोखल ( तौले वाला , बाट बटखरा तरजुई के एगो क्रिया के नाव हवे )
जिलेबी
जीउतिया
Permalink Reply by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on July 14, 2011 at 4:21am jiutiya waah bhai jee eh se ego parv ke iyaad paral dhanyawaad !
Permalink Reply by Brij Kishor Tiwari on July 16, 2011 at 10:20pm झन - झन
झट - झट
झर - झर
झक - झक
झम - झम
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