Come, let's do something for Bhojpuri...
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Permalink Reply by Salman on July 17, 2011 at 11:36pm Kudoos Anoop!
At least one Bhopuriya thinks that way. Good thought - liked it.
Permalink Reply by jitendra rs chauhan on July 23, 2011 at 7:47pm अनूप भैया प्रणाम आ जय भोजपुरी
पहीले त धन्यवाद देब रौर के एह तरह के चोट चोट बात मगर बहुत ही महत्ता वाली बात बा,
भैया, एह मुद्दा पर त बहस होखे के चाही......जहाँ तक हम देखत बानी अपने समाज के त ई बहुत ही बड़ बात बा...आ बहुत ही गंभीर मुद्दा भी....काहे कि हमरे समाज मे लोग पहिला त महिला लोग से काम ना करावल चाहेला, आ दूसरा का महिला लोग के आज़ादी...अभी भी हम लोग वो बात के स्वीकार ना करत बानी जा कि महिला- पुरुष सब कहु के बराबर क हक बा.....
आ जहाँ तब बात बा कि पुरुष के बहरा क काम आ महिला के घर क काम, त भैया हम इहे कहब कि बस उनकर आज़ादी के भी खियाल रखी.... बाकि त अभी कुछ कहे के लायक ना भइल बानी इह मुद्दा पर जइहा होखम तब देखल जाई....बाकी रौर भैया त जवाबे नयिखे... हमेशा के तरह से एकदम जीवन के गहराई तक जा के मुद्दा उतावेली....बहुत बहुत धन्यवाद
हम सब लोगन से इहे कहब की ई बहुत ही विचारणीय मुद्दा बा ..हो सके त अपन अपन विचार देई....
जय भोजपुरी आ प्रणाम .
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