Come, let's do something for Bhojpuri...
जय भोजपुरी आ प्रणाम .............
हमनी के भोजपुरी शब्दकोष पर केतनो मेहनत करतानी जा ,ओकर कौनो फायदा नईखे मिलत ,खूब लिखल जात बा ,खूब दोरावल जात बा ......लेकिन नतीजा उहे के उहे ..........
त काहे ना.........? जइसन कि नवीन जी के सलाह बा, अइसन कईल जाव कि एह के कई भाग मे बाट के शब्दन के लिखल जाव ........
हम अभी ( अ आ इ ई .........अः )से शुरू करतानी ,अभी एह में खाली एही से आईल शब्दन के लिखे के बा ,एकर बाद फेरु ,( क ,ख,ग ........)
फेरु ,( च,छ, ज,.......)
से लिखल जाई ..........लेकिन तनी सुन ध्यान राखे के पड़ी कि ,दोहराव ना होखे पावे ........
पहिले से फोरम में आ चुकल शब्द भी लिखल जा सकेला ,
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हमरा ओरी ले ...........
अनरसा
ऐनख (ऐनक)
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अभी तक आ चुकल शब्द ........एक हाली एजुगा जरुर देखी फेरु लिखी काहे की कही पहिले त नईखे लिखा गईल वोह के तपासल जरुरी बा ।
अभी तकले 202 शब्द आ चुकल बा
| अ से | आ से | इ से | ए से | ओ से | ई से | उ से | अं से | ऊ से |
| अगोरल | आजी | इँहवा | एने | ओने | ईंटा | उतान | अंगूरी | ऊनुकर |
| अनसाईल | आन्हर | इहो | एथि | ओखर | ई का | उहो | अंजुरी | ऊनुकर |
| असों | आंठी | इँहा | एहर | ओहर | ईनार | उँहा | अन्हरिया | ऊनी |
| अरुवायिल | आदि | इनार | एकर | ओठ | ईमिरिती | उसिना | अंजोरिया | ऊखी -बिखी |
| अगराईल | आहे माहे | इरखा | एहिंग | ओकर | ईमिली | उज्जर | अंघी | |
| अज्जू | आंचर | इयार | एकोराह | ओहिंग | उडिस | अंकवारी | ||
| अरवा | आन | इनिकर | एहितरे | ओरचन | उगल | अंटी | ||
| अरघ | आलम | एवबात | ओसरा | उगिलल | अंकुसी | |||
| असल | आन्हर | ओरी | उतर | अंजोर | ||||
| अतहत | आर | ओरहन | उतरन | अंठिली | ||||
| अरुई | आसार्ह | ओर | उरिद | अंठई | ||||
| अऊँसायिल | आनका | ओहितरे | उत्तर | अंचावल | ||||
| अनेरिया | आंतर | ओखर | उसुकावल | अंतरा | ||||
| अनेरे | आतल | ओसारा | उखमजल | अंखुवाईल | ||||
| अझुराह | आव | ओखद | उ | अंखिजनी | ||||
| अझुराईल | आदिमी | ओगसुल | उंख | अंचार | ||||
| अबेर | आलमारी | ओटनी | उरुवा | |||||
| अउलाह | आसरा | ओट | उंघाईल | |||||
| अउरी | आफत | ओटना | उपर-झापर | |||||
| अतवार | ओठंघल | उधियाईल | ||||||
| अलुवा | ओठंघावल | उमिर | ||||||
| अहिवातिन | ओढना | उजबुक | ||||||
| अवंटल | ओढल | उतपाती | ||||||
| अतिबार | ओढनी | उभरल | ||||||
| अदितमल | ओदर | उसठ | ||||||
| अनघा | ओबारि | उखक | ||||||
| अनसुन | ओरियावल | उबियावल | ||||||
| अनसुना | ओलरल | उदबेगल | ||||||
| अरार | ओरमाना | उहडल | ||||||
| अलगावल | ओहार | उबिछन | ||||||
| अलोत | उघार | |||||||
| अनकर | उफर | |||||||
| अल्हर | उसुकी | |||||||
| अकुताईल | उदबाद | |||||||
| अगाडी | उदबास | |||||||
| अनोर | उचुक | |||||||
| अधिया | उठुक | |||||||
| अधही | उमी | |||||||
| अधिअउर | उल्हा | |||||||
| अनन | उलवा | |||||||
| अलफी | ||||||||
| असवार | ||||||||
| असवारी | ||||||||
| अछत | ||||||||
| अरराईल | ||||||||
| अरज | ||||||||
| अधिरजी | ||||||||
| अगुआ | ||||||||
| अलम | ||||||||
| अमझोर | ||||||||
| अरदुवाई | ||||||||
| अतलेंढ | ||||||||
| अधभेसर | ||||||||
| अधकचरा | ||||||||
| अधिजीउवा | ||||||||
| अधिका | ||||||||
| अलाव | ||||||||
| अढउल | ||||||||
| आमडा | ||||||||
| अमान | ||||||||
| अमादल | ||||||||
| अकारि | ||||||||
| अस्तर | ||||||||
| अखरल | ||||||||
| अनबन | ||||||||
| अन्हरचटकी | ||||||||
| अबे | ||||||||
| अमोला | ||||||||
| अक्सराह | ||||||||
| असर | ||||||||
| अहीर | ||||||||
| अगरवटा | ||||||||
| अदउरी |
कुछ छुटल होखे त वोह के जरुर बताई
जेकरा कवनो शब्द के माने ( अर्थ ) नईखे बुझात होखे उ पुछ सकेला ।
एक हाली एह सुची के जरुर देखी कवनो शब्द लिखे से पहिले ।
जेतना मन परत बा ओतना लिखी ।
आई भोजपुरी खातिर कुछ कईल जाउ ...
Permalink Reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) on February 1, 2011 at 11:54pm अंगूरी---अंगुली--
अंजुरी--हाँथ (माने ठीक ठाक हिंदी में का कहाई बुझात नईखे...शायद हिंदी में भी अंजुरी कहल जाला--अंजुरी भर पानी..)
अन्हरिया--कृष्ण पक्ष..
अंजोरिया--शुक्ल पक्ष.
उतान--सीधा
अगोरल--प्रतीक्षा करना
अनासाईल--अब एकर ठीक ठीक हिंदी नईखे मन पडत
अन्घी-नींद
असों- इस साल
अरुवाईल--बासी होकर खाना का खराब हो जाना..महकने लगाना, खट्टा हो जाना
Permalink Reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) on February 2, 2011 at 12:06am उतान--सीधा -- सीना ( छाती ) तान के चले के कहल जाला
Permalink Reply by amitesh on February 12, 2011 at 7:21pm ऊसर- बंजर
आल्हा- गायन शैली
एहिजुग- यहीं पर
असोरा- दरवाजे का हिस्सा
Permalink Reply by Brij Kishor Tiwari on February 2, 2011 at 7:53am अनसाईल....परेशान भ गईल ,भा उकता गईल
बेक.., तोहरा कहत कहत त हम अन्सा गईल बानी ,जा जवन मन में आवे तवन करs
Permalink Reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) on February 1, 2011 at 11:54pm
Permalink Reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) on February 2, 2011 at 12:14am जी हम एगो अलगा शब्दे लिखनी ह :-)
ओहर माने उस तरफ
एहर माने इस तरफ
एह लंगे - इस तरफ
ओह लंगे - उस तरफ
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एहर ओहर - गाजीपुर पश्चिम आ बनारस के जरी के बोली मे आवेला !
आजी -- दादी
अन्कवारी--गोद,
आन्हर --अंधा
इहवा--यंहा
एने--इधर
ओने--उधर
ओखर--ओखली
ओह़र--उधर
एथि--इ ईसा शब्द ह जवना के कवनो अर्थ नईखे..लेकिन कही कावो शब्द भुलात होखे त इ हर जगह स्टेपनी के तरह प्रयुक्त हो सकेला
अगरायील--खुश होना
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