Come, let's do something for Bhojpuri...
जालंधर। अपना देश में एक बेर फेर यूपी-बिहार के मजदूरन के पराया घोषित कइल गइल बाटे, अउर अबकी बेर ई काम राज ठाकरे आ पी. चिदंबरम नियन नेता ना, बल्कि एगो सरकारी बैंक कइले बाटे। एही देश के सरकार के अधीन चल रहल एगो बैंक यूपी-बिहार का लोगन से जवन व्यावहार कइले बा, ऊ पूरा मानवता के कलंकित करे वाला बाटे। चूंकि मजदुरी करे वाला लोगन के कपडा गंदा रहेला, ओह से यूनियन बैंक पूरा हफ्ता में ओह लोगन के खाली एक दिन बैंक आये के इजाजत देला।
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला के निवासी उदय कुमार मंगलवार के जब अपना फैक्ट्री से बस्ती-नौ स्थित यूनियन बैंक में पइसा जमा करावे गइलन, त बैंक के स्टाफ उनका से पइसा लेवे से इंकार कइ देहलस। ओकरा बाद ऊ अपना फैक्ट्री के मालिक के फोन कइ के बतवलन कि बैंक वाला लोग पइसा नइखे लेत। ई जनला के बाद जब फैक्ट्री के मालिक रविंदर गोरा बैंक में पहुंचलन, त बैंक मैनेजर उनका से कहलस कि उत्तर प्रदेश अउर बिहार के लोगन खातिर बैंक हफ्ता में एक दिन तय कइले बाटे, अउर ऊ लोग खाली ओही दिने पइसा जमा करवा सकेला। अउर एकर कारण ई बा कि मजदूर लोग बहुत ज्यादा संख्या में आयेला, अउर ओह से बैंक में साफ-सुथरा कपडा पहिन के आये वालन के परेशानी होला।
अइसन नइखे कि ई घटना खाली उदय का संगे भइल, बल्कि राम चंदर अउर संतोष का संगे भी इहे भइल। ई दोसर बात बा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के एह तरह के कवनो नोटीफिकेशन नइखे। लेकिन तबो बैंक मैनेजर तरसेम जैन एह बात के पुष्टि कइलन, अउर रविंदर गोरा से इहो कहलन कि अगर पइसा जमा कराये के बा, त रउआ कर सकेनी, लेकिन मजदूर ना।
एह संबंध में जब बैंक के जोनल प्रबंधक जेएस सोढ़ी से बात कइल गइल, त ऊ कहलन कि अइसन नियम खाली एही वजह से बनावल गइल बाटे, ताकि बैंक के बाकी ग्राहकन के कवनो दिक्कत ना होखे। एहिजा बैंक के दस गो शाखा बा, अउर हफ्ता में एक दिन वाला नियम सबमें निर्धारित बाटे। मजदूर कवनो शाखा में जाके तय दिन पर पइसा जमा करवा सकेला। एहिजा आश्चर्य के बात ई बा कि मजदूरन के हफ्ता में एक दिन अउर महीना में खाली चार दिन के सेवा देवे के जेएस सोढी ठीक मानत बाडन। उनकर कहनाम बा कि अइसन कइ के ऊ लोग मजदूरन के बेहतर सेवा देवे के कोशिश कइले बा लोग। एहिजा मजेदार बात ई बा, कि अइसन तब होखता, जब कि पंजाब में मजदूरन के लगातार कमी हो रहल बाटे, अउर मजदूरन के कमी के बात ओहिजा के उप-मुख्यमंत्री तक सकार चुकल बाडन।
एह मामला के खबर पटना पहुंचते साथ आपन लोगन का संगे हो रहल भेद-भाव के मुद्दा पर पर कुल्ह राजनितिक दल एक हो गइले सन। जद-यू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह बैंक अफसरन के एह व्यवहार के भर्त्सना करत एकरा के बिहार-उत्तर प्रदेश ही ना, बल्कि पूरा देश के अपमान करार दिहलन। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता प्रेमचंद्र मिश्रा एकरा के आपराधिक कृत्य बतावत एह मामला के वित्तमंत्री का लगे उठाये के बात कहलन। भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष डा. सीपी ठाकुर एह घटना पर खिसिया गइलन, अउर वित्त मंत्री से एह प्रकरण में हस्तक्षेप कइ के यथाशीघ्र कार्रवाई के मांग कइलन। ओहिजे, राष्ट्रीय जनता दल एकरा के संविधान से मिलल नागरिकन के मूल अधिकारन के हनन बतवलस। एह मामला के खुलासा के बाद पंजाब सरकार के कुछ मंत्री लोग भी एह मजदूरन के पक्ष में खडा होके बैंक अधिकारियन पर कारवाई के बात करता।
एहिजा ई बतावल जरुरी बा कि भारतीय रिजर्व बैंक कुल्ह राष्ट्रीयकृत बैंकन के ई निर्देश देले बा कि बैंक में ग्राहकन के संख्या बढ़ाये खातिर गरीब से गरीब लोगन के भी जोड़ल जाए। लेकिन यूनियन बैंक के ई रवैया रहल त का आम लोग बैंक से जुड़ पाई? का यूनियन बैंक के एह तुगलकी फरमान के से ई नइखे साबित होत कि एह देश में ही कुछ लोग हमनी के दोयम दर्जा के नागरिक मानेला? का केन्द्र सरकार के जबाबदेही नइखे बनत कि एह मामला में कार्यवाही करो, अउर अइसन भेदभाव राखे वाला बैंक अधिकारियन के बर्खास्त करो? सरकार के एह मामला में तुरंत दिशा-निर्देश जारी करे के चाहीं, ताकि अपना देश में केहु हमनी के पराया माने के हिम्मत ना कर सको। (भोजपुरिया डॉट कॉम)
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Bhojpuri bhaiyon aur bahino Bycot union bank,
Apana paisa union bank se nikal len
Ham Azad desh ke nagrik hai.
Permalink Reply by dinesh narayan on December 24, 2010 at 7:55am This is unconstitutional and illegal.The Govt should take such officers to task.Should this be the attitude of bank, in a so called customer friendly era,why to maintain an account with Union Bank?
Let us boycott Union Bank.
sabhi Bihar aur UP ke bhaion aur beheno se request hai ki wo apna bank account ,agar Union Bank mein hai ,to us account ko close ker ke kahin aur account khol len
जय भोजपुरी
एतना सब भईला का बाद पूरा बिहार आ उत्तर प्रदेश के लोग का यूनियन बैंक के बहिष्कार कर देबे के चाहीँ. ई रोक असंबैधानिक आ अधिकार क्षेत्र के हनन बा. सब भोजपूरिया भाई लोग का एकर विरोध करे का साथ-२ जॅन्हा-२ ई बैंक होखे ओ बैंक से सब लोग आपण रुपया निकल ळेबे के चाही.
Permalink Reply by R. Singh on December 24, 2010 at 10:41am
Permalink Reply by shailesh pathak on December 24, 2010 at 11:23am union bank raura logan ka naikhe bulawat ,ta khaye jateni , band kadi aapan khata union bank me ,eko b ranch up aur bihar me na chali union bank ke ,tab pata chali , hamhi se kamayeke ba ,humhi ke bhagawatare ee bank , ego bhojpuri ke naate hum aapan khata kal band kai dehni ,roaru sab kari ,ihe jwaba ba eekar
jai bhojpuri
Permalink Reply by Satyendra Upadhyay "भोजपुरम" on December 24, 2010 at 11:29am
Permalink Reply by shailesh pathak on December 24, 2010 at 11:48am
Permalink Reply by pramod kumar pandey on December 24, 2010 at 11:33am
Permalink Reply by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on December 24, 2010 at 12:09pm
Permalink Reply by नवीन भोजपुरिया ( NB ) on December 24, 2010 at 12:13pm बैंक के बिरोध के संगे संगे हम एगो बात जरुर कहल चाहब की यु पी बिहार के मय नेता कमजोर , जलील , इच्क्षाशक्ति के कमी , मतलबपरस्त , निर्जीव बाडे ।
एगो समय रहे जब भारत गुलाम रहे आ अंग्रेज अईसन कुल्हि बेवहार पुरा भारत के संगे करत रहलन स आ एगो आजु समय बा की यु पी बिहार के बिरोध एहि भारत मे होत बा ।
Permalink Reply by Rajeev Mishra "राजीव भोजपुरिया" on December 24, 2010 at 12:22pm
Permalink Reply by Satyendra Upadhyay "भोजपुरम" on December 24, 2010 at 12:19pm © 2012 Created by Admin.